MP News Indore: भागीरथपुरा की गलियों में पैदल घूमे राहुल गांधी, सुरक्षा भूल पीड़ितों से की मुलाकात
MP News Indore: इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हुई मौतों और सैकड़ों लोगों के बीमार पड़ने की घटना ने अब राष्ट्रीय राजनीति में भी हलचल मचा दी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी बुधवार को अचानक भागीरथपुरा की संकरी गलियों में पैदल चलते नजर आए। बिना किसी भारी सुरक्षा घेराबंदी के राहुल गांधी सीधे पीड़ित परिवारों के घर पहुंचे, उनसे हालात जाने और उनकी पीड़ा सुनी।
इस दौरान राहुल गांधी ने इंदौर के स्मार्ट सिटी मॉडल और भाजपा सरकार की शहरी व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इंदौर को स्मार्ट सिटी के रूप में पेश किया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक है।

"यह स्मार्ट सिटी का नया मॉडल है, जहां पीने का पानी तक नहीं"
भागीरथपुरा में लोगों से बातचीत के बाद राहुल गांधी ने कहा- "हमें इंदौर में स्मार्ट सिटी का वादा किया गया था। यह स्मार्ट सिटी का नया मॉडल है, जहां लोगों को पीने का साफ पानी नहीं मिल रहा और शिकायत करने पर उन्हें धमकाया जा रहा है। दूषित पानी पीने से लोगों की मौत हुई है। क्या यही भाजपा सरकार का शहरी मॉडल है?"
राहुल गांधी ने कहा कि यह समस्या केवल इंदौर तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कई शहरों में यही स्थिति बन रही है, जहां बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी हो रही है।
भाजपा सरकार पर जवाबदेही तय करने की मांग
राहुल गांधी ने साफ शब्दों में कहा कि साफ पानी और साफ हवा देना किसी भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है, लेकिन भाजपा सरकार इसमें पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा-"भाजपा सरकार में किसी न किसी को इस लापरवाही के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उन्हें मुआवजा मिलना चाहिए। यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि मानवीय त्रासदी है।"
उन्होंने यह भी कहा कि आज भी भागीरथपुरा सहित आसपास के इलाकों में लोगों को स्वच्छ पानी उपलब्ध नहीं कराया जा सका है।
"जनता के मुद्दे उठाना मेरी जिम्मेदारी"
राहुल गांधी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के रूप में जनता के सवाल उठाना और सरकार से जवाब मांगना उनका कर्तव्य है।
उन्होंने कहा- "निवासी सिर्फ वही मांग रहे हैं जो सरकार का कर्तव्य है-यानी स्वच्छ और सुरक्षित पानी की व्यवस्था। आप इसे राजनीति कहें या जो भी उचित लगे, लेकिन मैं जनता के साथ खड़ा हूं।"
बॉम्बे अस्पताल में पीड़ितों से मुलाकात
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बताया कि राहुल गांधी ने इंदौर के बॉम्बे अस्पताल पहुंचकर दूषित पानी से बीमार हुए लोगों से भी मुलाकात की। उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से इलाज और प्रशासनिक मदद की स्थिति की जानकारी ली।
जीतू पटवारी ने कहा- "भाजपा सरकार के जहरीले मॉडल ने कई परिवारों को उजाड़ दिया है। सरकार अपनी जिम्मेदारी और जवाबदेही से नहीं भाग सकती। कांग्रेस पीड़ितों के साथ खड़ी है और हर कीमत पर उन्हें न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करेगी।"
स्थानीय लोगों में दिखा भरोसा, सुरक्षा व्यवस्था पर भी चर्चा
राहुल गांधी का बिना औपचारिक सुरक्षा घेरे के गलियों में घूमना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा। लोग अपने घरों से बाहर निकलकर उनसे सीधे संवाद करते दिखे। कई लोगों ने राहुल गांधी को दूषित पानी से जुड़ी समस्याओं, प्रशासनिक उपेक्षा और डराने-धमकाने के आरोपों से अवगत कराया।
सरकार पर बढ़ा राजनीतिक दबाव
राहुल गांधी के दौरे के बाद राज्य सरकार और नगर निगम पर दबाव बढ़ गया है। विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि दोषियों पर कार्रवाई हो, पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जाए और इलाके में स्थायी रूप से स्वच्छ पानी की व्यवस्था की जाए।
भागीरथपुरा की घटना अब सिर्फ एक स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि सरकार के शहरी विकास और स्मार्ट सिटी मॉडल की सच्चाई को उजागर करने वाला बड़ा मुद्दा बनती जा रही है।












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