Job Fraud: 17 राज्यों में ग्रामीण रोजगार कल्याण संस्थान का मास्टरमाइंड अरेस्ट, मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका
ओडिशा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा को बड़ी कामयाबी मिली। 17 राज्यों में ग्रामीण रोजगार कल्याण संस्थान और कुछ राज्यों में डॉब फ्रॉड एक्सपोज हुआ है। पुलिस ने मास्टरमाइंड को अरेस्ट किया है। जानिए पूरा मामला

बॉलीवुड फिल्म का मशहूर डायलॉग- 'डॉन का इंतजार तो 11 मुल्कों की पुलिस कर रही है...' अपराधी का किरदार अपनी शेखी बघारने और पुलिस को कमतर आंकने के मकसद से बोलता है। 45 साल पहले की इस फिल्मी बात का जिक्र इसलिए क्योंकि तकनीकी दौर में अपराध के नेचर बदलते जा रहे हैं, लेकिन अपराधियों को सजा दिलाने में पुलिस आज भी सक्रियता से जुटी है। कहानी की भूमिका में फिल्मी डायलॉग का सहारा इसलिए क्योंकि, ये मामला 11 देशों की पुलिस नहीं, बल्कि भारत के 17 राज्यों से जुड़ा है।
सेंटर का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
दरअसल, ऑनलाइन विज्ञापनों के दौर में Job Fraud बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। ओ़डिशा पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। भुवनेश्वर में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने 15 फरवरी को नौकरी में फर्जीवाड़ा करने वाले एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस महानिरीक्षक (EOW) जय नारायण पंकज ने बताया कि आरोपी धर्मपाल सिंह बिहार का रहने वाला है। वह 17 राज्यों में संचालित ग्रामीण रोजगार कल्याण संस्थान का मास्टरमाइंड था। हम अन्य आरोपियों की तलाश कर रहे हैं।
दिल्ली, मुंबई, भोपाल तक फैले हैं तार
आईजी आर्थिक अपराध शाखा, ओडिशा जय नारायण पंकज के अनुसार, लोगों को नौकरियों का झांसा देने वाले समूह का सरगना गिरफ्तार हो चुका है।पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में नौकरियों में फर्जीवाड़ा करने वाले ग्रामीण रोजगार कल्याण संस्थान (Gramin Rojgar Kalyan Sansthan) के कार्यालय मुंबई, दिल्ली, भोपाल और देहरादून से संचालित होने की बात सामने आई है।
मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका
पुलिस ने बताया कि मास्टरमाइंड धर्मपाल सिंह और उनके सहयोगी ग्रामीण रोजगार का दावा करते हुए ग्रामीण रोजगार कल्याण संस्थान की वेबसाइट भी संचालित करते थे। इनकी वेबसाइट सरकार की वेबसाइट की कॉपी थी। आईजी, आर्थिक अपराध शाखा के अनुसार इस बात की पूरी संभावना है कि अरेस्ट आरोपी धरमपाल और उसके सहयोगी संबद्ध फाउंडेशन और संगठनों के साथ मनी लॉन्ड्रिंग भी कर रहे थे।
लाखों-करोड़ों के अवैध लेन-देन!
ओडिशा पुलिस का मानना है कि 17 राज्यों में फैले इस जॉब फ्रॉड रैकेट की जांच के दौरान कई ऐसे खुलासे होंगे, जिससे नई परतें भी सामने आ सकती हैं। पुलिस के अनुसार लाखों-करोड़ों के अवैध लेन-देन की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल, ओडिशा पुलिस आगे की जांच कर रही है। क्योंकि मामला इंटर स्टेट यानी कई राज्यों की पुलिस का है, ऐसे में जल्द ही जांच का दायरा भी बढ़ाया जा सकता है।












Click it and Unblock the Notifications