मप्र विधानसभा मानसून सत्र : सदन में 'पप्पू' व 'बंटाधार' जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर बैन, जारी हुई बुकलेट
भोपाल, 9 अगस्त। इन दिनों मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है। पहले दिन भाजपा-कांग्रेस के आरोप प्रत्यारोप के बाद जबरदस्त हंगामा हुआ था। मानसून सत्र को देखते हुए मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने उन शब्दों की सूची जारी की है, जो विधानसभा की कार्यवाही के दौरान प्रतिबंधित रहेंगे। किसी को उन शब्दों के इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं होगी। उन्हें असंसदीय शब्द माना गया है।

1161 शब्द कर दिए बैन
रविवार को मध्य प्रदेश विधानसभा ने रविवार को 38 पेज की बुकलेट जारी की है। बुकलेट में हिंदी में उन 1161 असंसदीय शब्दों, वाक्यों आदि का उल्लेख किया गया है, जिन्हें वर्ष 1954 से विधानसभा के रिकॉर्ड से हटा दिया गया था। बुकलेट विधानसभा भवन में सीएम शिवराज सिंह चौहान, पूर्व सीएम कमलनाथ, संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा व विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने रिलीज की है। यह बुकलेट सोमवार को विधायकों को दी गई है। ताकि सत्र शुरू होने से पहले उन्हें प्रतिबंधित शब्दों की जानकारी हो सके।
एमपी विधानसभा में प्रतिबंधित किए गए कुछ शब्द
- ढोंगी
- निकम्मा
- चोर
- भ्रष्ट
- तानाशाह
- गुंडे
- ससुर
- वेंटीलेटर
- पप्पू
- मिस्टर बंटाधार
- व्यभिचार में लिप्त
'वेंटिलेटर' के प्रतिबंध पर कांग्रेस ने उठाया सवाल
'वेंटिलेटर' शब्द के इस्तेमाल पर प्रतिबंध पर सवाल उठाते हुए, कांग्रेस ने कहा कि कोविड -19 महामारी के दौरान खराब वेंटिलेटर के बारे में कई शिकायतें थीं। कांग्रेस ने पूछा कि विधायकों को इस मुद्दे पर सवाल कैसे उठाना चाहिए, अगर शब्द पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और यह भी पूछा कि 'वेंटिलेटर' के स्थान पर किस शब्द का उपयोग किया जाना चाहिए।
पप्पू व मिस्टर बंटाधार पर प्रतिबंध की वजह
बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा कार्यवाही के दौरान पप्पू व मिस्टर बंटाधार शब्दों का इस्तेमाल प्रतिबंधित किया गया है। इसकी वजह ये हैं भाजपा समर्थक कांग्रेस नेता राहुल गांधी उपहास करने के लिए पप्पू और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह के लिए मिस्टर बंटाधार शब्द का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए इन शब्दों को भी बैन किया गया है।












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