Bhopal News: वोट वाले दिन मध्य और गोविंदपुरा में भाजपा का बूथ मैनेजमेंट दिखा मजबूत, नतीजों पर पड़ेगा असर
Bhopal Election News: राजधानी भोपाल की मध्य और गोविंदपुरा क्षेत्र में मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और लोकतंत्र के इस पर्व में मतदान भी किया। लेकिन मतदान वाले दिन दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता बड़ी मेहनत करते हुए नजर आए।
दरअसल, वन इंडिया हिंदी के संवाददाता लक्ष्मी नारायण ने राजधानी भोपाल के गोविंदपुरा और मध्य विधानसभा में मतदान को लेकर कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ताओं से संवाद किया। लक्ष्मी नारायण ने पाया कि भाजपा का प्रदेश में मजबूत स्थिति में होने का प्रमुख कारण बूथ मैनेजमेंट है। इसके पीछे की वजह भी जानिए....

दरअसल, इन विधानसभा क्षेत्र में एक-एक पोलिंग बूथ पर भाजपा के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद थे। वहीं कांग्रेस के कार्यकर्ता पोलिंग बूथ पर कम संख्या में नजर आए और स्टॉल भी कम दिखे। इससे मतदान पर काफी फर्क पड़ता है। क्योंकि आमतौर पर पोलिंग बूथ पर मतदाता अपनी मत पर्ची को लेकर कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए का स्टोलों पर जाते हैं। अगर कोई पहचान वाला निकल गया तो भाजपा के कार्यकर्ता उन्हें कमल का बटन की याद दिला देते है।
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भाजपा नेता और पार्षद पप्पू विलास ने बताएं बूथ मैनेजमेंट के राज
इसी विषय को लेकर मध्य विधानसभा क्षेत्र के रोशनपुरा चौराहे पर लक्ष्मी नारायण ने भाजपा के वरिष्ठ नेता और पार्षद पप्पू विलास से बातचीत की। जहां उन्होंने बताया कि इस बार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का प्रमुख मुद्दा राम मंदिर रहा। इसके अलावा बूथ मैनेजमेंट को लेकर भी उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता पूरे पांचो साल मेहनत करता है इसलिए जिस दिन मतदान होता है, उसे दिन कार्यकर्ताओं को ज्यादा मशक्कत नहीं करना पड़ती। सारे काम आसानी से हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि मंडल से लेकर गालियों तक हमारे कार्यकर्ता एक परिवार के रूप में जुड़े हुए हैं। इसलिए हम अपने संगठन के नेतृत्व के आधार पर काम करते हैं और ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रीय लोगों को मतदाता से ज्यादा अपना परिवार का हिस्सा बनाने की कोशिश करते है।
बता दे मध्य विधानसभा से मौजूदा कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद कांग्रेस के प्रत्याशी हैं और वही भाजपा से पूर्व विधायक धुर्वे नारायण उनको चुनौती देते नजर आए। भाजपा की मजबूत बूथ मैनेजमेंट के चलते इस बार मध्य विधानसभा में कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर नजर आई। वही गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र में कमजोर बूथ मैनेजमेंट के चलते कांग्रेस कांग्रेस का पक्ष कमजोर नजर आया। जिससे भाजपा प्रत्याशी कृष्णा गौर गोविंदपुरा में मजबूत स्थिति में नजर आ रही है। वही रविंद्र साहू झूमर वाला बिछड़ते हुए नजर आए। अब देखना होगा कि 3 दिसंबर को जनता ने किसके पक्ष में मतदान किया है, लेकिन राजधानी में लोगों से मिले रुझानों से माहौल भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में नजर आया।












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