AIMIM ने बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र कसी कमर, राणा रंजीत सिंह को ढाका सीट से बनाया उम्मीदवार
AIMIM, Asaduddin Owaisi Bihar News: विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी इस समय बिहार के दो दिवसीय दौरे पर हैं। रविवार को मोतिहारी के अपने दौरे के दौरान उन्होंने पूर्वी चंपारण के ढाका निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी उम्मीदवार की घोषणा की।
AIMIM की टिकट पर राणा रंजीत सिंह चुनावी दंगल में उतरेंगे। ओवैसी ने नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए मतदाताओं से उन्हें सत्ता से बाहर करने की अपील की। उन्होंने लालू यादव पर AIMIM के चार विधायकों को तोड़कर उनकी पार्टी को कमजोर करने का आरोप लगाया। ओवैसी ने कहा कि, मैं इस बार इसे चौबीस तक पहुंचा दूंगा।

सियासी जानकारों की मानें तो राणा रंजीत सिंह को AIMIM का उम्मीदवार घोषित करना बिहार चुनाव के लिए ओवैसी की रणनीति में एक महत्वपूर्ण कदम है। सिंह जैसे उम्मीदवारों को मैदान में उतारकर ओवैसी पार्टी की सियासी ज़मीन मज़बूत कर रहे हैं। इसके साथ ही स्थापित राजनीतिक हस्तियों को भी चुनौती दे रहे हैं।
पिछली चुनौतियों के बावजूद ओवैसी बिहार में AIMIM के भविष्य को लेकर आशावादी हैं। पार्टी को जीवित और संपन्न बनाए रखने के लिए उनकी प्रतिबद्धता विविध आवाज़ों का प्रतिनिधित्व करने के प्रति उनका समर्पण चुनाव में फ़ायदा पहुंचा सकता है। चुनाव के नज़दीक आते ही, ओवैसी पूरे बिहार में बदलाव के लिए समर्थन जुटाने की वकालत कर रहे हैं।
ओवैसी के नेतृत्व में AIMIM के लिए आगामी विधानसभा चुनाव एक महत्वपूर्ण अवसर बन सकता हैं। रणनीतिक उम्मीदवारों के चयन और लक्षित अभियानों के साथ, वह बिहार के राजनीतिक परिदृश्य को काफी प्रभावित कर सकते हैं। एआईएमआईएम नेता ने सरकार और विपक्षी दलों दोनों की आलोचना की और पिछले 35 सालों में मुसलमानों के लिए उनके योगदान पर सवाल उठाए।
ओवैसी ने कहा कि बिहार में बीजेपी की मौजूदगी के लिए लालू यादव और नीतीश कुमार जिम्मेदार हैं। उनके कामों की वजह से ही बीजेपी आगे बढ़ी। मतदाताओं से आग्रह किया कि इन नेताओं को पिछले रिकॉर्ड पर जवाब भी तलब करें। वक्फ कानून के विरोध प्रदर्शन के दौरान जिस तरह 15 मिनट के लिए लाइट बंद कर दी थी।
इस तरह अब अपने वोट के जरिए राजनीति से ठगने वाले नेताओं की बत्ती गुल कर दें। उनका संदेश स्पष्ट था: नेतृत्व में बदलाव का समय आ गया है। बहरहाल लोकसभा चुनाव में शिवहर से सियासी दांव खेल चुके राणा रणजीत सिंह को अब ढाका में परचम लहरा पाते हैं या नहीं, जनता कितना प्यार देती है यह तो परिणाम ही बताएगा, लेकिन उनके उम्मीदवारी की घोषणा ने सियासी पारा ज़रूर चढ़ा दिया है।












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