MP Board paper leak: पेपर लीक करने वाले 4 टीचर भोपाल से गिरफ्तार, कोचिंग का नाम बढ़ाने के लिए किया ये कांड
एमपी में माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में पेपर लीक के मामले में क्राइम ब्रांच पुलिस ने भोपाल से 4 टीचर को गिरफ्तार किया है।

मध्यप्रदेश में एमपी बोर्ड द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक होने की घटना सामने आ रही थी। इसके बाद शासन ने ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए धरपकड़ शुरू की। भोपाल क्राइम ब्रांच ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें राजधानी भोपाल के एक परीक्षा केंद्र के केंद्र अध्यक्ष, सहायक केंद्र अध्यक्ष और दो पर्यवेक्षक शामिल है, इन सभी पर पेपर लीक करने का आरोप है। इसके अलावा रायसेन से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिस पर इंटरनेट के माध्यम से पेपर बेचने का आरोप है।
कोचिंग के नाम के लिए किया ऐसा
भोपाल क्राइम ब्रांच पुलिस ने शनिवार को छापेमारी में एमपी बोर्ड की 12वीं की केमिस्ट्री और बिजनेस एनालिसिस पेपर लीक के आरोप में भानपुर इलाके में स्थित विद्यासागर स्कूल केंद्र से 4 टीचर्स को गिरफ्तार किया गया। इसमें केंद्र अध्यक्ष राज कुमार सक्सेना, सहायक केंद्र अध्यक्ष रेखा गोयल और पर्यवेक्षक पवन सिंह विश्वनाथ सिंह शामिल है। चारों शिक्षकों को जेल भेज दिया गया है।
आरोपी पर्यवेक्षक पवन सिंह और विश्वनाथ ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वे कोचिंग सेंटर चलाते हैं। यहां पढ़ने वाले अपने स्टूडेंट्स को अच्छे नंबर से पास कराने के लिए वे परीक्षा से करीब आधा घंटा पहले पेपर व्हाट्सएप ग्रुप पर भेज देते हैं। ताकि छात्र पेपर को पढ़कर उसके उत्तर रट लें। जिससे वह अच्छे नंबर ला सके और उनकी कोचिंग का नाम रोशन हो सके।
पुलिस का मानना है कि जब आरोपी स्टूडेंट के व्हाट्सएप ग्रुप पर पेपर डालते हैं तो स्टूडेंट्स भी किसी अन्य ग्रुप में पेपर भेजते होंगे। जिसके कारण पूरे प्रदेश भर में पेपर लीक होने की घटना सामने आई है। पुलिस ने इस दिशा में जांच शुरू कर दी है। आरोपियों ने पूछताछ में यह भी कबूला है कि वे 3 मार्च से इस तरह से पेपर भेज रहे थे।
आरोपी टेलीग्राम पर बेच रहा था पेपर
डीसीपी अमित कुमार ने बताया कि मंडीदीप रायसेन के रहने वाले कौशिक दुबे, पिता श्याम कुमार दुबे को गिरफ्तार किया गया है। वह बीकॉम थर्ड ईयर का स्टूडेंट है। आरोपी टेलीग्राम ग्रुप में बोर्ड एग्जाम के पेपर का लिंक जनरेट कर 600 से ₹1000 में स्टूडेंट को पेपर बेच रहा था। भोपाल क्राइम ब्रांच ने आरोपी के पास से एक बैंक पासबुक, मोबाइल, दो सिम कार्ड बरामद किए है।

मंत्री बोले- परीक्षा पर नहीं पड़ेगा असर
स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि अब तक 21 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। आगे भी और लोगों की गिरफ्तारी होगी। अधिकारी हो या कर्मचारी हर जिम्मेदार पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र लीक मामले में संबंधित विषयों की परीक्षा पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि प्रश्नपत्र लीक होने से पहले परीक्षार्थी परीक्षा कक्ष में पहुंच चुके थे। हालांकि इस मामले में किसी भी जिम्मेदार को छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा है कि पेपर लीक करने के जरिए सरकार की छवि को खराब करने की कोशिश की गई है, ऐसे लोगों को छोड़ा नहीं जाएगा।












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