देश को केसरिया क्रांति की जरूरत है: नरेंद्र मोदी

समारोह में खासतौर पर मौजूद प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संकल्प व्यक्त करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश को देश और दुनिया का सबसे अच्छा राज्य बनायेंगे। मोदी ने विकास के मसले में मध्य प्रदेश की खुलकर सराहना करते हुये कहा कि एक समय के बीमारू राज्य की शक्ल सूरत बदलकर शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश की ही नहीं देश की बडी सेवा की है। उन्होंने कल नर्मदा को क्षिप्रा से जोडा था और आज धरती को अंबर से जोडकर सौर ऊर्जा का यह संयंत्र प्रदेश को दिया है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक ऊर्जा के इतने संसाधनों के बावजूद देश ऊर्जा का संकट झेल रहा है। देश में 20 हजार मेगावाट के ऊर्जा कारखाने बंद हैं। इसका एक बहुत बडा कारण कोयला उपलब्ध नहीं होना है।
उन्होंने कहा कि यदि ऊर्जा के बारे में उदासीनता रही तो विकास के सपने पूरे नहीं होंगे। भारत को सामर्थ्यवान बनाना है तो मिशन मोड पर काम करना होगा। नर्इ नीतियां बनाना होंगी। मोदी ने कहा कि विकास पर्यावरण हितैषी होना चाहिए अन्यथा विकास संकट बन सकता है। उन्होंने शिवराज की तारीफ करते हुये कहा कि इस सोलर संयंत्र की स्थापना से उन्होंने न केवल ऊर्जा का नया रास्ता तैयार किया है बलिक भावी पीढी की रक्षा का शिलान्यास किया है। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में ऊर्जा के अपार प्रातीक संसाधन उपलब्ध हैं।
पूर्वी हिन्दुस्तान हाइड्रो पावर जेनरेशन के लिये स्वर्ग है। पश्चिम का समुद्री इलाका विंड एनर्जी के लिए तथा गुजरात और राजस्थान का समतल रेगिस्तानी क्षेत्र सौर ऊर्जा के लिये सर्वश्रेष्ठ है। यदि इस ऊर्जा के दोहन की नीति बनती है तो न कोयले की जरूरत होगी और न ही पेट्रोलियम का आयात करना पड़ेगा। मोदी ने कृषि के क्षेत्र में हुर्इ प्रगति के लिये विशेष रूप से मध्यप्रदेश की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश की विभिन्न समस्याओं का समाधान विकास से ही संभव है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में मोदी तथा शिवराज सिंह चौहान ने 151 मेगावाट क्षमता की इस परियोजना का विधिवत् उद्घाटन किया। मेसर्स वेलस्पन सोलर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्मित यह परियोजना आठ महीने के अल्प समय में पूरी की गर्इ है। मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा नीति के फलस्वरूप दो साल के भीतर इस वर्ष 1065 मेगावाट उत्पादन नवकरणीय ऊर्जा में अनुमानित है। मोदी तथा शिवराज ने ऊर्जा संयंत्र का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज का दिन प्रदेश के विकास के लिए ऐतिहासिक है। उन्होनें कहा कि पिछले तीन दिनों मे मध्यप्रदेश ने तीन महत्वपूर्ण उपलबिधयाँ हासिल की है। पहला इन्दौर में इंफोसिस के आर्इटी पार्क की स्थापना, दूसरे दिन नर्मदा-शिप्रा मिलन और आज देश के सबसे बड़े सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण । उन्होंने कहा कि मालवा को रेगिस्तान नहीं बनने दिया जायेगा। नर्मदा-शिप्रा मिलन से हमने एक बड़ा संकल्प पूरा कर दिखाया है। इसके दूसरे चरण में हम गम्भीर और कालीसिंध,पार्वती नदियों को जोड़ेंगे। पहले की सरकारों ने नर्मदा-शिप्रालिक को असम्भव करार दिया था। शिवराज ने कहा कि प्रदेश में अब बिजली की कोर्इ कमी नहीं है। इस समय प्रदेश में 11 हजार 600 मेगावाट बिजली उपलब्ध है। अगले वर्ष 14 हजार और पांच वर्ष के दौरान 20 हजार मेगावाट बिजली होगी।
आने वाले समय में हम पवन और सौर ऊर्जा से ढार्इ हजार मेगावाट बिजली बनायेंगे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश विकास के निरन्तर नये आयाम गढ़ रहा है। दिल्ली-मुम्बर्इ के इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से प्रदेश की तस्वीर बदलेगी। हम लगातार सात प्रतिशत से अधिक विकास दर हासिल कर रहे हैं। कृषि उत्पादन में प्रदेश देश में नम्बर एक पर है और गेहूं उत्पादन में अब हम पंजाब और हरियाणा को भी पीछे छोड़ रहे हैं।
शिवराज ने कहा कि सरकार मानवीय संवेदनाओं के साथ चलार्इ जाती है। किसानों के हित में हमने अनेक नीतियाँ बदली हैं। नीमच अंचल में इसबगोल की फसल खराब होने पर पहले क्षतिपूर्ति का प्रावधान नहीं था, अब हमने 25 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर क्षतिपूर्ति देना शुरू किया है। उन्होंने हाल में वर्षा और ओलावृष्टि से फसलों के नुकसान होने पर किसानों से कहा कि सरकार उनके साथ में है। क्षति आकलन के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। शिवराज ने बताया कि मध्यप्रदेश में एक मार्च से सभी गरीब परिवारों को एक रूपया किलो गेहूं और चावल दिया जाएगा। इसके लिए एक करोड़ नाम जोडे़ गए है। किसी भी गरीब को प्रदेश में भूखा नही सोने नही दिया जाएगा।
समारोह में राज्य सभा के सदस्य रघुनंदन शर्मा, योजना आयोग के उपाध्यक्ष बाबूलाल जैन, विधायक कैलाश चावला, ओमप्रकाश सखलेचा, राजेन्द्र पाण्डे, दिलीप सिंह परिहार, यशपाल सिंह सिसोदिया, राजेश यादव उपस्थित थे।












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