सीएम शिवराज ने जिसे कलेक्टर समझकर लगाई फटकार, वो निकला SDM, विपक्ष ने ली चुटकी
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कलेक्टर को फटकार लगाने वाले वीडियो की सच्चाई सामने आई है। दरसअल, मुख्यमंत्री ने कलेक्टर समझकर SDM को फटकार लगा दी थी, क्योंकि बुरहानपुर कलेक्टर छुट्टी पर थे।
भोपाल, 21 मई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कलेक्टर को फटकार लगाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, लेकिन वीडियो में मुख्यमंत्री जिसे कलेक्टर समझकर फटकार लगा रहे हैं।, असल में वे SDM निकले। दरअसल, बुरहानपुर कलेक्टर इन दिनों छुट्टी पर हैं और उनकी जगह SDM केआर बड़ोले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल हुए थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को यह बात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के काफी देर बाद पता चली।

कैसे, क्या हुआ था ?
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को मध्य प्रदेश में नगरीय भूमि अधिकार और स्थाई पट्टा योजना को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मध्य प्रदेश के सभी प्रशासनिक अधिकारियों को संबोधित किया था। दोपहर 4 बजे जब मुख्यमंत्री जी का संबोधन खत्म होने वाला था। मुख्यमंत्री जन प्रतिनिधियों से अपील करते हुए कुछ कहने वाले थे, उसी समय उन्हें बुरहानपुर एनआईसी कक्ष में कुछ हलचल दिखाई दी। सीएम शिवराज ने इस हलचल को देखकर नाराजगी जताई।
सीएम शिवराज ने देखा कि एनआईसी कक्ष बुरहानपुर में कलेक्टर की कुर्सी पर बैठे अधिकारी इधर-उधर बातचीत कर रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री शिवराज ने अधिकारियों को टोकते हुए कहा कि "बुरहानपुर कलेक्टर इधर-उधर मुंडी ना हिलाएं"। उन्होंने बुरहानपुर कलेक्टर प्रवीण सिंह का नाम लेते हुए कहा कि "प्रवीण मेरी सब पर निगाह रहती है और जब मैं बोल रहा हूं तो तुम्हें बोलने का कोई अधिकार नहीं है"। सीएम शिवराज की फटकार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मौजूद सभी अधिकारी सकते में आ गए। इस दौरान सभी अधिकारी शांत होकर बैठ गए। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रमुख सचिव से जानकारी ली तो पता चला कि कलेक्टर प्रवीण सिंह छुट्टी पर गए हैं। उनके स्थान पर एसडीएम केआर बड़ोले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल थे।

बुरहानपुर कलेक्टर प्रवीण सिंह ने भी एसडीएम की अनुशासनहीनता को लेकर नाराजगी जताई
इस घटना के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का ये वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। बता दें कि बुरहानपुर कलेक्टर प्रवीण सिंह ने भी एसडीएम की अनुशासनहीनता को लेकर नाराजगी जताई है। बताया जा रहा है कि जब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग चल रही थी उस समय एसडीएम के अलावा डिप्टी कलेक्टर, पूर्व मंत्री, विधायक सहित जनप्रतिनिधि भी एनआईसी कक्ष में मौजूद थे। आशंका जताई जा रही है कि इस घटना के बाद एसडीएम पर गाज गिर सकती है। उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।

विपक्ष ने खड़े किए सवाल
कांग्रेस के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने इस घटना पर ट्वीट करते हुए लिखा कि यह बात सामने आई है कि कलेक्टर तो थे ही नहीं, उनके बदले एसडीम आए थे। अब यह कैसी नजर कि अपने कलेक्टर तक को नहीं पहचानते मुख्यमंत्री।
तो क्या दिखावे के लिए यह फटकार लगाई जा रही थी ?

मुख्यमंत्री को सीरियस नहीं लेते अधिकारी !
मध्यप्रदेश में विपक्ष के नेताओं ने कहा कि सीएम शिवराज की बातों को मध्य प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारी सीरियस नहीं लेते। तभी तो मुख्यमंत्री शिवराज को भरे मंच से कभी "सीईओ" को सस्पेंड करना पड़ता है तो कभी "पटवारी" को।
नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट करके लिखा कि ऐसे अधिकारी पर तो कार्रवाई होना चाहिए, जो मुख्यमंत्री जी को ही गंभीरता से नहीं ले रहा, जनता को ऐसे अधिकारी क्या समझते होंगे ? समझा जा सकता है।
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