MP: 11 लाख डिफाल्टर किसानों का ब्याज, ₹2123 करोड़ माफ, चुकाना होगा मूलधन, कैबिनेट में एक दर्जन प्रस्ताव पास
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि मध्यप्रदेश में अब किसानों के लिए गेहूं की खरीदी की तारीख 10 मई से बढ़ाकर 20 मई की गई है। 30 अप्रैल तक बेची जाने वाली फसल पर मिलने वाला जीरो प्रतिशत ब्याज का लाभ अब 20 मई तक मिलेगा।

मध्य प्रदेश में पूर्व कमलनाथ सरकार की जय किसान कर्ज माफी योजना में कर्ज माफ नहीं हो पाने से डिफॉल्टर हो गए किसानों के लिए अच्छी खबर है। अब प्रदेश की भाजपा सरकार इन किसानों को डिफॉल्टर की श्रेणी से बाहर लाने उनके बकाया ब्याज को माफ करने जा रही है। 11 लाख 18 हजार 916 किसानों का 2122 करोड़ 71 लाख रुपये ब्याज सरकार माफ करने जा रही है। इसके लिए शिवराज सरकार ने आज कैबिनेट की बैठक में इसे लेकर चर्चा की। जिसके बाद कैबिनेट की सहमति से इस प्रस्ताव को पास किया गया। ब्याज माफ होने पर भी इन किसानों को 3356 करोड़ रुपए का मूलधन चुकाना होगा।
मंत्रालय में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में सहकारी बैंकों के जरिए कर्ज लेने वाले डिफाल्टर किसानों के ब्याज माफी पर चर्चा की गई। सबसे अधिक फायदा सागर जिले के 52 हजार 817 किसानों को मिलेगा। इनका 75 करोड़ 84 लाख रुपए का ब्याज माफ होगा।
इस राशि की बात करें तो छतरपुर और मंदसौर के किसानों को इसका सबसे अधिक लाभ मिलेगा छतरपुर के 44 हजार 302 किसानों का 110 करोड़ ₹84 लाख रुपये का ब्याज माफ होगा और मंदसौर जिले में 46 हजार 763 किसानों का 102 लाख ₹80 हजार ब्याज माफ किया जाएगा। जानकारी के अनुसार छतरपुर में 141 करोड़ 3 लाख रुपये, मंदसौर में 151 करोड़ ₹2 लाख रुपये किसानों को जमा करना होगा। सीहोर जिले में 36 हजार 648 किसानों का ₹90 लाख 54 हजार रुपये का ब्याज माफ किया जाएगा। इन किसानों को 152 लाख ₹54 हजार का मूलधन चुकाना होगा। सभी 52 जिलों के किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
डिफाल्टर होने से बंद हो गया था खाद-बीज मिलना
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू से ही जय किसान कर्ज माफी योजना में आवेदन करने वाले 9 लाख 19000 किसान इस योजना के दायरे में आ रहे थे। इन किसानों का ₹2 लाख तक का कर्ज माफ होना था। जिन किसानों को इसका लाभ नहीं मिला उन्होंने भी कर्ज माफी की आस लेकर जमा नहीं किया और डिफाल्टर हो गए। हिना खाद बीज मिलना बंद हो गया था इनमें से 4 लाख 40 हजार किसानों का 1772 करोड़ रुपए का ब्याज बाकी है।
इन सभी को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है इस योजना में 30 नवंबर तक किसानों को आवेदन करना होगा। 3356 करोड रुपए का मूलधन किसानों को जमा करना होगा। ₹2 लाख तक का बकाया वाले किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा। मूलधन और ब्याज जमा होने के बाद भी किसान डिफॉल्टर की श्रेणी से बाहर आएंगे और उन्हें खाद बीज और नया बिना ब्याज का कर्ज मिल सकेगा।
इसके अलावा इन प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है
- रीवा हवाई पट्टी को विकसित/विस्तारित करने हेतु कैबिनेट ने राज्य शासन और भारतीय विमानपत्तनम प्राधिकरण के मध्य एमओयू निष्पादित करने का निर्णय लिया गया है।
- मध्यप्रदेश में जिला देवास के टोंकखुर्द, खंडवा जिले के खाल्वा और छतरपुर जिले के गौरीहार में नए SDM कार्यालयों का गठन किया जाएगा।
- मध्य प्रदेश में बुधवार से सीएम जनसेवा अभियान पुनः प्रारंभ हो रहा है। सभी प्रभारी मंत्री अपने गृह जिले और प्रभार के जिलों में अभियान की सफलता सुनिश्चित करेंगे।












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