12 साल के बच्चे ने ऐसे बचाई हजारों यात्रियों की जान, बाल-बाल टला रेल हादसा
पटना। हाल फिलहाल टूटी पटरी के कारण हुए रेल दुर्घटना का मामला अधिकतर सुनने को मिलता है। कुछ इसी तरह की भयानक रेल दुर्घटना एक बार फिर बिहार में हो जाती लेकिन महज 12 साल के बच्चे की वजह से हजारों यात्रियों की जान बाल-बाल बच गई। दरअसल, बाल्मीकि नगर से चलकर बगहा के लिए खुलने वाली पैसेंजर ट्रेन गोरखपुर नरकटियागंज रेलवे ट्रैक पर आ रही थी। ट्रेन आने से पहले रेलवे ट्रैक के रास्ते 12 वर्षीय युवक स्कूल जा रहा था तभी उसकी नजर अवसानी हॉल्ट के पास रेलवे ट्रैक टूटा हुआ देखा और ट्रेन के पैसेंजर की जान बचाने के लिए दौड़ते हुए गेटमैन के पास पहुंचे और मामले की जानकारी दी। जानकारी के बाद ट्रेन को रोक दिया गया तथा टूटी हुई पटरी का मरम्मत शुरू कर दिया गया। जब इस बात की जानकारी रेलवे अधिकारी को हुई तो वह भी घटनास्थल पर पहुंचे और 12 वर्षीय भीम की तारीफ करने लगे इसके वजह से हजारों यात्रियों की जान बाल-बाल बच गई।

मिली जानकारी के अनुसार मामला बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के बगहा का है जहां पांचवी क्लास में पढ़ने वाला छात्र भीम रेलवे ट्रैक के रास्ते स्कूल जा रहा था तभी उसकी नजर टूटी हुई रेलवे ट्रैक पर पड़ी और फिर दौड़ते हुए मामले की जानकारी गेटमैन को दिया। गेटमैन ने जैसे ही रेलवे ट्रैक टूटने की बात सुनी तुरंत रेलवे के वरीय अधिकारी को मामले की जानकारी देते हुए उसी ट्रेक पर आ रही पैसेंजर ट्रेन को रोक दिया। ट्रेन रुकने के बाद भीम की बहादुरी और सूझबूझ की जानकारी जब रेलवे के वरीय अधिकारी को मिली तो उन्होंने भी उसकी प्रशंसा की और रेलवे ट्रैक बनाने में लग गए। लगभग 1 घंटे तक रेलवे का परिचालन बाधित रहा फिर पूरी तरह से रेलवे ट्रैक की मरम्मत के बाद परिचालन शुरू हुआ। दरअसल,रेलवे के गेट नंबर 56 के समीप औसानी हाल्ट से लगभग 100 मीटर आगे रेल की पटरी टूटी हुई थी। अगर इस रास्ते से ट्रेन गुजरती तो हादसा निश्चित था।

वहीं इस घटना के बाद जब ट्रेन रोकने वाले 12 वर्षीय छात्र भीम से बातचीत की गई तो उसने कहा कि आज से कई साल पहले हम अपने रिश्तेदार के यहां गए थे, जहां एक बच्चे की चर्चा काफी जोर शोर से हो रही थी क्योंकि उसने ट्रेन रुकवा कर पैसेंजर की जान बचाई थी। तभी हमने भी पैसेंजर की जान बचाने का फैसला किया और उस दिन से हम रेलवे ट्रैक के रास्ते ही स्कूल जाना शुरु कर दिया और आज जब हम स्कूल जा रहे थे तभी हमारी नजर टूटी हुई रेलवे ट्रैक पर पड़ी जिसके बाद हमने ट्रेन रुकवाने की सोची लेकिन समय कम होने के कारण इस बात की जानकारी गेटमैन को दिया और इस तरह ट्रेनों रूका। तो दूसरी तरफ रेलवे ट्रैक टूटने के बारे में पीडब्ल्यूआई सुरेंद्र प्रसाद ने बातचीत करते हुए बताया कि ठंड के कारण रेलवे ट्रैक टूटने की घटना सामने आती है। इसके लिए रेग्यूलर पेट्रोलिंग की व्यवस्था है। जो रेलवे ट्रैक की सुरक्षा व निगरानी करते हैं।












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