Bhopal News: पर्यावरण संरक्षण को लेकर भोपाल में NSUI का पैदल मार्च, सैकड़ों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे
MP News: मध्य प्रदेश में लगातार हो रही पेड़ कटाई, जंगलों के विनाश और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्र संगठन एनएसयूआई ने राजधानी भोपाल में बड़ा प्रदर्शन किया। "पर्यावरण बचाओ, पेड़ बचाओ" अभियान के तहत रविवार को भोपाल में एक विशाल पैदल मार्च का आयोजन किया गया।
यह मार्च मिनाल के गेट नंबर-4 (अयोध्या बायपास रोड) से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से गुजरता हुआ आगे बढ़ा, जिसमें सैकड़ों की संख्या में छात्र, युवा, एनएसयूआई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।

मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं के हाथों में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े बैनर और तख्तियां थीं। "पेड़ बचाओ - जीवन बचाओ", "पर्यावरण नहीं तो भविष्य नहीं" जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। कार्यक्रम में युवाओं के साथ-साथ आम नागरिकों की भागीदारी भी देखने को मिली, जिससे यह साफ हुआ कि पर्यावरण संरक्षण का मुद्दा अब केवल संगठनों तक सीमित नहीं, बल्कि आम जनता की चिंता बनता जा रहा है।
जीतू पटवारी बोले-पेड़ों पर हमला भविष्य पर हमला है
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष जीतू पटवारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने पैदल मार्च के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश और प्रदेश के सामने सबसे बड़ी चुनौती पर्यावरण को बचाने की है। उन्होंने अरावली पर्वतमाला का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि अरावली को नहीं बचाया गया, तो इसका सीधा असर देश के जलस्तर, मौसम और जीवन प्रणाली पर पड़ेगा।
पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश के सिंगरौली, भोपाल सहित कई क्षेत्रों में जिस तरह से विकास के नाम पर अंधाधुंध पेड़ कटाई की जा रही है, वह बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा, "पेड़ सिर्फ हरियाली नहीं होते, वे हमारी सांस हैं। अगर आज हम चुप रहे, तो आने वाली पीढ़ियों को हम एक प्रदूषित और बंजर भविष्य सौंपेंगे।" उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस और एनएसयूआई पर्यावरण विनाश के खिलाफ सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष जारी रखेंगी।
आशुतोष चौकसे का सरकार पर हमला
एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण कोई औपचारिक नारा नहीं, बल्कि जीवन से जुड़ा हुआ गंभीर प्रश्न है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण लगातार जंगल और हरियाली समाप्त की जा रही है।
चौकसे ने कहा, "अडानी जैसे कॉरपोरेट हितों के लिए प्रकृति की बलि नहीं दी जाएगी। विकास के नाम पर पेड़ों की कटाई स्वीकार नहीं की जा सकती।" उन्होंने कहा कि एनएसयूआई छात्रों और युवाओं के साथ मिलकर पेड़ कटाई के हर फैसले का विरोध करेगी और प्रदेशभर में जन-जागरूकता अभियान को और तेज किया जाएगा।
रवि दांगी बोले-यह आंदोलन की शुरुआत है
एनएसयूआई के प्रदेश प्रभारी रवि दांगी ने कहा कि छात्र संगठन होने के नाते एनएसयूआई की जिम्मेदारी सिर्फ शिक्षा से जुड़े मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण और भविष्य की रक्षा करना भी संगठन का दायित्व है। उन्होंने कहा कि आज का यह पैदल मार्च एक शुरुआत है और आने वाले समय में इसे प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप दिया जाएगा।
अनुशासन और उत्साह के साथ निकला मार्च
पूरे पैदल मार्च के दौरान अनुशासन, उत्साह और संगठनात्मक एकजुटता देखने को मिली। कार्यकर्ताओं ने आम नागरिकों से अपील की कि वे पेड़ों की रक्षा करें, अनावश्यक कटाई का विरोध करें और अधिक से अधिक पौधारोपण में भाग लें।
एनएसयूआई नेताओं ने साफ संकेत दिया कि यदि सरकार ने पर्यावरण विरोधी नीतियों पर पुनर्विचार नहीं किया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।












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