ओडिशा सरकार ने की पिछड़ा वर्ग का कोटा बढ़ाने की मांग, पेश किया नगरपालिका विधेयक
भुवनेश्वर, सितंबर 07। ओडिशा में शहरी स्थानीय निकाय चुनावों पर अनिश्चितता जल्द ही खत्म होने की संभावना है, क्योंकि राज्य सरकार ने सोमवार को ओडिशा नगर कानून (संशोधन) विधेयक, 2021 को ओडिशा नगर अधिनियम, 1950 और ओडिशा नगर निगम अधिनियम, 2003 में संशोधन करने के लिए पेश किया। इस अधिनियम में बैकवर्ड क्लास की जातियों के लिए नगर निगम में कोटा बढ़ाने का प्रावधान है।

इन विधेयक के बारे में पंचायती राज मंत्री प्रताप जेना ने कहा कि जहां तक अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के पक्ष में सीटों के आरक्षण का सवाल है तो दोनों अधिनियमों के प्रासंगिक प्रावधानों में संशोधन की कोई आवश्यकता नहीं है। वहीं पिछड़े वर्ग के नागरिकों (बीसीसी) के पक्ष में 27 प्रतिशत सीटों के आरक्षण से संबंधित प्रावधानों में संशोधन की आवश्यकता है ताकि निर्णय के आलोक में उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में सीटों के कुल आरक्षण को 50 प्रतिशत तक सीमित किया जा सके।
आपको बता दें कि ओडिशा सरकार ने उप-धारा 3 को प्रतिस्थापित करने के लिए नगर अधिनियम की धारा 11 में संशोधन करने का प्रस्ताव किया है, जिसमें लिखा है, "सीटें BCC के पक्ष में आरक्षित की जाएंगी, जैसा कि प्रत्येक नगरपालिका में संविधान के अनुच्छेद 243T के खंड 6 में संदर्भित है।
यह उप-धारा (1) और बीसीसी के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटों सहित ऐसी नगरपालिका की कुल सीटों की कुल संख्या के 50 प्रतिशत की अधिकतम सीमा के अधीन है और ऐसी सीटों को अलग-अलग वार्डों में रोटेशन द्वारा आवंटित किया जाएगा। प्रत्येक आम चुनाव में नगरपालिका क्षेत्र।" इसी तरह का प्रावधान नगर निगम अधिनियम, 2003 की धारा 7 में भी प्रतिस्थापित किया गया है।












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