एमपी पुलिस ने पहले से जेल में बंद लोगों पर हिंसा मामले में कर दी FIR, तोड़ दिए मकान
मध्य-प्रदेश के बड़वानी के सेंधवा में हिंसा के बाद दंगाइयों पर हो रही बुलडोजर कार्रवाई में प्रशासन ने उनके भी मकान तोड़ दिए जो पहले से जेल में बंद थे।
भोपाल, 15 अप्रैल। मध्य प्रदेश में बुलडोजर कार्रवाई पर सवाल खड़े होना शुरू हो गए हैं। दरअसल सेंधवा हिंसा के बाद बुलडोजर कार्रवाई में उनके भी मकान तोड़ दिए गए, जो जेल में बंद थे।

बड़वानी के सेंधवा में रामनवमी पर उत्पात मचाने वालों पर मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। दंगाइयों के मकान और दुकान पर बुलडोजर चलाया जा रहा है, लेकिन इस पूरी घटना को लेकर सरकार पर लापरवाही के भी आरोप लग रहे हैं। अब इस मामले में पुलिस ने जल्दबाजी में उन लोगों पर भी मुकदमा दर्ज कर लिया, जो पहले से ही जेल में बंद थे। इतना ही नहीं इन लोगों के मकान भी ध्वस्त कर दिए हैं।
बुलडोजर कार्रवाई पर अब उठने लगे हैं सवाल
सेंधवा में हिंसा के बाद अब प्रशासन आरोपियों के घर और दुकानों पर बुलडोजर चला रहा है। सरकार की इस कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस की FIR में दर्ज शहबाज अभी जेल में बंद है, उसके मकान पर भी बुलडोजर चल गया। टीवी चैनल एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक शाहबाज की मां ने बताया कि उन्होंने पुलिस के सामने बहुत हाथ-पांव जोड़े पुलिस को बताया भी कि उनका बेटा जेल में है, लेकिन उन्होंने नहीं सुना। उनके मुताबिक पुलिस उनके छोटे बेटे को भी उठा ले गई, जबकि उसका नाम FIR में नहीं है।
धारा 307 के तहत बंद है तीनों आरोपी
रामनवमी के जुलूस में पथराव के बाद हिंसा और दंगा कराने वालों के खिलाफ पुलिस द्वारा लगभग एक दर्जन लोगों पर FIR दर्ज की गई इसमें हैरानी की बात यह है कि जिस थाने में दंगाइयों के खिलाफ FIR दर्ज की गई उसमें तीन ऐसे भी लोग शामिल थे, जो उसी थाने में 3 मार्च से हत्या के आरोप में बंद है बड़वानी एसपी ने बकायदा 11 मार्च को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया था। सिकंदर अली पर फायरिंग के लिए धारा 307 के तहत शाहबाज, फकरू और रऊफ पर मामला दर्ज किया गया। और उन्हें गिरफ्तार कर लिया था तभी से ही तीनों आरोपी जेल में बंद है।
पुलिस ने पूरे मामले पर क्या कहा
मामले में बड़वानी पुलिस के सेंधवा एसडीओपी ने जवाब देते हुए कहा कि हम मामले की जांच करेंगे और इस पर जेल अधीक्षक से जानकारी लेंगे अभी जो मामला दर्ज किया गया है वह फरियादी के आरोपों के आधार पर दर्ज हुआ है
लेकिन मामले में अभी तक अधिकारियों ने इस बात का जवाब नहीं दिया कि जेल में बंद आरोपी दंगा और आगजनी में कैसे शामिल हो सकते हैं।
बुलडोजर कार्रवाई पर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने सरकार से किए सवाल
बुलडोजर कार्रवाई की एक रिपोर्ट को शेयर कर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाया। उन्होंने लिखा कि बिना जांच के हर किसी को दोषी करार कर उसको सजा देना कहां तक उचित है। वहीं कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने कहा कि सरकार को किसी भी दंगाई को बख़्शना नहीं चाहिए, लेकिन सरकार को अपनी नाकामियों को भी स्वीकार करना चाहिए।
बुलडोजर कार्रवाई पर बोले सीएम शिवराज
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम किसी जाति, धर्म, संप्रदाय के खिलाफ नहीं हैं। यह दोषियों के खिलाफ कार्रवाई है, चाहे वह किसी भी जाति के हों। पीएम आवास योजना के तहत बने घर पर हुई कार्रवाई को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने कहा चाहे वह कोई भी हो, 'गड़बड़ी करेगा, अपराध करेगा' हम उस पर कार्रवाई करेंगे।












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