MP कांग्रेस विधायक दल की बैठक: विधानसभा सत्र में भ्रष्टाचार, घोटाले और जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरेगी
MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 27 जुलाई 2025, रविवार को होटल पलाश में मध्य प्रदेश कांग्रेस विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक की अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने की, जिसमें आगामी विधानसभा मानसून सत्र (28 जुलाई 2025 से शुरू) के लिए रणनीति तैयार की गई।
बैठक में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार की नाकामियों, भ्रष्टाचार, घोटालों, और जनहित के मुद्दों जैसे दलितों, आदिवासियों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के रोजगार से जुड़े विषयों पर सरकार को घेरने की योजना बनाई गई।

कांग्रेस ने साफ कर दिया कि वह विधानसभा में जनता की आवाज को पूरी ताकत और निडरता के साथ उठाएगी। यह बैठक मध्य प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखी जा रही है, क्योंकि कांग्रेस ने बीजेपी सरकार की कथित विफलताओं को उजागर करने के लिए आक्रामक रुख अपनाने का फैसला किया है।
बैठक का उद्देश्य और रणनीति
होटल पलाश में आयोजित इस बैठक में मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सभी विधायकों को एकजुट होकर जनता के मुद्दों को विधानसभा में उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार भ्रष्टाचार और घोटालों में डूबी हुई है, और जनता की समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए विपक्ष पर फर्जी मुकदमे और दबाव की रणनीति अपना रही है। सिंघार ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, "कांग्रेस विधायक दल और अधिक मजबूती के साथ जनता की आवाज बनेगा, और विधानसभा में सरकार से सीधे सवाल करेगा।"
बैठक में हाल ही में मांडू में आयोजित नव संकल्प शिविर की सफलता पर भी चर्चा हुई। विधायकों ने इस शिविर की सफलता के लिए उमंग सिंघार का आभार व्यक्त किया, जिस पर उन्होंने कहा, "यह हमारी एकजुटता का परिणाम है।" मांडू शिविर में कांग्रेस ने सामाजिक न्याय, युवाओं को रोजगार, और किसानों के हितों के लिए संकल्प लिया था, जिसे अब विधानसभा में प्रभावी ढंग से उठाने की योजना है।
प्रमुख मुद्दे जो सदन में उठाए जाएंगे
बैठक में कई जनहित के मुद्दों पर गहन चर्चा हुई, जिन्हें कांग्रेस विधानसभा सत्र में जोर-शोर से उठाएगी। इनमें शामिल हैं:
भ्रष्टाचार और घोटाले: उमंग सिंघार ने कहा कि बीजेपी सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है। भर्ती परीक्षाओं में हुए घोटाले, जैसे मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) और अन्य भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताएं, प्रमुख मुद्दा होंगी। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार इन घोटालों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें दबाने की कोशिश कर रही है।
आदिवासियों की जमीन बेदखली: आदिवासी समुदायों की जमीनों पर अवैध कब्जे और वन अधिकार कानून के उल्लंघन के मामले उठाए जाएंगे। सिंघार ने कहा कि आदिवासियों के जल, जंगल, और जमीन की रक्षा कांग्रेस की प्राथमिकता है।
जातिगत जनगणना: कांग्रेस ने समयबद्ध और पारदर्शी जातिगत जनगणना की मांग की है, ताकि सामाजिक न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
किसानों की समस्याएं: खाद और बीज की किल्लत, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी में देरी, और सोलर पंप जैसी योजनाओं में अनियमितताओं को लेकर सरकार पर सवाल उठाए जाएंगे।
