MP News: इन्वेस्टमेंट नहीं, इवेंट्स का मध्य प्रदेश, निवेश घोषणाओं की चकाचौंध, पर जमीनी सन्नाटा- उमंग सिंघार
MP News: मध्य प्रदेश सरकार भले ही देश-विदेश में "इनवेस्ट इन एमपी" का ढोल पीट रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर है। बेंगलुरु से लेकर दावोस तक के मंचों पर निवेश के वादे और ग्लोबल समिट की भव्यता तो दिख रही है, लेकिन उद्योग, रोजगार और पूंजी का बहाव प्रदेश की जमीन पर कहीं नजर नहीं आता।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का आरोप है कि भाजपा सरकार प्रदेश को "इवेंट मैनेजमेंट लैब" बना चुकी है - घोषणाओं का शोर तो है, लेकिन निवेश की ठोस नींव कहीं नहीं।

1. बेंगलुरु में 7,935 करोड़ की घोषणा, लेकिन फिजिकल निवेश शून्य
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 14 मई को बेंगलुरु में आयोजित 'इनवेस्ट इन एमपी' सत्र में कहा कि राज्य को 7,935 करोड़ रुपये का निवेश मिलेगा, जिससे 18,975 नौकरियाँ पैदा होंगी। लेकिन सिंघार का सवाल है कि: "घोषणाएं शादी के कार्ड जैसी हैं - धूमधाम से बाँटी जाती हैं, पर दूल्हा-दुल्हन का अता-पता ही नहीं।"
सरकार ने BEML जैसे कुछ उदाहरणों की बात तो की, लेकिन अब तक GIS 2025 में घोषित ₹30.77 लाख करोड़ के निवेश में से जमीनी कार्यान्वयन का कोई डाटा सार्वजनिक नहीं किया गया है।
2. ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट: वादों का जमावड़ा, नतीजों का अकाल
जनवरी 2023 में इंदौर में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) में 500 से अधिक कंपनियों ने ₹30.77 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव दिए थे। लेकिन अब तक न तो स्पष्ट प्रोजेक्ट रिपोर्टें आईं, न ही कोई बड़ा निर्माण कार्य शुरू हुआ।
GIS अब "ग्लिटर विदाउट ग्राउंडवर्क" की मिसाल बनता जा रहा है।
3. FDI में प्रदेश की शर्मनाक स्थिति: सिर्फ 0.22% का हिस्सा
वर्ष 2019 से 2024 के बीच मध्य प्रदेश को केवल ₹4,563 करोड़ का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) मिला - यानी देश में इसका हिस्सा सिर्फ 0.22%।
- महाराष्ट्र - ₹6.71 लाख करोड़
- कर्नाटक - ₹4.27 लाख करोड़
- मध्यप्रदेश - ₹4,563 करोड़
नेता प्रतिपक्ष का तंज:
"जब प्रदेश का Ease of Doing Business इतना बेहतर है, तो FDI क्यों नहीं आ रहा?"
4. अपने ही उद्योगों की अनदेखी: MSMEs के साथ अन्याय
मध्य प्रदेश में कुल 18,10,856 MSMEs रजिस्टर्ड हैं:
- Micro: 17,90,550
- Small: 19,162
- Medium: 1,144
लेकिन सरकार ने इनके लिए मात्र ₹1,785 करोड़ का बजट निर्धारित किया है - यानी एक MSME पर साल भर में ₹1,000 से भी कम। "विदेशी निवेशकों के लिए रेड कार्पेट, और स्थानीय उद्योगों के लिए बजट की चादर भी नहीं।" - उमंग सिंघार
5. साल-दर-साल घोषणाएं, लेकिन राज्य की रैंकिंग स्थिर
- रिपोर्ट वर्ष एमपी की रैंक
- आर्थिक सर्वेक्षण (भारत सरकार) 2023 10वां
- एक्सपोर्ट प्रिपेयरनेस इंडेक्स (नीति आयोग) 2022 10वां
- स्टेट ऑफ स्टेट्स रिपोर्ट (CRISIL) 2022 7वाँ
- इंडिया टुडे रिपोर्ट 2022 12वां
- "अगर समिट से ही निवेश आता तो हम टॉप-5 में होते, 10वें या 12वें नहीं।" - सिंघार
6. दावोस में अनुपस्थिति: जब दुनिया देख रही थी, MP नहीं दिखा
- वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) दावोस 2025 में:
- महाराष्ट्र: ₹15 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव लेकर लौटा
- तेलंगाना और केरल ने स्टार्टअप्स और ग्रीन एनर्जी में भागीदारी पक्की की
- मध्यप्रदेश? आमंत्रण सूची में ही नहीं था।
"जब विश्व मंचों पर खुद को दिखाने का मौका था, तब MP क्यों गायब रहा?" - सिंघार का सवाल
7. आईटी और स्टार्टअप्स: पढ़ा-लिखा युवा भाग रहा है
- Startup Outperformers Ranking (Outlook Business, मार्च 2025):
- मध्यप्रदेश - 15वां स्थान
- भोपाल और इंदौर जैसे शहरों से आईटी और स्टार्टअप टैलेंट बेंगलुरु, पुणे और चेन्नई की ओर पलायन कर रहा है। "जब कोई स्टार्टअप MP में पनप ही नहीं रहा, तो हम किस विकास की बात कर रहे हैं?"












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