IAS के बंगले में हुई चोरी, रिकॉर्डिंग से खुली पोल, नौकरानी अलमारी से रुपए निकालती दिखी : Bhopal Crime News
भोपाल के 74 बंगला इलाके में रहने वाले प्रदेश के वरिष्ठ आईएएस जितेंद्र सिंह राजे के बंगले में चोरी की घटना सामने आई थी। जिसके बाद उनकी पत्नी ने कमरे में लैपटॉप का कैमरा ऑन करके रख दिया था। जब कैमरा चेक किया तो नौकरानी चोर
राजधानी भोपाल के 74 बंगला इलाके में रहने वाले प्रदेश के वरिष्ठ आईएएस जितेंद्र सिंह राजे के बंगले में चोरी की घटना सामने आई है। पिछले कई दिनों से उनके बंगले में चोरी हो रही थी। जिसके बाद उनकी पत्नी ने कमरे में लैपटॉप का कैमरा ऑन करके रख दिया था। जब कैमरे की रिकॉर्डिंग चेक की, तो नौकरानी चोरी करते हुए नजर आई थी। फिहलाल वारदात को अंजाम देने वाली नौकरानी की अभी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। बता दे 2007 बैच के आईएएस जितेंद्र सिंह राजे वर्तमान में केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर है और डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स के संचालक हैं।

B-1 74 बंगला में आईएएस जितेंद्र सिंह की पत्नी इंदू सिंह राजे व बच्चे रहते हैं। करीब 1 माह पहले उनकी पत्नी ने पंचशील नगर की रहने वाली संगीता साल्वे को घरेलू कामकाज के लिए काम पर रखा था। इसके बाद से उनके बेडरूम से लगातार चोरी हो रही थी। इससे परेशान होकर उन्होंने बेडरूम में अपने लैपटॉप की वीडियो रिकॉर्डिंग चालू करके रख दिया था। मंगलवार को नौकरानी की जाने के बाद लैपटॉप के कैमरे की रिकॉर्डिंग देखी, तो पता चला कि नौकरानी अलमारी से नगदी चुरा रही है। करीब एक माह में उनकी अलमारी से ₹25 हजार नकदी व सोने की अंगूठी चुराई जा चुकी थी। खास बात ये है कि यह नौकरानी बिना किसी पुलिस वेरिफिकेशन के रखी गई थी।
मामले की शिकायत टीटी नगर थाने में दर्ज करवाई गई थी। पुलिस के अनुसार फरियादी ने 25 हजार नकद और एक सोने की अंगूठी चोरी होना बताया है। बताया जा रहा है कि चोरी का मामला दर्ज होते ही आरोपी नौकरानी की तबीयत बिगड़ गई परिजनों ने उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया है,इसलिए अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर ही सवाल
हालांकि वन इंडिया हिंदी के संवाददाता ने टीटी नगर थाना प्रभारी चैन सिंह रघुवंशी से बात की तो, उन्होंने बताया कि फरियादी ने उन्हें व्हाट्सएप पर रिकॉर्डिंग वाली वीडियो सेंड की थी, इसलिए ये बताना मुश्किल है कि रिकॉर्डिंग सीसीटीवी की थी या लैपटॉप की ? अब इसमें पुलिस की कार्यप्रणाली पर ही सवाल खड़े होते हैं। जब पुलिस को ये ही नहीं पता कि रिकॉर्डिंग सीसीटीवी की है या लैपटॉप की, तो जांच पर सवाल भी खड़े हो सकते हैं।












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