खुद बैल बनकर बेबस विधवा महिला ने 15 KM तक खींची बैलगाड़ी, वीडियो वायरल, कलेक्टर ने दिए ढूंढने के निर्देश
राजगढ़ हाईवे पर एक विधवा महिला बैलों की जगह खुद बैलगाड़ी खींचती हुई जा रही थी। तभी किसी ने उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। बैलगाड़ी में एक बच्ची भी बैठी थी और कुछ सामान रखा था।
राजगढ़ ,22 सितंबर। देश को अंग्रेजों के शासन से आजादी मिले तो 75 साल हो गए; सरकार इसका अमृत महोत्सव भी मना रही है, लेकिन अभी भी देश के कुछ हिस्सों व कुछ समुदायों के लोग गरीबी की दासता से आजादी नहीं पा सके। इसका उदाहरण हाल ही में एक वायरल वीडियो के जरिए देखने को मिला। वीडियो में बैलगाड़ी को बैलों की जगह एक महिला खींच रही थी। जहां आज के समय में तकनीक के माध्यम से परिवहन के परंपरागत साधनों को नए तकनीक युक्त साधन रिप्लेस कर रहे हैं। साइकिल रिक्शे को छोड़कर ई-रिक्शा चलाए जा रहे हैं, ऐसे समय में बैलों की जगह एक महिला द्वारा बैलगाड़ी खींचना देश और समाज के लिए शर्म की बात है। बता दे महिला खुद बैल बनकर बैलगाड़ी को 15 किलोमीटर तक पैदल खींच कर ले कर आई। आइए जानते हैं पूरा मामला...
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बैलों की मौत हो जाने के कारण खुद खींच रही थी बैलगाड़ी
हाईवे पर एक महिला बैलों की जगह खुद बैलगाड़ी खींचती हुई जा रही थी। तभी किसी ने उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। बैलगाड़ी में एक बच्ची भी बैठी थी और कुछ सामान रखा था। वीडियो वायरल होने के बाद जांच में सामने आया है कि महिला सारंगपुर की रहने वाली बताई जा रही है। महिला लोहकूटा समाज से आती है। उसके पति का निधन हो चुका है। कुछ दिन पहले उसके बैलों की भी मौत हो गई थी। जिसके कारण वह स्वयं बैलगाड़ी खींच रही थी। महिला के 4 बच्चे हैं, जिनके भरण-पोषण के लिए वह 12 सितंबर को फोरलेन पर पचोर से करीब 15 किलोमीटर दूर सहारनपुर जा रही थी।

शिक्षक ने वीडियो बनाकर प्रशासन से मदद करने को कहा
महिला लोहापीटा समाज से आती है। पति के निधन हो जाने के बाद चार बच्चों की जिम्मेदारी उसकी कंधों पर आ गई। बच्चों भरण पोषण के लिए 12 सितंबर को महिला राजगढ़ के फोरलेन पर पचोर से करीब 15 किलोमीटर दूर सारंगपुर जा रही थी। महिला जब बैलगाड़ी खींच रही थी, तभी शिक्षक देवी सिंह नागर ने उसका वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दिया और प्रशासन से मदद मांगी। लेकिन शासन से उसे कुछ भी मदद नहीं मिली। वहीं, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद महिला की मदद के लिए कई लोग आगे आ रहे हैं।

सारंगपुर एसडीएम ने दी जानकारी
सारंगपुर एसडीएम ने बताया कि बैलगाड़ी खींच रही महिला की जांच की गई है। उसका मूल निवास प्रमाण पत्र जरूर यहां का है, जो उसने पहले बनवा लिया होगा। लेकिन वह उज्जैन में रहती है। यहां पर अपने भाई के यहां आई थी। जिन बच्चों के पेट भरने की बात महिला बोल रही थी, वे सब वयस्क हैं। खैर ये प्रशासन की नाकामी है, चाहे वो जितनी सफाई दे, लेकिन प्रदेश में पिछड़ी जातियों को शासन की योजनाओं को कितना लाभ मिल पाता है, ये वीडियो एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।

वीडियो वायरल होने के बाद कलेक्टर ने महिला को ढूंढने के दिए निर्देश
खुद बैल बनकर बैलगाड़ी खींचने वाली महिला का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शासन प्रशासन के खिलाफ सवाल खड़े हो रहे थे। जिसके बाद राजगढ़ कलेक्टर ने महिला को ढूंढने के निर्देश दिए हैं। महिला को जन्मे ढूंढ कर उसको शासन की मूलभूत योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। जिससे उसके जीवन को सरल किया जा सके।
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