बिहार में AAP अलग लड़ेगी चुनाव, जानिए क्या होगा मुद्दा, कैसे बनेंगे समीकरण, क्या होगी पार्टी की रणनीति?
AAP Politics In Bihar: लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर सियासी पार्टियां राजनीतिक ज़मीन तलाशने में जुट गई हैं। वहीं बिहार में लोकसभा के साथ ही विधानसभा चुनाव को लेकर चुनावी चर्चा तेज़ हो चुकी है। इसी क्रम में बिहार में आम आदमी पार्टी के विधानसभा चुनाव लड़ने की चर्चा पर सियासी पारा चढ़ चुका है।
वन इंडिया हिंदी से आम आदमी बिहार के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार ने खास बातचीत की। उन्होंने बेबाकी से अपनी बात रखते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी अब राष्ट्रीय पार्टी बन चुकी है। हम लोग हर प्रदेश में ज़मीनी स्तर पर पार्टी को मज़बूत कर रहे हैं।

बिहार में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी ने सिम्बॉल नहीं दिया था, लेकिन इस बार विधानसभा में हम लोग चुनावी ताल ठोकने वाले हैं। हम लोगों का एक ही मुद्दा है, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार। बिहार में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था बद से बदतर है। रोज़गार के सिर्फ लॉलीपॉप दिए गए हैं।
बिहार में अगर रोज़गार के अवसर होते तो लोग पलायन नहीं करते, कृषि क्षेत्र में बदइंतज़ामी की वजह से किसान परेशान हैं। बिहार सरकार प्रदेश के युवाओं को रोज़गार नहीं दे पा रही है, किसानों की समस्याओं का हल नहीं निकल रहा है। मरीज़ों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रही हैं। छात्रों को स्कूल में सुविधाएं नहीं हैं। कही बरामदे पर तो कहीं खुले आसमान के नीचे छात्र शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं।
सुशील कुमार ने कहा कि आम आदमी पार्टी का एक ही लक्ष्य है, आम आदमी को हर बुनियादी सुविधा (शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार) मुहैया कराई जाए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से दिल्ली और पंजाब में लोगों के हितों में फ़ैसले लिए जा रहे हैं। उसी तर्ज़ पर बिहार में भी विकास का सवेरा होगा।
आम आदमी पार्टी बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए ज़मीनी तौर पर एक्टिव हो चुकी है। बिहार में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर पार्टी को बूथ लेवल पर मज़बूत करने की हिदायतें दी जा रही हैं। सुशील कुमार ने कहा कि बहुत ही अफसोस की बात है कि सियासी वर्चस्व की लड़ाई में बिहार विकास में पीछे रह गया है।
बिहार में जितना विकास होना चाहिए वह नहीं हो पाया है। इसलिए आम आदमी पार्टी बिहार को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश में चुनावी ताल ठोकेगी। इस बाबत पार्टी संगठन को मज़बूत किया जा रहा है। संगठन विस्तार के लिए बिहार में गांव की गलियों से लेकर शहर की सड़कों तक कमेटि बनाई जा रही है। हम लोग बहुत ही मज़बूती के साथ बिहार में चुनावी दांव खेलेंगे।












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