MP News: PCC चीफ जीतू पटवारी की ग्वालियर में क्यों छूट गई ट्रेन, जानिए पूरा मामला, सड़क मार्ग से भोपाल लौटे

MP News: मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का रविवार का दिन राजनीतिक गतिविधियों से भरा रहा, लेकिन शाम को एक अप्रत्याशित घटना ने सबका ध्यान खींच लिया। ग्वालियर में व्यस्त दिन बिताने के बाद वे भोपाल लौटने के लिए वंदे भारत ट्रेन पकड़ने स्टेशन पहुंचे, लेकिन शहर के भयंकर ट्रैफिक जाम में फंस गए। जैसे-तैसे स्टेशन पर पहुंचे तो ट्रेन के गेट बंद हो चुके थे और गाड़ी उनके सामने से ही निकल गई।

आखिरकार, उन्हें सड़क मार्ग से भोपाल रवाना होना पड़ा। इस घटना ने न सिर्फ सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी, बल्कि पटवारी ने इसे मौका बनाकर भाजपा पर तीखा पलटवार भी किया।

MP Congress PCC Chief Jitu Patwari missed the train in Gwalior know the whole matter

ग्वालियर पहुंचे पटवारी, राजनीतिक कार्यक्रमों में व्यस्त

ग्वालियर पहुंचते ही पटवारी का कार्यक्रम शुरू हो गया। पटवारी ने सुबह स्थानीय कार्यकर्ताओं से बैठक की। इसके बाद वे मुरैना जिले के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शामिल हुए। मुरैना ग्वालियर से महज 40 किलोमीटर दूर है और यहां किसान एवं युवा मुद्दों पर चर्चा होती रहती है। पटवारी ने वहां GEN-Z (जनरेशन-जेड) से जुड़े मुद्दों पर बात की, जो युवाओं की बेरोजगारी और वोट के अधिकार से संबंधित था।

कार्यक्रम से लौटने के बाद दोपहर में ग्वालियर में ही पटवारी ने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। उन्होंने स्थानीय स्तर पर पार्टी को मजबूत करने पर जोर दिया। पटवारी ने कहा, "कांग्रेस का हर कार्यकर्ता सैनिक है। हमें 2028 के विधानसभा चुनाव के लिए तैयार रहना है।" यह बैठक करीब 3 घंटे चली, जिसमें भविष्य की रणनीति पर चर्चा हुई। पटवारी की यह यात्रा पार्टी के 'किसान न्याय यात्रा' और संविधान बचाओ अभियान का हिस्सा थी, जो अप्रैल 2025 में ग्वालियर से ही शुरू हुई थी। उस समय पटवारी ने कहा था, "हम संविधान को बचाने के लिए घर-घर जाकर शपथ दिलाएंगे।"

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शाम का हादसा: जाम में फंसे, ट्रेन के गेट बंद; वंदे भारत छूट गई

कार्यक्रम खत्म होने के बाद पटवारी शाम को भोपाल लौटने के लिए तैयार हुए। वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का निर्धारित समय ग्वालियर से शाम 5:42 बजे है। यह ट्रेन भोपाल को दिल्ली से जोड़ती है और पटवारी अक्सर इसी से यात्रा करते हैं, क्योंकि यह तेज और आरामदायक है। वे अपने स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों के साथ करीब 5 बजे स्टेशन की ओर रवाना हुए। लेकिन ग्वालियर शहर में ट्रैफिक जाम ने सब बिगाड़ दिया।

ग्वालियर में रविवार को बाजारों में भीड़ होती है। मुख्य सड़कें - जैसे लिंक रोड और स्टेशन रोड - हमेशा जाम से भरी रहती हैं। पटवारी का काफिला जाम में फंस गया। ड्राइवर ने वैकल्पिक रास्ते आजमाए, लेकिन 20-25 मिनट की देरी हो गई। आखिरकार, वे 5:40 पर स्टेशन पहुंचे। लेकिन तब तक ट्रेन के गेट बंद हो चुके थे। पटवारी ने बताया, "हम दौड़ते हुए प्लेटफॉर्म पर पहुंचे, लेकिन गाड़ी हमारे सामने से ही निकल गई।" स्टेशन पर मौजूद लोगों ने यह दृश्य देखा और कुछ ने वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

