Bhopal News: पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी का विरोध, विधायक आरिफ मसूद ने की यति नरसिंहानंद की शिकायत
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद द्वारा पैगंबर मोहम्मद पर दिए गए बयान के बाद मध्य प्रदेश में भी इसका विरोध तेज हो गया है। भोपाल मध्य विधानसभा से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद, मुस्लिम समाज के लोगों के साथ मिलकर भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्रा को ज्ञापन देने पहुंचे।
ज्ञापन देने के बाद विधायक आरिफ मसूद ने कहा, "हमारे नबी के बारे में बार-बार प्रायोजित ढंग से नफरत फैलाने का काम किया जा रहा है।"

उन्होंने यह भी कहा कि यह कोई अकेला मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित अभियान है। "पहले महाराष्ट्र में एक ने ऐसा कहा, अब गाजियाबाद में। ऐसे लोगों को छोटी धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद रिहा कर दिया जाता है। पुलिस में कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है," उन्होंने आरोप लगाया।
सख्त कार्रवाई की मांग
मसूद ने कहा कि यदि सख्त कार्रवाई नहीं की जाती है, तो ऐसे बयान देने वालों की हिम्मत और बढ़ जाएगी। "ऐसे वक्त में जब नवरात्रि का पर्व चल रहा है, जहां सभी की आस्था है, ऐसे में एक समाज को भड़काने के प्रयास किए जा रहे हैं। यह एक प्रायोजित काम है," उन्होंने जोर देकर कहा।
समुदाय की एकता का आह्वान
विधायक ने मुस्लिम समाज से एकजुट होने और इस तरह के विवादास्पद बयानों के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि समाज को इन प्रोबोकेशन के खिलाफ सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि ऐसे बयानों की पुनरावृत्ति न हो।
पुलिस कमिश्नर का जवाब
मसूद ने बताया कि पुलिस कमिश्नर ने उन्हें बताया कि एक मुकदमा पहले ही दर्ज हो चुका है। हालांकि, मसूद ने कहा कि कानून के अनुसार, एक मुकदमा दर्ज होने के बाद दूसरा मुकदमा दर्ज करने में कठिनाई होती है। उन्होंने पुलिस कमिश्नर से कहा कि यह प्रॉब्लम नहीं होनी चाहिए, क्योंकि एक व्यक्ति लगातार इस तरह के विवादास्पद बयानों के माध्यम से समाज में विद्वेष फैलाने की कोशिश कर रहा है।
सख्त सजा की जरूरत
मसूद ने कहा कि ऐसे व्यक्तियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। "सीपी साहब ने जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया है। हमें ऐसे लोगों से बचने की जरूरत है," उन्होंने कहा।
बीजेपी पर गंभीर आरोप
मसूद ने बीजेपी पर नफरत फैलाने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर सही से जांच की जाए, तो उनके पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश हो जाएगा। "भाजपा नफरत फैलाने में माहिर है। ऐसे समय पर इस तरह के बयानों का कारण क्या है, यह जानने की जरूरत है," उन्होंने कहा।
संतों का संदेश
उन्होंने यह भी कहा कि संतों और पीरों के प्रवचनों में हमेशा शांति, सद्भाव और प्रेम का संदेश होता है। "कोई संत या मौलाना दूसरों के खिलाफ ऐसी टिप्पणियां नहीं करता। अगर कोई इस तरह की टिप्पणी करता है, तो वह असली संत नहीं हो सकता," मसूद ने स्पष्ट किया।

क्या है यति नरसिंहानंद का विवादास्पद बयान
यूपी के गाजियाबाद में 29 सितंबर को एक कार्यक्रम के दौरान यति नरसिंहानंद गिरि ने पैगंबर मोहम्मद साहब पर टिप्पणी की, जिससे मध्यप्रदेश के भोपाल में विवाद उत्पन्न हो गया है। यह कार्यक्रम अमर बलिदानी मेजर आसाराम व्याग सेवा संस्थान के बैनर तले आयोजित किया गया था, जिसमें यति नरसिंहानंद ने अपने विचार रखे।
विवादास्पद टिप्पणियां
इस कार्यक्रम के दौरान, नरसिंहानंद ने कहा, "हम कभी धर्म को समझे ही नहीं। इन्होंने देशों, राष्ट्रों की बात की। उनके पास न एक देश है, न एक राष्ट्र है।" उन्होंने यह भी कहा कि आज लाखों सालों से रावण को जलाने की परंपरा चली आ रही है, लेकिन अब ऐसे अपराधी पैदा हो गए हैं, जिनके सामने रावण का कोई अस्तित्व नहीं है। "अब दशहरे में रावण के पुतले नहीं जलने चाहिए," उन्होंने स्पष्ट किया।
कांग्रेस विधायक का विरोध
इस बयान के बाद, भोपाल के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने मुस्लिम समाज के लोगों के साथ पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयानों से नफरत फैलाने का काम किया जा रहा है। मसूद ने यह भी बताया कि पहले महाराष्ट्र में और अब गाजियाबाद में ऐसे बयान दिए गए हैं, जिससे समाज में तनाव उत्पन्न होता है। मसूद ने पुलिस कमिश्नर से कहा कि इस मामले में एक्शन होना चाहिए और ऐसे व्यक्तियों पर सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा नफरत फैलाने में माहिर है और सही जांच होने पर उनका षड्यंत्र सामने आएगा।












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