जानें पूर्व CM दिग्विजय सिंह के पुलिसकर्मी की कॉलर पकड़ने की वीडियो की सच्चाई
भोपाल में जिला पंचायत कार्यालय के बाहर हुए हंगामे के बीच राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह द्वारा पुलिसकर्मी की कॉलर पकड़ने की फोटो/ वीडियो की सच्चाई आई सामने।
भोपाल,30 जुलाई। राजधानी में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में कल हुए हंगामे के दौरान राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह द्वारा एक पुलिसकर्मी की कॉलर पकड़ने का फोटो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। साथ ही भाजपा भी दिग्विजय सिंह पर आरोप लगा रही है कि पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने जिला पंचायत कार्यालय के बाहर पुलिस कर्मियों के साथ गुंडागर्दी और मारपीट की। वही आज मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस प्रेसिडेंट सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर दिग्विजय सिंह पर गंभीर आरोप लगाए। तो आइए जानते हैं उस फोटो की सच्चाई !
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घटनास्थल पर प्रत्येक दर्शी पत्रकार ने बताई पूरी सच्चाई, दिग्विजय सिंह ने किया ट्वीट
भोपाल में जिला पंचायत कार्यालय के बाहर जब अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर हंगामा हो रहा था तब वहां पर कई पत्रकार मौजूद थे। उनमें से एक (News Nation) के टीवी पत्रकार जितेंद्र शर्मा ने बताया कि जब विधायक रामेश्वर शर्मा जिला पंचायत सदस्य राम कुंवर को जिला पंचायत कार्यालय के अंदर ले जा रहे थे, तब धक्का-मुक्की का माहौल उत्पन्न हुआ। उसी दौरान यह फोटो क्लिक की गई। उन्होंने साफ तौर पर बताया कि जो बताया जा रहा है कि दिग्विजय सिंह ने पुलिसकर्मी की कॉलर पकड़ी ऐसा कुछ भी नहीं हुआ ये सिर्फ धक्का-मुक्की का माहौल था।
राज्य सभा सांसद दिग्विजय सिंह ने जितेंद्र शर्मा का यह वीडियो अपने ट्विटर हैंडल से शेयर करते हुए लिखा कि धन्यवाद जितेंद्र। मैं अहिंसक विचारधारा से जुड़ा हुआ व्यक्ति हूँ क़ानून का पालन करता हूँ लेकिन यदि कहीं भी ज़्यादती होती है तो मैं मुक़ाबला करता हूँ। यदि किसी भी पुलिस कर्मी को ऐसा महसूस हुआ है कि उसके साथ बदसलूकी हुई है तो मुझे खेद है।
बता दे जिस पुलिसकर्मी के साथ ये घटना हुई। वे भोपाल में डीएसपी के पद पर तैनात है। फिलहाल पुलिसकर्मी उमेश तिवारी का भी अभी कोई बयान सामने नहीं आया है और नहीं उन्होंने इस मामले में कोई शिकायत की है।

विधायक शर्मा के जिला पंचायत सदस्य को अंदर ले जाने के दौरान हुई ये घटना
कांग्रेस के नेता नौरंग गुर्जर की पत्नी और जिपं सदस्य रामकुंवर गुर्जर को भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने अपने पाले में कर लिया था। दोपहर करीब 12:15 पर मंत्री भूपेंद्र सिंह कुछ सदस्यों को अपनी गाड़ी में लेकर जिला पंचायत कार्यलय पहुंचे। इस दौरान राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह और पूर्व मंत्री सुरेश पचौरी आदि नेताओं की गाड़ी के सामने आ गए, लेकिन हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा सभी सदस्यों को लेकर अंदर चले गए।
सवाल यही खड़ा होता है कि जब पुलिस प्रशासन राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह को अंदर नहीं जाने दे रहा था तो, भाजपा विधायक शर्मा जिला पंचायत सदस्य को लेकर कैसे अंदर घुस गए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने बीजेपी पर लगाया बड़ा आरोप
कांग्रेस सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने वोटिंग के दौरान भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति जो अशिक्षित है या अपना वोट डालने के योग्य नहीं है। वह परिवार के किसी अन्य सदस्य से वोटिंग करवा सकता है, लेकिन यहां 9 वोट फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट के साथ डाले गए हैं और उन्हें सरकारी कारों में बैठाकर लाया गया।
पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैंने जैसा पहले कहा था बीजेपी के पास उम्मीदवार नहीं था बीजेपी ने कांग्रेस के नेता नौरंग गुर्जर की पत्नी को उम्मीदवार बनाया। नौरंग गुर्जर ब्लॉक कांग्रेस के अध्यक्ष थे। बीजेपी उन पर दबाव बनाकर अपने पाले में कर लिया।

इस घटना पर पूरी भाजपा दिग्विजय सिंह पर आक्रमक दिखी
वही इस पूरे मामले पर सीएम शिवराज सिंह चौहान सहित प्नदेश भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर जमकर निशाना साधा। सीएम ने कहा कि ऐसा अशोभनीय व्यवहार किसी पूर्व मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देता है। पुलिस अफसर का कॉलर पकड़ रहे हैं, कलेक्ट्रेट के गेट को धक्का देकर तोड़ने की कोशिश कर रहे है। लोकतंत्र में जय और पराजय चलती रहती है, लेकिन ऐसी बौखलाहट कि आप पुलिस अफसर का कॉलर पकड़ें, यह अधिकार आपको किसने दिया?मुझे आश्चर्य है कि कोई व्यक्ति दस साल तक मुख्यमंत्री रहकर ऐसी प्रतिक्रिया दे! यह तो कांग्रेस की बौखलाहट का प्रतीक है।
अध्यक्ष बीडी शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिग्विजय सिंह द्वारा पुलिसकर्मी की कॉलर पकड़ने का फोटो दिखाते हुए उन पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया।












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