छात्र ने बहन व उसके प्रेमी के साथ मिलकर बनाया धांसू प्लान, पिता से यूं वसूलना चाहता था एक करोड़ रुपए
Bhopal News , भोपाल। 16 दिन पहले ऐशबाग इलाके में हुए इंजीनियरिंग छात्र के अपहरण के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार छात्र ने सगी बहन के साथ मिलकर अपने ही अपहरण की साजिश रची थी। वारदात में बहन का शादीशुदा प्रेमी और उसका नौकर भी शामिल था। पुलिस ने छात्र, बहन और उसके शादीशुदा प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। चौथा आरोपित फरार है।

महंगे शौक करने थे पूरे
पूछताछ में छात्र ने खुलासा किया है कि महंगे शौक पूरे करने के चक्कर में उस पर कर्ज हो गया था और पिता भी उसे पैसे नहीं देते थे। बता दें कि 12 दिसंबर को चाणक्यपुरी हाउसिंग बोर्ड ऐशबाग निवासी 19 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र आयुष चौबे घर से दोस्त के घर जाने का कहकर निकला था। इसके बाद लापता हो गया था। उसका फोन भी बंद आ रहा था। परिजनों ने उसे दोस्तों और रिश्तेदारों के यहां तलाश किया पर वह नहीं मिला। इसके बाद इसकी शिकायत ऐशबाग थाने में की गई थी। उसी रात को छात्र की मां तरुणा के पास एक करोड़ की फिरौती के लिए फोन आया था। इसके बाद पुलिस ने आयुष के अपहरण का मामला दर्ज किया था।

बिकवा देना चाहता था पैतृक जमीन
पुलिस ने बताया कि आयुष और उसकी बहन के महंगे शौक थे। बहन एक बीमा कंपनी में काम करती थी, लेकिन उन्हें पैसे कम पड़ते थे। उन पर लाखों का कर्जा हो गया था। इस कारण आयुष ने अपने अपहरण की साजिश रची। उसे उम्मीद थी कि जबलपुर की पैतृक जमीन बेचकर उसके घरवाले फिरौती की रकम चुका देंगे।
साजिश को अंजाम देने के लिए आयुष लापता होने के दस दिन पहले अपनी बहन और बहन के प्रेमी गौरव जैन (28) से मिला था। गौरव एक दोस्त की तरह आयुष और उसकी बहन की आर्थिक मदद करता था। इधर पिता का कहना है कि जबलपुर की जमीन तीन एकड़ थी, वह अभी तक उसके हिस्से में नहीं आई है और होती तो वह एक एकड़ होती। उसके बदले भी मुश्किल से एक लाख रुपए ही मिल पाते।

आयुष की बहन का प्रेमी है गौरव
गौरव जैन आयुष के घर के पास ही रहता है। उसकी दवा बाजार हमीदिया रोड पर संस्कार फार्मा कंपनी नाम से एक दुकान है। उसने 2011 में मिलेनियम कॉलेज से बीफार्मा किया था। चार साल पहले उसकी दोस्ती आयुष की बहन से हुई थी। उसके घर की हालत अच्छी नहीं थी, तो गौरव उसकी आर्थिक रूप से मदद भी किया करता था। तीन साल पहले वह आयुष की बहन से शादी भी करना चाहता था, लेकिन आयुष के पिता ने मना कर दिया था।
इसके बाद गौरव ने शादी कर ली थी। उसकी पत्नी सात माह की गर्भवती है। आयुष के अपहरण की साजिश रचने के बाद गौरव ने अपनी दुकान के नौकर अतुल कटेरिया को भी शामिल कर लिया। ये लोग आयुष को लेकर पहले दो दिन तक होशंगबाद रोड पर स्थित होटल में रुके।
फिर आयुष और अतुल छतरपुर चले गए। जहां से वे आगरा निकल गए। अतुल ही आयुष के मोबाइल से उसके माता पिता को फिरौती के लिए फोन करता था। आगरा से उसे इंदौर शिफ्ट होना था। इससे पहले ही पुलिस को उनकी योजना की भनक पड़ गई थी।

25 दिसंबर को वाटर पार्क में बुलाया
अतुल ने ही फिरौती के लिए आयुष के पिता को फोन किया था। तब 40 लाख में मामला तय हो गया था। अतुल ने उनसे बोला था कि सीहोर के क्रीसेंट वाटर पार्क के मुख्य दरवाजे के बाहर काली शर्ट पहने एक लड़का मिलेगा, उसे नोटों से भरा बैग देना। इसी दौरान टीआई अजय नायर को इसकी पूरी जानकारी दी। वह पूर्व में सीहोर कोतवाली प्रभारी रह चुके हैं। उन्होंने पुलिस कर्मियों को क्रीसेंट भेजा और वाटर पार्क के भी दो बाउंसरों को नजर रखने को तैयार किया, लेकिन फिरौती लेने के लिए कोई नहीं आया।

टीआई को हो गया था संदेह
टीआई अजय नायर के अनुसार उन्होंने सीहोर में फिरौती की रकम देने की कार्रवाई को गोपनीय रखा था। इसके बाद जब आरोपित नहीं आया तो उनका माथा ठनका। उन्होंने आयुष के पिता से पूछा कि उन्होंने इस बारे में किस-किस को बताया था। उन्होंने बेटी और अपने एक करीबी रिश्तेदार को इस बारे में बताया था। इस पर उनकी बेटी से पूछताछ और परिवार के लोगों पर नजर रखी गई। तब बेटी उनके टारगेट पर आ गई। उसके कॉल डिटेल काफी जानकारी मिली। इसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया।

आयुष को इंदौर से पकड़ा
आरोपितों की योजना थी कि आयुष को इंदौर में किसी अर्चना नाम लड़की के घर शिफ्ट कर दिया जाए। अतुल के पास उसका नंबर था। अतुल और आयुष आगरा से तमिलनाडु एक्सप्रेस से होकर भोपाल स्टेशन पर उतरे। इसकी भनक पुलिस को लग गई। हालांकि पेंचवेली एक्सप्रेस के आयुष इंदौर चला गया। जबकि उन्हें लेने आए गौरव को ऐशबाग पुलिस ने हिरासत में लिया। इसके बाद आयुष को इंदौर से हिरासत में लिया गया। इस दौरान अतुल चकमा देकर फरार हो गया।












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