भोपाल में 14 हजार शिक्षकों की ट्रेनिंग, CM शिवराज ने कहा- पहली बार MP में मेडिकल की पढ़ाई होगी हिंदी में
एमपी में स्कूल शिक्षा विभाग ने 14 हजार से ज्यादा शिक्षकों को एक ही दिन में ट्रेनिंग देकर रिकॉर्ड बनाया है। इस दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए।
भोपाल,4 सितंबर। मध्य प्रदेश में पहली बार इतने बड़े लेवल पर मिडिल और हाई स्कूल की टीचर्स के ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया। स्कूल शिक्षा विभाग ने 14 हजार से ज्यादा शिक्षकों को एक ही दिन में ट्रेनिंग देकर रिकॉर्ड बनाया है। इस दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए। नियुक्ति पत्र पाने वाले शिक्षकों में से 60% महिला शिक्षक थी।

सीएम ने बांटी प्रशिक्षण सामग्री
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भेल दशहरा मैदान,भोपाल में आयोजित नवनियुक्त शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शक्तिस्वरूपा कन्याओं का पूजन व दीप प्रज्वलन कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर राज्य मंत्री स्कूल शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) इंदर सिंह परमार व जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री मीना सिंह सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने नवनियुक्त शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न जिलों के शिक्षकों को शुभकामना पत्र और प्रशिक्षण सामग्री भेंटकर शुभकामनाएं दीं।

शिक्षक नौकर नहीं निर्माता है : CM
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने टीचरों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सब मेरे भांजे भांजियों के गुरु हैं। शिक्षक नौकर नहीं निर्माता है आप बच्चों का भविष्य पढ़ने वाले गुरु हैं। आप जैसे बच्चों को गढ़ेंगे वैसे बच्चा अपना भविष्य गढ़ेंगे।
सीएम ने कहा कि संसद में रहते मैं एक स्कूल में गया था। वहां मैंने बच्चों से पूछा बताओ- गंगा जी कहां से निकलती है। बच्चा बोला विंध्याचल से। मैंने वहां के गुरु जी से पूछा तो उसका उत्तर था कि साहब 500 में से गंगाजी विंध्याचल में से निकलेंगी। शिक्षकों का भविष्य चौपट हो गया था वह दूसरों का भविष्य कैसे बनाते हैं मैंने गुरु जी के नाते आपको प्रणाम किया है आप सब मेरे छोटे भाई बहन हैं शिक्षक नौकर नहीं निर्माता है।
आपका जो काम है वह काम नौकरी का नहीं है। आप भूल जाओ कि आप नौकरी करने वाले शासकीय सेवा है। आप बच्चों का भविष्य गढने वाले है।यह दायित्व बहुत बड़ा है। हमारी जिम्मेदारी है कि खुद को इसके अनुरूप गढ़ लें। अंतरात्मा में एक निश्चय कर लो मैं गुरु हूं और मुझे भविष्य के भारत के लिए बच्चों को तैयार करना है।

सीएम शिवराज ने सुनाई अपने स्कूल की कहानी
इस मौके पर सीएम शिवराज ने अपने स्कूल की कहानी भी सुनाई उन्होंने बताया कि स्कूल की शिक्षा सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है मैं जैत के स्कूल में पढ़ा। भोपाल में भी सरकारी स्कूल में पढ़ा मेरे गुरुजी श्रद्धा रतन चंद जैन के पैरों पर सिर रखकर आशीर्वाद हमेशा लेता था मैं बहुत धीरे पढ़ता था 1 दिन गुरुजी ने कहा बेटा तुम घबरा कर क्यों पढ़ते हो शब्दों का उच्चारण जोर-जोर से करो लेकिन स्पीड धीमी रखो स्कूल में बाल सभा होती थी गुरुजी उसमें रामायण का पाठ कर आते थे बच्चे दोहे चौपाई पढ़ते थे गुरु जी मुझे भावार्थ पड़वाते थे।
मेरे गुरु जी ने मुझे एक मंत्र दिया था शिवराज यह मत समझो तुम गांव में किसान के घर पैदा हुए हो तो क्या कर सकते हो उन्होंने मेरे दिमाग में भर दिया कि तुम अनंत शक्तियों का भंडार हो सब कुछ कर सकते हो। इसके बाद सातवीं कक्षा में मैंने बड़ा आंदोलन कर दिया था। हर बच्चा अनंत शक्तियों का भंडार है। सवाल यह है कि बच्चा अपनी शक्तियों को कैसे प्रकट कर पाता है। अगर बच्चे की शक्तियों का प्रकटीकरण करण हो जाता है तो वह राधाकृष्णनन बन जा सकता है।

लंबे संघर्ष के बाद मिली नियुक्ति
मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों के शिक्षक वर्ग एक और शिक्षक वर्ग 2 के 30 हजार से ज्यादा पदों को भरने के लिए 2018 में नोटिफिकेशन जारी किया था। जिसमें वर्ग 1 के 19 हजार 200 पद और वर्ग 2 के 11,300 के करीब पद थे। इसके बाद 2,200 पद अलग से बाद में जोड़े गए।












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