MP News: कौन हैं IAS अधिकारी आदित्य सिंह? जिनकी जमकर तारीफ कर गए ज्योतिरादित्य सिंधिया, VIDEO वायरल
MP News IAS: मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के कलेक्टर और 2014 बैच के आईएएस अधिकारी आदित्य सिंह हाल ही में केंद्रीय संचार और उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की तारीफ के बाद सुर्खियों में हैं। 22 अगस्त 2025 को चंदेरी में एक कार्यक्रम के दौरान सिंधिया ने आदित्य सिंह की जमकर प्रशंसा की।
सिंधिया ने कहा, "आपके पास ऐसा कलेक्टर है, जो गाड़ी में बैठकर बत्ती नहीं जलाता, बल्कि साइकिल से अशोकनगर से चंदेरी तक पहुंच जाता है।"

कौन हैं आदित्य सिंह?
आदित्य सिंह 2014 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी हैं, जो वर्तमान में अशोकनगर जिले के कलेक्टर के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले, वे हरदा जिले के कलेक्टर थे, जहां उन्होंने अपनी प्रशासनिक दक्षता और संकट प्रबंधन की क्षमता के लिए ख्याति अर्जित की थी। 13 अप्रैल 2025 को मध्य प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल के तहत उन्हें अशोकनगर का कलेक्टर नियुक्त किया। तब से, वे जिले में विकास कार्यों, आपदा प्रबंधन, और जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
आदित्य सिंह की सादगी और जनता के प्रति उनकी जवाबदेही उनकी पहचान बन चुकी है। मई 2025 में, उन्होंने सुबह 5 बजे 41 किलोमीटर साइकिल चलाकर चंदेरी के करीला धाम पहुंचकर वहां की अव्यवस्थाओं का जायजा लिया था। इस दौरान, वे साधारण लोअर और टी-शर्ट में मंदिर पहुंचे, जिसने प्रशासनिक अमले को हक्का-बक्का कर दिया। इस घटना ने उनकी कार्यशैली को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया था।

