Bhopal: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भोपाल में पाकिस्तान के खिलाफ गरजा मुस्लिम समाज, बोले: हमें भी दो 'फ्री हैंड
Bhopal news: कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पूरे देश में गुस्से की लहर है, लेकिन मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में जो दृश्य गुरुवार को सामने आया, उसने कई पुराने भ्रम तोड़ दिए और एक नई उम्मीद जगा दी। पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भोपाल का मुस्लिम समाज सड़कों पर उतर आया।
हाथों में तिरंगा, सीने में ग़ुस्सा और दिलों में वतन के लिए जुनून लिए मुस्लिम युवाओं और महिलाओं ने वार्ड 41 के पार्षद मोहम्मद रेहान के नेतृत्व में कलेक्टर कार्यालय का रुख किया। उन्होंने वहां जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा, जिसमें एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मांग की गई - "हमें बॉर्डर पर भेजा जाए, हम भी सेना के साथ मिलकर दुश्मन को जवाब देना चाहते हैं।"

'पाकिस्तान मुर्दाबाद' और 'भारत माता की जय' के नारों से गूंजा भोपाल
कलेक्टर कार्यालय के बाहर का माहौल किसी देशभक्ति रैली से कम नहीं था। 'पाकिस्तान मुर्दाबाद', 'भारत माता की जय', और 'हिंदुस्तान जिंदाबाद' जैसे नारे गूंज रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान का झंडा फाड़ा और पैरों तले रौंदा, यह कहते हुए कि "अब और नहीं सहेंगे आतंक की कायरता।"
ज्ञापन में क्या लिखा गया? ज्ञापन में मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने लिखा:
"हम अपने मादरे-वतन के लिए हर प्रकार के बलिदान को तैयार हैं। आतंकवाद की इस कायराना हरकत ने हमें अंदर तक झकझोर दिया है। हम, भोपाल के मुस्लिम युवा और महिलाएं, भारत सरकार से आग्रह करते हैं कि हमें सेना के साथ सीमा पर सेवा करने की अनुमति दी जाए। हम वचन देते हैं कि अनुशासन और समर्पण के साथ हर आदेश का पालन करेंगे और राष्ट्र की रक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।"
इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने अपने नाम और मोबाइल नंबरों की सूची भी जिला प्रशासन को सौंपी, ताकि उनके इरादों को महज़ भावनात्मक प्रदर्शन न समझा जाए।
पार्षद मोहम्मद रेहान बोले: "अब हिंदुस्तान का मुसलमान भी जाग चुका है"
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पार्षद मोहम्मद रेहान ने मीडिया से बातचीत में कहा: "हम सरकार से एक ही बात कहने आए हैं - जिस तरह भारतीय सेना को 'फ्री हैंड' मिला है, उसी तरह हमें भी मौका दीजिए। हमारे नौजवान बॉर्डर पर जाकर अपने खून की आखिरी बूंद तक देश की रक्षा करेंगे। यह केवल एक हमला नहीं, बल्कि हमारे सब्र की परीक्षा है। अब हिंदुस्तान का मुसलमान चुप नहीं रहेगा।"
महिलाएं भी आगे आईं, "हमारे बेटे देश के लिए मरने को तैयार हैं"
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने भी खुलकर अपनी बात रखी। एक बुजुर्ग महिला ने कहा: "हम शांति के समर्थक हैं, लेकिन जब बार-बार हमारे देश पर हमला होता है, तो खून खोल उठता है। अगर सरकार हमारे बेटों को मौका दे, तो वो दुश्मन के सामने दीवार बनकर खड़े होंगे।"
क्या बोले प्रशासनिक अधिकारी?
कलेक्टर कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि ज्ञापन और नामों की सूची प्राप्त कर ली गई है और इसे राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की भावना की सराहना करते हुए कहा:"देशभक्ति किसी एक धर्म की बपौती नहीं है। यह पहल निश्चित रूप से मिसाल कायम करती है।"
संदेश साफ है: आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है भारत
जहां आतंकवाद का चेहरा मजहब के पीछे छिपकर नफरत फैलाता है, वहीं भोपाल का यह आंदोलन बताता है कि भारत का मुसलमान आतंकवाद का दुश्मन है, न कि समर्थक। यह सिर्फ विरोध नहीं, एक संदेश है - "जो देश के खिलाफ है, वह किसी धर्म का नहीं हो सकता।"












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