मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना: गांव से उद्योग तक का सफर, धर्मेंद्र जायसवाल ने कैसे खड़ा किया 50 लाख टर्नओवर
मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना (Mukhyamantri Udyam Kranti Yojana) युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता की राह पर आगे बढ़ाने के लिए शुरू की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में यह योजना 2022 से लागू है और लगातार अपडेट हो रही है।
इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षित बेरोजगार युवाओं को अपना उद्योग, सेवा या खुदरा व्यापार शुरू करने के लिए आसान और सस्ता ऋण उपलब्ध कराना है।

योजना के तहत विनिर्माण (उद्योग) इकाई के लिए 50 हजार से 50 लाख रुपये तक और सेवा/व्यापार के लिए 50 हजार से 25 लाख रुपये तक का बैंक लोन मिलता है। खास बात यह है कि यह कोलेटरल-फ्री (बिना गिरवी) लोन है, साथ ही ब्याज अनुदान (3% प्रतिवर्ष अधिकतम 7 साल तक) भी मिलता है। इससे युवा बिना ज्यादा जोखिम के अपना बिजनेस शुरू कर पाते हैं। योजना MSME सेक्टर को मजबूत बनाने और रोजगार सृजन में बड़ा योगदान दे रही है।
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना की पात्रता और लाभ
- पात्रता: मध्य प्रदेश का मूल निवासी, आयु 18 से 45 वर्ष, न्यूनतम 8वीं पास (कुछ स्रोतों में 10वीं/12वीं का उल्लेख), परिवार की वार्षिक आय सीमा (आमतौर पर 12 लाख तक)।
- लाभ: कम ब्याज दर पर लोन, ब्याज सब्सिडी, CGTMSE कवर (क्रेडिट गारंटी), प्रशिक्षण और मार्गदर्शन।
- आवेदन प्रक्रिया: MPOnline पोर्टल या msme.mponline.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन। eKYC अनिवार्य, फिर बैंक में प्रोजेक्ट रिपोर्ट जमा।
यह योजना युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ राज्य में MSME सेक्टर के सतत विकास को बढ़ावा दे रही है।

खरगोन के धर्मेंद्र जायसवाल की प्रेरक सफलता कहानी: ग्राउंड रिपोर्ट
खरगोन जिले के छोटे से गांव माचलपुर बुजुर्ग में रहने वाले धर्मेंद्र जायसवाल एक आम युवा थे, लेकिन उनकी मेहनत और संकल्प ने उन्हें उद्यमिता के क्षेत्र में नया मुकाम दिलाया। बीई (सिविल इंजीनियरिंग) की डिग्री और पिता से मिली प्रेरणा ने उन्हें निर्माण क्षेत्र में कदम रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
2024-25 में उन्होंने मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना का लाभ उठाया। योजना के तहत 16.38 लाख रुपये का बैंक लोन मिला, जिसमें शासन की ब्याज सब्सिडी और सहायता शामिल थी। इस राशि से उन्होंने सहस्त्रबाहु कंस्ट्रक्शन नाम से आधुनिक निर्माण संयंत्र स्थापित किया।
आज उनका टर्नओवर लगभग 50 लाख रुपये तक पहुंच चुका है! धर्मेंद्र ने न सिर्फ खुद को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि स्थानीय स्तर पर कई लोगों को रोजगार भी दिया। उनकी कहानी बताती है कि सही मार्गदर्शन, सरकारी योजना का सहयोग और कड़ी मेहनत से छोटे गांव का युवा भी बड़ा उद्यमी बन सकता है।
धर्मेंद्र कहते हैं, "पिता जी की मेहनत और मुख्यमंत्री की योजना ने मुझे सपनों को हकीकत में बदलने का मौका दिया। अब मेरा लक्ष्य क्षेत्र में और ज्यादा रोजगार पैदा करना है।" उनकी सफलता मध्य प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनी हुई है।

मध्य प्रदेश स्टार्टअप समिट-2026: उद्यमिता को नई उड़ान
स्वामी विवेकानंद जी की जयंती (12 जनवरी 2026) पर भोपाल में आयोजित मध्यप्रदेश स्टार्टअप समिट-2026 ने राज्य की उद्यमी छवि को नई ऊंचाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देशभर से आए उद्यमियों और निवेशकों से संवाद किया।
समिट में 170 से अधिक स्टार्टअप्स को 2.5 करोड़ रुपये से ज्यादा के हितलाभ वितरित किए गए। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत 21 स्टार्टअप्स को 8.17 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण दिया गया। कुल मिलाकर 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की सहायता युवा उद्यमियों तक पहुंची।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्यमिता, व्यापार और नवाचार मध्य प्रदेश के संस्कार में हैं। यह समिट राज्य को 'उभरते अवसरों की भूमि' के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मध्य प्रदेश की समृद्धि का आधार: MSME और युवा शक्ति
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना MSME सेक्टर के विकास में मील का पत्थर साबित हो रही है। लाखों युवा इससे जुड़कर अपना बिजनेस शुरू कर रहे हैं, जिससे राज्य में रोजगार बढ़ रहा है और अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है। अगर आप भी 18-45 साल के हैं और अपना उद्यम शुरू करना चाहते हैं, तो आज ही msme.mponline.gov.in पर आवेदन करें। धर्मेंद्र जायसवाल जैसी सफलता आपकी भी हो सकती है!












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