BJP के दिग्गज नेता की मेहनत पर फिरा पानी, जानिए कौन हैं अमर पासवान जिन्होंने ने दी मात
बोचहां उपचुनाव में एनडीए गठबंधन को राजद ने तगड़ा झटका दिया दिया है।
पटना, 16 अप्रैल 2022: बोचहां उपचुनाव में एनडीए गठबंधन को राजद ने तगड़ा झटका दिया दिया है। मुजफ्फ़पुर ज़िले की बोचहां सीट पर राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशी अमर पासवान ने 36 हजार से वोटों से जीत दर्ज की। अमर पासवान को 82 हज़ार 562 वोट मिले वहीं भाजपा प्रत्याशी बेबी कुमारी को 45हज़ार 909 वोटों पर सब्र करना पड़ा। इसके साथ ही वीआईपी की गीता कुमारी को 29 हज़ार 279 वोट ही मिले। भाजपा की लहर में एनडीए प्रत्याशी को मता देने वाले अमर पासवान के बार मे सभी लोग जानना चाह रहे हैं। आईए जानते हैं अमर पासवान के बारे में जिसने भाजपा उम्मीदवार को मात दी है।
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भाजपा के दिग्गज नेता भी नहीं दिला पाए जीत
बोचहां विधानसभा उपचुनाव भारतीय जनता पार्टी के लिए नाक की लड़ाई बन गई थी। केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, गिरिराज सिंह बिहार भाजपा अध्यक्ष डॉ. संजय जासवाल और बीजेपी सभी दिग्गज नेताओं ने बोचहां में बेबी कुमारी को जीत दिलाने की कोई कसर नहीं छोड़ी लेकिन इसके बावजूद सभी की उम्मीदों पर पानी फिर गया। राजद की रणनीति के आगे भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। अमर पासवान की अचानाक से सियासत में एन्ट्री नहीं हुई है। इन्हे विरासत में सियासत मिली है।ऐसे इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि ये मुजफ्फरपुर के दिग्गज नेता रहे मुसाफिर पासवान के बेटा हैं।

भाइ बहनो में सबसे छोटे हैं अमर पासवाल
अमर पासवान कुल 9 भाई बहन हैं जिसमें वह सबसे छोटे हैं। सात बहनें अमर पासवान से बड़ी हैं और दो भाई हैं। आपको बता दें कि बिहार के बाहर अमर पासवान की ज्यादातर पढ़ाई हुई है। बैंगलोर से उन्होंने एमबीए किया है। इसके साथ ही वह क्रिकेट के खिलाड़ी भी रह चुके हैं। वहीं उनकी शादी सिख लड़की से हुई है। अपने पिता (मुसाफिर पासवान) की तबियत बिगड़ने पर वह उनके साथ रहे। यहां तक की पिता की मौत के बाद मुखाग्नि भी उन्होंने ही दी थी। पिता के मौत के बाद से ही मुसाफिर पासवान के सियासी उत्तराधिकारी के तौर पर अमर पासवान को देखा जाने लगा था।

करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं अमर
बोचहां विधान सभा उपचुनाव के लिए तीन दलों के उम्मीदवारों में टक्कर की लड़ाई देखी जा रही थी। जिसमें आरजेडी से अमर पासवान, भाजपा से प्रत्याशी बेबी कुमारी और वीआईपी से गीता कुमारी चुनावी मैदान में थी। क्या आप जानते हैं कि इन तीनों में सबसे ज्यादा संपत्ति के किसकी है। इन तीनों प्रत्याशियों में अमर पासवान के पास करीब 15 करोड़ रुपये की संपत्ति है। वहीं 28 लाख रुपये कैश के साथ ही बैंक खाते में 2.63 करोड़ रुपये जमा है। इन सबके करीब 10 करोड़ रुपये से ऊपर की संपत्ति है। अमर पासवान भी अपने पिता की दी हुई शिक्षा का इस्तेमाल करते हुए बिहार में एनडीए गठबंधन के सत्ता में रहने के बावजूद अपने सियासी दांव से भाजपा प्रत्याशी बेबी कुमारी को मात दी। ग़ौरतलब है कि उनके खिलाफ़ भाजपा के दिग्गज नेताओं ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी लेकिन इसके बावजूद वह घबराए घबराए नहीं और मजबूती के साथ कामयाबी हासिल की।

अमर पासवान को मिली विरासत में सियासत
आपको बता दें कि बोचहां विधानसभा से मुसाफिर पासवान दो बार विधायक रह चुके थे। उनकी बिहार की सभी सियासी पार्टी के आलाकमान से अच्छी बनती थी। कुछ महीने पहले मुसाफिर पासवान की मौत हो गई थी जिसके बाद बोचहां सीट पर उपचुनाव हुए और उनके बेटे अमर पासवान ने अपने पिता की गद्दी हासिल की। इसलिए ही कहा जा रहा है कि अमर पासवान को विरासत में सियासत मिली है। उन्होंने सियासी दांव पेंच अपने पिता से ही सीखा था। उनके पिता पहले मुजफ्फरपुर के मजदूर नेता थे। धीरे-धीरे वह संघर्ष करते हुए उन्होंने अपनी एक अलग मुक़ाम बनाई।
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