'घुसपैठिये आपके वोट बैंक हैं, इसलिए विरोध हो रहा है', बिहार SIR पर अमित शाह का राहुल गांधी पर हमला
Amit Shah slams Rahul over Bihar SIR: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार (08 अगस्त) को बिहार के सीतामढ़ी में चुनावी रैली के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर बिहार में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया। अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी और विपक्षी नेता SIR का विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि "घुसपैठिए ही उनका वोट बैंक हैं।"
उन्होंने जनता से सवाल करते हुए कहा -''बिहार विधानसभा चुनाव से पहले, क्या वोटर लिस्ट से घुसपैठियों के नाम हटने चाहिए या नहीं? भारत का संविधान उन लोगों को वोट का अधिकार नहीं देता, जो भारत में जन्मे नहीं हैं।''

अमित शाह ने आगे कहा, "राहुल गांधी को वोट बैंक की राजनीति छोड़नी चाहिए। SIR कोई नया प्रोसेस नहीं है, इसे आपके परदादा जवाहरलाल नेहरू ने शुरू किया था और आखिरी बार यह 2003 में हुआ था। अब जब आप एक के बाद एक चुनाव हार रहे हैं, तो बिहार चुनाव में हार का बहाना पहले से ढूंढ रहे हैं।"
अमित शाह बोले- राहुल गांधी बंद करिए वोट बैंक की राजनीति
अमित शाह ने कहा, ''आज मैं राहुल गांधी जी से कहना चाहता हूं, बंद करिए वोट बैंक की राजनीति। मतदाता सूची का शुद्धिकरण पहली बार नहीं हो रहा है, आपके परदादा ने ही इसे शुरू किया था। आप चुनाव पर चुनाव हार रहे हैं, इसलिए बिहार चुनाव हारने की वजह लोगों को पहले ही बता रहे हैं।''
अमित शाह बोले- 'घुसपैठिये आपके वोट बैंक हैं, इसलिए आप विरोध कर रहे हैं'
अमित शाह ने कहा,''जो भारत में नहीं जन्मा है, उसे भारत में वोट देने का अधिकार भारत का संविधान नहीं देता है। राहुल बाबा... आप संविधान लेकर घूम रहे हो, तनिक उसे खोलकर पढ़ भी लो! घुसपैठियों को इस देश की चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लेने का कोई अधिकार नहीं है। घुसपैठिये आपके वोट बैंक हैं, इसलिए आप विरोध कर रहे हैं।''
अमित शाह ने कहा, ''घुसपैठियों को मतदाता सूची से निकालना चाहिए या नहीं। चुनाव आयोग को SIR करनी चाहिए या नहीं...मुझे बताएं, लालू प्रसाद जी, आप किसे बचाना चाहते हैं? क्या आप बांग्लादेशियों को बचाना चाहते हैं, जो बांग्लादेश से आकर बिहार वालों की नौकरी खा जाते हैं? घुसपैठियों का वोट चाहिए तो बिहार की जनता आपको स्वीकार नहीं करेगी।''
क्या है बिहार SIR?
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 24 जून 2025 को बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) शुरू किया। इसका मकसद विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट को अपडेट करना और साफ करना है। इस प्रक्रिया में बूथ-लेवल ऑफिसर्स (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी की जांच करते हैं। चुनाव आयोग ने 01 अगस्त को नई वोटर लिस्ट जारी कर दी है। इसमें 65 लाख वोटर के नाम कटे हैं। जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने भी चुनाव आयोग से जवाब मांगा है।
हालांकि, विपक्ष का आरोप है कि SIR के जरिए "वास्तविक मतदाताओं" के नाम भी मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। संसद के मानसून सत्र में INDIA गठबंधन के सांसदों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा और प्रक्रिया पर सवाल उठाए।












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