सीहोर के अलीपुर में करणी सेना और समुदाय विशेष के बीच तनाव, पथराव और तोड़फोड़ से बिगड़े हालात
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले की आष्टा तहसील स्थित अलीपुर चौराहे पर रविवार देर रात करणी सेना के काफिले पर हुए पथराव और वाहनों में तोड़फोड़ की घटना ने पूरे क्षेत्र को तनाव की आग में झोंक दिया। हरदा से प्रदर्शन कर लौट रहे करणी सेना के कार्यकर्ताओं और समुदाय विशेष के कुछ लोगों के बीच मामूली कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।
हालात इतने बिगड़ गए कि भोपाल-इंदौर हाईवे को जाम करना पड़ा और पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने के साथ हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा।

घटना में दोनों पक्षों से एक-एक व्यक्ति के घायल होने की जानकारी सामने आई है। सोमवार सुबह बाजार तो खुल गए, लेकिन इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
कैसे शुरू हुआ विवाद: मामूली कहासुनी से हिंसा तक
यह पूरी घटना रविवार रात करीब 9:30 बजे पुराने भोपाल-इंदौर रोड पर स्थित अलीपुर चौराहे के पास शुरू हुई। जानकारी के अनुसार, हरदा में जनक्रांति आंदोलन में शामिल होकर लौट रहा करणी सेना का काफिला अलीपुर चौराहे के पास एक रेस्ट हाउस के पास रुका था, जहां भोजन और पानी की व्यवस्था की जा रही थी।
इसी दौरान वहां मौजूद समुदाय विशेष के कुछ लोगों से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। शुरुआत में मामला सामान्य बहस तक सीमित था, लेकिन कुछ ही देर में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
पथराव और तोड़फोड़, कई वाहन क्षतिग्रस्त
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद बढ़ते ही पथराव शुरू हो गया। करीब 12 से अधिक वाहनों के शीशे टूट गए। पार्वती पुल के पास खड़े वाहनों में तोड़फोड़ की गई। सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने इस घटना के विरोध में भोपाल-इंदौर हाईवे जाम कर दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। घंटों तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।
पुलिस की कार्रवाई: आंसू गैस और लाठीचार्ज
घटना की सूचना मिलते ही आष्टा थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन भीड़ की संख्या और आक्रोश को देखते हुए स्थिति पर काबू पाना आसान नहीं था। हालात बिगड़ते देख सीहोर, देवास और भोपाल से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया।
पुलिस ने स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए:
- आंसू गैस के गोले छोड़े
- हल्का लाठीचार्ज किया
- हाईवे से प्रदर्शनकारियों को हटाकर यातायात बहाल कराया
- करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद हालात पर काबू पाया जा सका।
दो लोग घायल, जांच जारी
हिंसक झड़प में दोनों पक्षों से एक-एक व्यक्ति के घायल होने की पुष्टि हुई है। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने दोनों पक्षों से शिकायतें दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
करणी सेना का आरोप: "यह एक षड्यंत्र है"
करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर ने इस घटना को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इसे करणी सेना के आंदोलन को बदनाम करने की साजिश बताया।
जीवन सिंह शेरपुर ने कहा, "यह पूरी घटना एक षड्यंत्र का हिस्सा है। हमारे आंदोलन को कमजोर करने और बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। मैं सभी कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि शांति बनाए रखें और किसी भी प्रकार के विवाद से दूर रहें।"
दूसरे पक्ष के आरोप और पुलिस का रुख
दूसरे पक्ष की ओर से विवाद की शुरुआत को लेकर स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है, लेकिन पथराव और हिंसा के लिए करणी सेना को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
सीहोर एसपी ने बताया, "फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात है। दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
सोमवार सुबह का हाल: बाजार खुले, लेकिन सतर्कता बरकरार
सोमवार सुबह अलीपुर और आसपास के क्षेत्रों में बाजार खुल गए, लेकिन लोग डरे-सहमे नजर आए। सड़क किनारे पत्थर बिखरे दिखाई दिए। स्कूल और कॉलेज खुले रहे, हालांकि कई अभिभावकों ने बच्चों को सतर्कता के चलते घर पर ही रखा। पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं और सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी अफवाह से हालात दोबारा न बिगड़ें।












Click it and Unblock the Notifications