मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सस्पेंस बरकरार, दो नाम तय, अन्य मंत्रियों पर नहीं बन सकी सहमति
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लगभग 3 महीने पहले भाजपा की शिवराज सरकार जातिगत संतुलन और समीकरणों को साधने के लिए मंत्रिमंडल का विस्तार करने जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री निवास में दो नए मंत्रियों के नाम लगभग फाइनल हो चुके हैं। आज दोपहर में राजभवन में शपथ समारोह हो सकता है।
मंत्रिमंडल विस्तार की ये योजना ग्वालियर में हुई प्रदेश कार्य समिति की बैठक में बनी थी। प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के सामने मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर चर्चा की गई थी। इसी बैठक में दो नाम ते हो गए थे, जबकि बाकी के नाम भोपाल में तय हो रहे हैं। सूत्रों की मानी जाए तो नए मंत्रियों के नाम जातिगत समीकरण को ध्यान में रखते हुए शामिल किए गए हैं।

राजेंद्र और बिसेन शुक्ल का नाम फाइनल, जल्द होगी घोषणा
बताया जा रहा है कि सीएम शिवराज सिंह चौहान ने राज्यपाल से मुलाकात की थी। इसके बाद कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज हुई है। सूत्रों की मानें तो गौरीशंकर बिसेन और राजेंद्र शुक्ल का नाम पर मुहर लग चुकी है। गौरीशंकर बिसेन भोपाल में हैं और राजेंद्र शुक्ल मंत्री पद की शपथ लेने के लिए रीवा से निकल चुके हैं। दोनों को शपथ ग्रहण का संदेश मिल चुका है। संभावना है कि दोनों नेता कल मंत्री पद की शपथ ग्रहण कर सकते हैं।
मंत्री बनाने के पीछे के यह कारण
राजनीतिक समीकरणों के साथ ही इस विस्तार से भाजपा के नेताओं की नाराजगी भी दूर की जाएगी। दरअसल हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए अभय मिश्रा के आने से रीवा के विधायक और पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ल नाराज बताए जा रहे थे। अभय मिश्रा उनके खिलाफ पिछले चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे। इस दौरान दोनों ने एक-दूसरे पर जमकर आरोप प्रत्यारोप लगाए थे। अभय मिश्रा को शामिल करने के बाद राजेंद्र शुक्ल की नाराजगी दूर करना थी। इसके चलते उन्हें मंत्री बनाया जा रहा है। उनके मंत्री बनाए जाने से मंत्रिमंडल में ब्राह्मण नेतृत्व भी मजबूत होगा।
भाजपा ने हाल ही में बालाघाट जिले की बैहर और लांजी विधानसभा से उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। इन उम्मीदवारों को गौरी शंकर बेसिन का भी सहयोग मिल सके, इसके लिए उनकी नाराजगी को भी दूर किया जा रहा है। वे मंत्री नहीं बनाए जाने से नाराज चल रहे थे। हालांकि उन्हें पिछड़ा वर्ग आयोग का अध्यक्ष बना दिया गया था। लेकिन फिर भी वे मंत्री पद चाहते थे। उनके समाज के भी इस जिले में खासे वोट हैं, जिन पर बिसेन का खाता प्रभाव है। इसलिए बिसेन को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा रहा है।
वही बुंदेलखंड में लोधी वोटर्स को साधने के लिए भाजपा पहली बार ऐसा दाब लगा सकती है। पहली बार के विधायक राहुल लोधी को मंत्री बनाए जाने के अटकलें चल रही है। राहुल लोधी टीकमगढ़ जिले की खरगापुर से विधायक के राहुल लोधी पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के भतीजे भी हैं। उमा भारती को भी साधने के लिए राहुल लोधी को मंत्री बनाया जा सकता है।












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