सेंट्रल जेल में बंद कैदी लड़ेगा सरपंची, गांव वालों ने किया समर्थन
सतना,3 जून: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की निर्वाचन प्रकिया के दौरान यहां यह अपने किस्म का पहला मामला है, जब सेंट्रल जेल के एक विचाराधीन बंदी ने एनडीपीएस एक्ट की स्पेशल कोर्ट से अनुमति लेकर सरपंच पद का चुनाव लडऩे की ठानी है। प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप की तस्करी के आरोप में सिटी कोतवाली पुलिस ने सतना जिला के भरजुना करसरा निवासी 30 वर्षीय आरोपी शैलेश शुक्ला को 2 और साथियों के साथ पकड़ा था। सेंट्रल जेल के विचाराधीन बंदी शैलेश शुक्ला ने विशेष न्यायाधीश योगीराज पांडेय की अदालत में आवेदन देकर पंचायत चुनाव लड़ने की अनुमति मांगी थी। 31 मई को अनुमति मिलने के बाद सेंट्रल जेल में केंद्रीय कारागार अधीक्षक अखिलेश तोमर की मौजूदगी में शैलेश शुक्ला से भरजुना के सरंपच पद के लिए नाम निर्देशन पत्र भरवाते हुए शपथ पत्र भी तस्दीक कराया गया। कुछ कागजी त्रुटियों की बदौलत 3 जून को शैलेश का नामांकन नहीं दाखिल हो सका जिसे अब 4 जून को जमा किया जाएगा। एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 और ड्रग कंट्रोल एक्ट की धारा-5/21 के तहत आरोपी शैलेश शुक्ला पिछले साल की 3 जून से सेंट्रल जेल में बतौर विचाराधीन कैदी बंद है। मामले की सुनवाई 11 जून को है।

चाचा हेमंत किशोर ने कहा गांव की जनता निर्विरोध चुनना चाहती है
शैलेश के चाचा हेमंत किशोर शुक्ला ने कहा कि वह बड़े लोगों के साथ रहता था. लोगों ने उसे फंसाया है। पकड़ा हॉस्पिटल से गया है, दर्शाया गया है रेलवे फाटक। वह बहुत अच्छा लड़का है। नवयुवक था. वह कुछ करना चाहता था तो उसे दाब दिए। ऐसा फंसा दिए कि जेल में रहा आये। यहां की आम पब्लिक ये तक चाहती है कि इस लड़के के लिए यह चुनाव निर्विरोध कर दिया जाए। गांव तो इकट्ठा होकर अकेले ही चुनाव लड़ा रहा है।
गांव वालों ने किया समर्थन
गांव के रहने वाले शंकर मिश्रा ने कहा कि अपना गांव तो पूरा उसके लिए तैयार है। क्योंकि वह लड़का जब तक यहां रहा लोगों का अच्छा सहयोग करता था.समाजसेवी टाइप का था। जो भी उसके साथ हुआ वो गलत हुआ है। जिसके लिए पूरा गांव इकट्ठा है कि कैसे भी करके आए और उससे उसकी बेगुनाही साबित हो। तो हमारा गांव सब उसके साथ है।












Click it and Unblock the Notifications