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MP News: किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी — बोनस बढ़ा, सिंचाई पर खर्च बढ़ा, जानिए पूरा फायदा

MP News Farmers: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट बड़ी सौगात लेकर आया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए 88,910 करोड़ रुपये का प्रावधान कर स्पष्ट संकेत दिया है कि सरकार का फोकस किसानों की आय बढ़ाने, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर है।

सरकार ने इस साल को "कृषक कल्याण वर्ष 2026" के रूप में मनाने का भी संकल्प लिया है, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे खेत तक पहुंचाया जा सके।

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बजट में कृषि को प्राथमिकता - क्या कहा सरकार ने

बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि कृषि को आधुनिक तकनीक, नवाचार और कृषि आधारित उद्योगों से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने की रणनीति बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने भी कहा कि खेत से खलिहान तक हर स्तर पर सुधार किया जाएगा ताकि किसान को उत्पादन से लेकर बाजार तक बेहतर अवसर मिलें।

गेहूं-धान बोनस में बढ़ोतरी - सीधा फायदा किसानों को

सरकार ने गेहूं पर राज्य बोनस 15 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। केंद्र की MSP और राज्य बोनस मिलाकर किसानों को करीब 2635 रुपये प्रति क्विंटल तक कीमत मिलेगी। धान पर भी बोनस में बढ़ोतरी की गई है, जिससे किसानों की आमदनी में प्रति एकड़ 1000-1500 रुपये तक अतिरिक्त लाभ होने की उम्मीद है। यह कदम खासकर छोटे और सीमांत किसानों के लिए राहत भरा माना जा रहा है।

प्राकृतिक खेती को बड़ा प्रोत्साहन

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 5000 करोड़ रुपये का अलग प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य 1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को प्राकृतिक खेती के दायरे में लाना है। जैविक खाद, बीज और प्रशिक्षण पर सब्सिडी देकर किसानों को रासायनिक लागत कम करने और मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

सिंचाई, बिजली और सोलर पंप - लागत घटाने की तैयारी

सिंचाई परियोजनाओं के लिए 15,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। किसान क्रेडिट कार्ड पर ब्याज सब्सिडी बढ़ाई गई है और सोलर पंप पर 90% तक सब्सिडी देने की घोषणा की गई है। इससे खेती की लागत कम होगी और बिजली पर निर्भरता घटेगी।

कृषि आधारित उद्योग - गांव में रोजगार के अवसर

सरकार ने फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्योगों के लिए 10,000 करोड़ रुपये का पैकेज घोषित किया है। किसानों को छोटे उद्योग या स्टार्टअप शुरू करने के लिए लोन पर 15% तक सब्सिडी मिलेगी। गोबर से बायोगैस और वर्मी कम्पोस्ट बनाने को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिससे अतिरिक्त आय के रास्ते खुलेंगे।

फसल बीमा और आपदा राहत

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में राज्य का योगदान बढ़ाया गया है ताकि सूखा, बाढ़ या ओलावृष्टि जैसी आपदाओं से प्रभावित किसानों को जल्दी राहत मिल सके। सरकार ने आपदा के समय त्वरित सहायता देने का भरोसा भी जताया है।

मुख्यमंत्री का संदेश - "किसान समृद्ध तो प्रदेश समृद्ध"

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट किसानों की आय बढ़ाने, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का रोडमैप है। सरकार हर स्तर पर किसानों के साथ खड़ी रहेगी और योजनाओं का लाभ सीधे उनके खातों तक पहुंचाया जाएगा।

किसानों की प्रतिक्रिया - उम्मीद और अपेक्षा दोनों

कई किसान संगठनों ने बोनस बढ़ोतरी और प्राकृतिक खेती पर फोकस का स्वागत किया है। हालांकि किसानों ने सिंचाई और बिजली की समस्याओं के स्थायी समाधान की उम्मीद भी जताई है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह चर्चा है कि यदि घोषणाएं तेजी से जमीन पर उतरती हैं तो खेती की तस्वीर बदल सकती है।

कृषि को नई दिशा देने की कोशिश

88,910 करोड़ रुपये का प्रावधान मध्य प्रदेश को कृषि क्षेत्र में मजबूत बनाने की बड़ी पहल माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी, लागत घटेगी और गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। अब नजर इस बात पर रहेगी कि योजनाओं का क्रियान्वयन कितनी तेजी और पारदर्शिता से होता है।

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