ट्रेन छूटने के बाद पटवारी ने तुरंत विकल्प तलाशा। अगली ट्रेन रात 8 बजे के आसपास थी, लेकिन वे इंतजार नहीं करना चाहते थे। इसलिए, वे सड़क मार्ग से भोपाल रवाना हो गए। भोपाल ग्वालियर से करीब 420 किलोमीटर दूर है, इसलिए यात्रा में 6-7 घंटे लग सकते हैं। पटवारी ने अपने स्टाफ को निर्देश दिए कि पार्टी कार्यालय में सभी तैयार रहें। यह घटना पटवारी की व्यस्तता को दर्शाती है - वे अक्सर राज्य भर घूमते रहते हैं।

भाजपा पर तीखा पलटवार: 'पाप छुपा रहे, वोट के अधिकार पर डाका डालना चाहते हैं'

ट्रेन छूटने से पहले ही पटवारी ने भाजपा पर जोरदार हमला बोला। यह पलटवार राहुल गांधी के GEN-Z को लेकर दिए बयान पर था, जिसे भाजपा ने भड़काऊ बताया। राहुल गांधी ने कहा था कि युवा वोट के अधिकार से वंचित हो रहे हैं, क्योंकि बेरोजगारी और आर्थिक असमानता बढ़ रही है। भाजपा ने इसे 'वोट बैंक पॉलिटिक्स' करार दिया।

ग्वालियर में पत्रकारों से बातचीत में पटवारी ने कहा, "भाजपा अपना पाप छुपाना चाह रही है। 2014 में नरेंद्र मोदी जी ने देश के सामने जो नैरेटिव बनाया था - रोजगार का, अर्थव्यवस्था का, किसानों के नियम का, गरीबी हटाने और भ्रष्टाचार मिटाने का - लेकिन कुछ भी पूरा नहीं हुआ।" उन्होंने आगे कहा, "अब राहुल गांधी वोट के अधिकार की बात कर रहे हैं तो इनको बुरा लग रहा है। ये लोग काम कुछ नहीं करेंगे और चोरी से सरकार बनाएंगे। निर्वाचन आयोग को साध लेंगे और क्राइम करेंगे। लोगों के मताधिकार पर डाका डालेंगे।"

पटवारी ने जोर देकर कहा, "भाजपा चाहती है कि विपक्ष न बोले, देश का नागरिक न बोले, राहुल गांधी न बोलें, हम भारत के देशभक्त नागरिक न बोलें, देश की ईमानदार मीडिया न बोले। लेकिन कांग्रेस चुप नहीं रहेगी।" यह बयान GEN-Z को लक्षित था, जो 1997-2012 के बीच पैदा हुए युवा हैं। पटवारी ने कहा कि ये युवा बेरोजगारी से त्रस्त हैं और भाजपा के वादे झूठे साबित हुए। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि किसानों की औसत दैनिक आय सिर्फ 27 रुपये है और औसत कर्ज 74,000 रुपये।

पटवारी की आक्रामक शैली और विवाद

जीतू पटवारी की राजनीति हमेशा आक्रामक रही है। 2024 में ग्वालियर में ही उन्होंने भाजपा की दलित महिला नेता इमरती देवी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसके बाद डाबरा थाने में FIR दर्ज हुई। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जून 2025 में इस मामले पर फैसला सुरक्षित रखा। पटवारी ने अंबेडकर जयंती पर भी भाजपा पर 'ब्लैक डे' मनाने का आरोप लगाया। जून 2025 में ग्वालियर में ही 'संविधान सत्याग्रह' के दौरान उन्होंने कहा, "कांग्रेस का अंबेडकर से बंधन फेविकॉल जैसा है।"

पटवारी की नियुक्ति PCC चीफ के रूप में एक पीढ़ीगत बदलाव था। पूर्व CM कमल नाथ की जगह उन्हें चुना गया, ताकि युवाओं को जोड़ा जा सके। लेकिन लोकसभा चुनावों में कांग्रेस का खाता न खुलना चुनौती है। पटवारी अब 'किसान न्याय यात्रा' चला रहे हैं, जो 20 सितंबर 2024 को शुरू हुई थी।

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