ज्योतिरादित्य सिंधिया की तारीफ: वायरल वीडियो
22 अगस्त 2025 को चंदेरी में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में आदित्य सिंह की तारीफ की। वायरल वीडियो में सिंधिया ने कहा, "आपके पास ऐसा कलेक्टर है, जो गाड़ी में बैठकर लाल बत्ती नहीं जलाता। वह साइकिल से अशोकनगर से चंदेरी तक पहुंच जाता है। यह उनकी सादगी और जनता के प्रति समर्पण को दर्शाता है।" सिंधिया ने यह भी उल्लेख किया कि आदित्य सिंह के नेतृत्व में अशोकनगर में बाढ़ राहत कार्यों और विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।
यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तेजी से वायरल हो गया, जहां यूजर्स ने आदित्य सिंह की सादगी और सिंधिया की प्रशंसा की जमकर सराहना की। एक यूजर ने लिखा, "आदित्य सिंह जैसे अधिकारी देश के लिए प्रेरणा हैं। साइकिल से चंदेरी पहुंचने वाला कलेक्टर और सिंधिया की तारीफ-यह प्रशासन और नेतृत्व का शानदार तालमेल है।"
बाढ़ प्रबंधन में आदित्य सिंह की भूमिका
जुलाई 2025 में अशोकनगर, शिवपुरी, और गुना जिलों में भारी बारिश और सिंध नदी में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी। इस दौरान आदित्य सिंह ने अशोकनगर में राहत और बचाव कार्यों की कमान संभाली। उनके नेतृत्व में जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री जैसे खाद्यान्न, तिरपाल, और दवाइयां उपलब्ध कराईं। चंदेरी के अखाई घाट, शाजापुर, पोरू खेड़ी, और अमरोद खेड़ी जैसे गांवों में उन्होंने स्वयं दौरा किया और नुकसान का आकलन किया।
उनके प्रयासों से अशोकनगर में करीब 1,500 परिवारों को ₹20 लाख से अधिक की आर्थिक सहायता और अन्य आवश्यक सामग्री प्रदान की गई। सिंधिया ने चंदेरी दौरे के दौरान आदित्य सिंह की इस सक्रियता की विशेष रूप से सराहना की और कहा, "आदित्य सिंह जैसे अधिकारियों के कारण ही हम आपदा के समय में जनता को त्वरित राहत पहुंचा पा रहे हैं।"
हरदा से अशोकनगर तक का सफर
आदित्य सिंह का प्रशासनिक करियर प्रभावशाली रहा है। हरदा में कलेक्टर के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन, ग्रामीण विकास, और कृषि क्षेत्र में सुधार जैसे कई जनकल्याणकारी कार्य किए। फरवरी 2024 में हरदा में हुए पटाखा फैक्ट्री विस्फोट ने पूरे देश का ध्यान खींचा था, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी। इस संकट में आदित्य सिंह ने तत्काल राहत कार्य शुरू किए, जिसमें घायलों को अस्पताल पहुंचाना, मुआवजा वितरण, और प्रभावित परिवारों का पुनर्वास शामिल था। उनकी यह सक्रियता उन्हें अशोकनगर जैसे महत्वपूर्ण जिले की जिम्मेदारी सौंपने का आधार बनी।
आदित्य सिंह की कार्यशैली
आदित्य सिंह अपनी सादगी, पारदर्शिता, और जन-केंद्रित कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। अशोकनगर में उन्होंने ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, और बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया है। उनकी पहल पर जिले में कई स्कूलों का नवीनीकरण किया गया और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण को गति दी गई। इसके अलावा, उन्होंने लाड़ली बहना योजना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया।
उनका एक अनूठा अंदाज यह है कि वे अक्सर साइकिल से जिले के विभिन्न हिस्सों का दौरा करते हैं, जिससे वे न केवल जनता के करीब रहते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देते हैं। चंदेरी के करीला धाम में उनकी साइकिल यात्रा ने न केवल स्थानीय लोगों का ध्यान खींचा, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों को भी प्रेरित किया।
सिंधिया की तारीफ का प्रभाव
सिंधिया की तारीफ और वायरल वीडियो ने आदित्य सिंह को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है। यह तारीफ न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि एक जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी के बीच सकारात्मक तालमेल से क्षेत्र का विकास संभव है। अशोकनगर, जो सिंधिया के गृह क्षेत्र का हिस्सा है, में उनकी यह प्रशंसा स्थानीय लोगों में उत्साह पैदा कर रही है।
सोशल मीडिया पर यह वीडियो व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है। एक यूजर ने ट्वीट किया, "आदित्य सिंह जैसे आईएएस अधिकारी नौकरशाही की नई परिभाषा गढ़ रहे हैं। सिंधिया की तारीफ ने उनकी मेहनत को और चमका दिया।"
सियासी और सामाजिक प्रतिक्रिया
इस वायरल वीडियो ने सियासी हलकों में भी हलचल मचा दी है। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इसे सिंधिया की नेतृत्व क्षमता और प्रशासन के साथ उनके समन्वय का उदाहरण बताया है। वहीं, विपक्षी कांग्रेस ने इसे सियासी नाटक करार दिया है। एक स्थानीय कांग्रेस नेता ने कहा, "सिंधिया केवल दिखावे के लिए तारीफ कर रहे हैं। बाढ़ से बचाव के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई गई।"
हालांकि, स्थानीय लोग आदित्य सिंह की सादगी और कार्यकुशलता की सराहना कर रहे हैं। एक चंदेरी निवासी ने कहा, "हमारे कलेक्टर साहब साइकिल से गांव-गांव जाते हैं और हमारी समस्याएं सुनते हैं। उनकी मेहनत से बाढ़ प्रभावितों को समय पर मदद मिली।"












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