ओडिशा की सड़कों पर 50000 ड्राइवरों का हुजूम, इन मांगों को लेकर सीएम आवास तक निकाला पैदल मार्च
भुववेश्वर, 29 अक्टूबर। कोरोना वायरस संकट के बीच ओडिशा की सड़कों पर शुक्रवार को लोगों का हुजूम देखने को मिला। ओडिशा ड्राइवर महासंघ के बैनर तले 50 हजार से अधिक लोगों ने प्रदेश की राजधानी भुववेश्वर में विशाल पैदल मार्च (पदयात्रा) निकाला। ड्राइवरों ने खुद को कोरोना योद्धा का टैग, न्यूनतम वेतन, पेंशन और बीमा कवर सहित 10 मांगों को लेकर बड़ी संख्या में पलासुनी से मुख्यमंत्री आवास तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए सीएम आवास पर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।

मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के निवास तक पहुंचने से पहले ही पुलिस ने भीड़ को स्टेशन स्क्वायर पर रोक लिया जिसके बाद प्रदर्शनकारी महात्मा गांधी मार्ग पर ही बैठकर धरना देने लगे। इस पैदल मार्च में कई जिलों के ड्राइवरों ने हिस्सा लिया। शहर में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) 16 और जनपथ रोड के एक बड़े हिस्से पर लंबी रैली के कारण कई किलोमीटर तक वाहनों का जाम लग गया।महासंघ के सदस्यों ने कहा कि भले ही ओडिशा में लॉकडाउन और बंद की स्थिति रही लेकिन इस दौरान भी परिवहन सेवा जारी रही। कई ड्राइवरों ने ड्यूटी के दौरान कोरोना वायरस से अपनी जान गंवा दी, राज्य सरकार ने उन्हें कोविड योद्धा घोषित नहीं किया।
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महासंघ के एक सदस्य ने आरोप लगाते हुए कहा, 'हालांकि हमने कोरोना काल में फ्रंट वॉरियर के रूप में काम किया, लेकिन अन्य कोविड योद्धाओं के विपरीत, हमें कोई वित्तीय सहायता नहीं दी गई।' ड्राइवरों के समूह ने कोरोना योद्धा टैग की मांग के साथ, हल्के वाहनों के चालकों को न्यूनतम 15,000 रुपए और भारी वाहनों के लिए 20,000 रुपए के न्यूनतम पारिश्रमिक की मांग की। संघठन ने 55 वर्ष की आयु के बाद मासिक पेंशन, 20 लाख रुपए का बीमा कवर, किफायती आवास योजना के तहत 5 लाख रुपए, सड़क किनारे टॉयलेट और पार्किंग की सुविधा और कोविड-19 महामारी को देखते हुए अपने ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता को आगे बढ़ाने की भी मांग की। .












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