चीतों की निगरानी के लिए कूनो पालपुर नेशनल पार्क में टास्क फोर्स का गठन, चीतों की सुरक्षा पर केंद्र की पूरी नजर
मध्यप्रदेश में चीतों की निगरानी के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने टास्क फोर्स का गठन करने का फैसला किया है। टास्क फोर्स के सदस्य कूनो पार्क का दौरा करेंगे और चीतों के स्वास्थ्य का परीक्षण करेंगे। हर ह
भोपाल,23 सितंबर। मध्यप्रदेश में चीतों की निगरानी के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने टास्क फोर्स का गठन करने का फैसला किया है। बता दे श्योपुर के कूनो पालपुर नेशनल पार्क में अब चीतों की निगरानी के लिए टास्क फोर्स की नजर रहेगी। इस टास्क फोर्स के सदस्य कूनो पार्क का दौरा करेंगे और चीतों के स्वास्थ्य का परीक्षण करेंगे। साथ ही उनके लिए की गई व्यवस्था को निरीक्षण करेंगे। हर हफ्ते ये सदस्य NTCA को चीतों के बारे में रिपोर्ट भेजेंगे। चीतों के व्यवहार में आने वाले बदलाव को लेकर विशेष नजर रहेगी।

चीतों की सुरक्षा और प्रबंधन पर केंद्र की नजर
मध्यप्रदेश में दक्षिण अफ्रीका के देश नामीबिया से लाए गए 8 चीतों की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार कोई भी कमी नहीं छोड़ना चाहती हैं। बता दे चीतों की सुरक्षा और प्रबंधन पर केंद्र की पूरी नजर है। अंतर्राष्ट्रीय महत्व की इस परियोजना पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इसलिए चीतों की निगरानी के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया। स्थानीय वन अधिकारियों को यह जिम्मेदारी दी गई है। फोर्स के सदस्य बारी-बारी से कुन्नू पार्क का दौरा करके केंद्र सरकार को हर हफ्ते रिपोर्ट भेजेंगे। जिसमें प्रबंधन और सुरक्षा को और सुरक्षा को लेकर स्थिति स्पष्ट करनी होगी।

चीतों के व्यवहार में बदलाव पर रखेंगे नजर
कानू पार्क में छोड़े गए 8 चीतों के व्यवहार में आने वाले बदलाव को लेकर टास्क फोर्स के सदस्य इस पर नजर रखेंगे। साथ ही बदलाव की रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजेंगे। इन्हीं की रिपोर्ट पर तय होगा कि क्वॉरेंटाइन बाड़े से चीतों को बड़े-बड़े और फिर जंगल में खुला कब छोड़ा जाना है। इसके अलावा पार्क में पर्यटन शुरू करने और उसे व्यवस्थित करने का निर्णय भी इसी फोर्स के सदस्य लेंगे। उल्लेखनीय है कि चीता देखने आने वाले पर्यटकों के लिए तो 2023 में जनवरी से पाक खोला जा सकता है।

एनटीसीए के सदस्य डॉ एसपी यादव ने दी जानकारी
बता दे चीतो के लिए गठित टास्क फोर्स में प्रमुख सचिव वन अशोक बर्णवाल, NTCA के आईजी डॉ अमित मलिक, प्रमुख सचिव पर्यटन शिव शेखर शुक्ला, प्रदेश के वन बल प्रमुख आर के गुप्ता, मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक जेएस चौहान और राज्य वन्य प्राणी बोर्ड के सदस्य अभिलाष खांडेकर को शामिल किया गया है। वन्य प्राणी मुख्यालय में पदस्थ अपर प्रधान मुख्य वन रक्षक शुभ रंजन सह संयोजक सदस्य बनाए गए एनटीसीए के सदस्य सचिव डॉ एसपी यादव ने इसकी पुष्टि की है।

कूनो राष्ट्रीय उद्यान में 20 हजार से अधिक चीतल
कूनो राष्ट्रीय उद्यान में बड़ी संख्या में चीतल हैं। यहां वहां अन्य स्थानों अथवा राज्यों से चीतल लाए जाने की आवश्यकता नहीं है और न ही लाये गए हैं। ये प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य-प्राणी) जसबीर सिंह चौहान ने दी हैं। उन्होंने बताया है कि मध्यप्रदेश के वनों में बड़ी संख्या में चीतल हैं। वर्तमान में राष्ट्रीय उद्यान कान्हा में 30 हजार, पेंच में 50 हजार, बांधवगढ़ में 30 हजार और सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान में 10 हजार चीतल हैं। संजय राष्ट्रीय उद्यान और नौरादेही अभयारण्य में चीतलों की संख्या कम है। दरअसल चीतों के लिए भारी क्षेत्र से चीतल लाए जाने पर विश्नोई समाज ने विरोध दर्ज करवाया था। जिसके बाद वन अधिकारी का यह बयान सामने आया। प्रधान मुख्य वन संरक्षक चौहान ने बताया कि प्रदेश में वन्य-प्राणियों के अच्छे प्रबंधन एवं उनके संरक्षण में विश्नोई समाज का सराहनीय योगदान है। विश्नोई समाज की अमृता देवी के नाम पर वन्य-प्राणी संरक्षण के क्षेत्र में योगदान के लिये पुरस्कार दिए जाते हैं।
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