MP के सभी टाइगर रिजर्व में नाइट सफारी होगी बंद, पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ ने लगाया प्रतिबंध
एमपी के सभी टाइगर रिजर्व में नाइट सफारी अब नहीं होगी। टाइगर रिजर्व के बफर जोन में चल रही नाइट सफारी को बंद करने के लिए पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ ने प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है।
भोपाल 12 अक्टूबर। एमपी के सभी टाइगर रिजर्व में नाइट सफारी अब नहीं होगी। टाइगर रिजर्व के बफर जोन में चल रही नाइट सफारी को बंद करने के लिए पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ 9 अक्टूबर के पहले सप्ताह में नाइट सफारी पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नाइट सफारी के कारण वन्य जीव परेशान होते हैं। कई बार गाड़ियों की आवाज के कारण उन्हें नींद नहीं आती। उन्होंने निर्देश पत्र में यह भी लिखा कि नाइट सफारी को टाइगर रिजर्व के बाहर के जंगल अर्थात रेगुलर फॉरेस्ट में जारी रखा जा सकता है।

जंगली जानवर प्राकृतिक रोशनी में रहने के आदी हैं, इसलिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने मध्यप्रदेश के टाइगर रिजर्व में कराई जा रही नाइट सफारी पर आपत्ति जताई है। नाइट सफारी को लेकर NTCA और मध्य प्रदेश वन विभाग के बीच लंबे समय से तकरार चल रही थी। जब एनटीसीए सख्त हुआ तो पीसीसीएफ जेएस चौहान मैं मध्य प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टरों को पत्र लिखकर नाइट सफारी बंद करने के लिए कह दिया है।
'बफर से सफर' योजना
बता दे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नवंबर 2020 में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से 'बफर से सफर' योजना शुरू की थी। बफर में सफर का आकर्षण बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश टाइगर रिजर्व में नाइट सफारी की शुरुआत की गई थी। वन विभाग ने शाम 7 से 10 बजे तक बफर क्षेत्र में पर्यटन की अनुमति दे दी। लेकिन वन्य प्राणियों को इससे खासा नुकसान हो रहा था उनकी जंगल लाइफ इससे प्रभावित हो रही थी।
इन क्षेत्रों में हो रही थी नाइट सफारी
टाइगर रिजर्व बांधवगढ़, कान्हा, पेंच सतपुड़ा और पन्ना के बफर जोन में नाइट सफारी कराई जा रही थी। हालांकि नाइट सफारी को सबसे ज्यादा सफलता का आना और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में ही मिली।












Click it and Unblock the Notifications