इंटरनेशनल साइबर जालसाजों को खाता उपलब्ध कराने वाला अलीगढ़ विश्वविद्यालय का छात्र गिरफ्तार
भोपाल साइबर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बरेली से इंटरनेशनल जालसाजों से कमीशन लेकर अपना बैंक खाता मुहैया कराने वाले बैचलर ऑफ सोशल वर्क( बीएसडब्ल्यू ) के छात्र को गिरफ्तार किया है।
भोपाल,2 सितंबर। भोपाल साइबर क्राइम ब्रांच पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बरेली में एक ऐसे साइबर अपराधी छात्र को पकड़ा है, जो कमीशन लेकर इंटरनेशनल जालसाजों को बैंक खाते दिया करता था। इंटरनेशनल जालसाजों से कमीशन लेकर अपना बैंक खाता मुहैया कराने वाले बैचलर ऑफ सोशल वर्क( बीएसडब्ल्यू ) के छात्र को भोपाल साइबर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ये साइबर ठग अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में रहकर पढ़ाई कर रहा था। आरोपी ने 3 बैंक खाते इंटरनेशनल जालसाजी को दिए इनमें से एक में चाइना से भी एक चीज हो रहा था। ऑनलाइन खोले गए बैंक खाते देने के बाद छात्र अपने मोबाइल नंबर की जगह जालसाज ओके नंबर जोड़ देता था, ताकि उन्हें भी खाते का ऑनलाइन एक्सेस मिल जाए। जिससे वे यूपीआई का इस्तेमाल कर सकें।

कैसे आया गिरफ्त में आरोपी
डीसीपी क्राइम अमित कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि बीती 22 जून को युवती ने क्राइम ब्रांच थाने में लिखित शिकायत की थी कि 16 जून को रेजोनेंस एजुकेशन नामक आईडी से एक मैसेज आया था। इसमें घर बैठे नौकरी के लिए व्हाट्सएप लिंक दी गई थी। लिंक पर क्लिक करते ही युवती को एक टेलीग्राम ग्रुप पर जोड़कर एक लिंक दी गई।
टेलीग्राम ग्रुप में लिंक भेजने के बाद टैक्स पूरा करने के बहाने यूपीआई के जरिए ₹108500जमा करवा लिए गए। रकम जमा होने के बाद जालसाज ओने पीड़ित युवती के अकाउंट को ब्लॉक कर दिया। तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने आज्ञा आज जालसाज पर केस दर्ज किया था।

लिंक तलाशते हुए एसआई भरत को मिली सफलता
इस तरह का मामला साइबर क्राइम ब्रांच पुलिस के लिए नया था। एसआई भरत प्रजापति लिंक को तलाशते हुए उत्तर प्रदेश के बरेली जिले पहुंचे या उनकी टीम ने मोहम्मद फराज को गिरफ्तार किया उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन सिम कार्ड और एटीएम कार्ड भी जप्त किया गया।

हर खाते पर मिलता था कमीशन
आरोपी छात्र फराज अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में रहकर बीएसडब्ल्यू की पढ़ाई कर रहा है आरोप है कि ये विदेशी जालसाजी को टेलीग्राम पर तलाश कर उन्हें बैंक खाते मोरिया करवाता था अब तक यह जालसाजी को 3 बैंक खाते कमीशन लेकर दे चुका है। हर खाते पर उसको कमीशन के रूप में 20 से 25000 को मिलते हैं उसे ऑनलाइन खोले गए बैंक खातों में वे अपने ही दस्तावेजों का इस्तेमाल करता था।

विदेशी एक्सेस पर हैरान हुई पुलिस
पुलिस ने बताया कि आरोपी छात्रों द्वारा कमीशन पर दिए गए बैंक खातों का एक्सेस चाइना से भी मिला है। जालसाजों के पास से खाता पहुंचने के बाद इसमें बड़े ट्रांजैक्शन भी नजर आ रहे हैं पुलिस फिलहाल जी पता लगा रही है कि यह रकम कहां और किसने ट्रांसफर की है।
बता दे आरोपी छात्र इंटरनेट मीडिया पर साइबर ठगों को तलाशा था। इसके बाद करंट अकाउंट खुलवा कर उसमें जालसाजों द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर को ऑनलाइन जोड़ता था। 'जालसाज' छात्र द्वारा दिए गए खातों का ऑनलाइन उपयोग धोखाधड़ी के जरिए हासिल राशि को ट्रांसफर करने के लिए करते थे।












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