महिलाओं के खिलाफ अत्याचार: प्रदेश में बढ़ते महिला अत्याचार, खासकर भोपाल में हाल ही में सामने आए ड्रग्स और यौन शोषण के मामले, को सदन में उठाया जाएगा।
युवाओं के लिए रोजगार: बेरोजगारी और रिक्त सरकारी पदों पर भर्ती में देरी को लेकर सरकार को घेरने की योजना है।
ड्रग्स तस्करी: भोपाल और अन्य शहरों में बढ़ते ड्रग्स कारोबार, खासकर युवाओं को निशाना बनाने वाले संगठित गिरोहों पर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
ओबीसी आरक्षण: 27% ओबीसी आरक्षण और 13% आरक्षण पर लगे होल्ड को हटाने की मांग को भी जोरदार तरीके से उठाया जाएगा।
इन मुद्दों पर विधायकों ने विस्तार से चर्चा की और सदन में सरकार को घेरने के लिए तथ्यों और सबूतों के साथ रणनीति बनाई। उमंग सिंघार ने कहा, "कांग्रेस का हर विधायक पूरी निडरता के साथ जनता की आवाज उठाएगा। बीजेपी सरकार जनता के मुद्दों से भाग रही है, लेकिन हम उसे जवाब देने के लिए मजबूर करेंगे।"
नव संकल्प शिविर और कांग्रेस की एकजुटता
मांडू में हाल ही में आयोजित नव संकल्प शिविर ने कांग्रेस विधायकों में नई ऊर्जा भरी है। इस शिविर में सामाजिक न्याय, किसानों, मजदूरों, और वंचित वर्गों के हितों के लिए संकल्प लिया गया था। उमंग सिंघार ने X पर लिखा, "यह नव संकल्प शिविर का समापन नहीं है, ये नए युग का संकल्प है जो हमने मध्य प्रदेश के लिए लिया है।" इस शिविर की सफलता ने विधायकों को एकजुट किया और उन्हें विधानसभा में आक्रामक रुख अपनाने के लिए प्रेरित किया।
बैठक में विधायकों ने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस को जनता के बीच जाकर बीजेपी सरकार की नाकामियों को उजागर करना होगा। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी इस बैठक का समर्थन करते हुए कहा कि पार्टी हर जिले में किसानों, युवाओं, और महिलाओं के मुद्दों पर आंदोलन करेगी।
बीजेपी पर निशाना: भ्रष्टाचार और घोटालों की फेहरिस्त
उमंग सिंघार ने बीजेपी सरकार पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने पिछले 15 महीनों में भ्रष्टाचार के कई मुद्दों पर कोई जांच नहीं कराई, जबकि विपक्ष ने इन मुद्दों को बार-बार उठाया। उन्होंने हाल के कुछ घोटालों का जिक्र किया, जैसे:
परिवहन घोटाला: विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने परिवहन विभाग में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए।
भर्ती घोटाले: MPPSC और अन्य भर्ती प्रक्रियाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं के मामले।
खाद-बीज घोटाला: किसानों को समय पर खाद और बीज न मिलने की शिकायतें।
सिंघार ने कहा कि बीजेपी सरकार इन मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए विपक्षी नेताओं पर फर्जी मुकदमे दर्ज कर रही है। उन्होंने हाल के कुछ मामलों, जैसे हरदा में राजपूत छात्रावास में लाठीचार्ज और शिवपुरी-बैराड़ में तालिबानी सजा की घटना, को भी उठाने की बात कही।
बैठक में मौजूद प्रमुख नेता
- उमंग सिंघार: नेता प्रतिपक्ष, मध्य प्रदेश विधानसभा
- कमलेश्वर पटेल: कांग्रेस कार्य समिति (CWC) सदस्य
- हेमंत कटारे: उपनेता प्रतिपक्ष
- डॉ राजेंद्र कुमार सिंह: वरिष्ठ विधायक
- फूलसिंह बरैया: विधायक
- भवरसिंह शेखावत: विधायक
- यादवेंद्र सिंह: विधायक
- सचिन यादव: पूर्व मंत्री और विधायक
- चंदा गौर: विधायक
इसके अलावा, अन्य सभी कांग्रेस विधायकों ने भी बैठक में हिस्सा लिया और अपनी राय रखी।












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