रीवा कलेक्टर पर विधायक का धमाकेदार हमला: "ईमानदार कहलाने की हिम्मत हो तो बोल दें, पूरी पोल खोल दूंगा!"
मध्य प्रदेश की राजनीति में भ्रष्टाचार के आरोपों का नया दौर शुरू हो गया है। रीवा जिले के सेमरिया विधायक अभय मिश्रा ने कलेक्टर प्रतिभा पाल पर सीधा निशाना साधते हुए कहा, "रीवा की कलेक्टर मेडम अगर ईमानदार हैं तो खुलकर बोल दें - मैं उनकी पूरी पोल खोल दूंगा!" विधायक का यह बयान भूमि घोटालों, सरकारी जमीनों के दुरुपयोग और प्रशासनिक हथकंडों पर केंद्रित है।
उधर, कांग्रेस ने सागर कलेक्टर संदीप जीआर के दशहरा ट्वीट पर तंज कसते हुए कहा कि "एमपी में व्याप्त अव्यवस्था के आधार पर अब कलेक्टर सत्य पर असत्य की जीत की शुभकामनाएं दे रहे हैं।" यह विवाद 30 सितंबर को जारी बड़े पैमाने पर कलेक्टरों के तबादलों के ठीक बाद फूटा है, जो राज्य के प्रशासनिक तंत्र को हिला रहा।

विपक्ष ने इसे "मोहन यादव सरकार की भ्रष्टाचार की फैक्ट्री" बताते हुए सीएम से सफाई मांगी, जबकि भाजपा ने "विपक्ष का हताशा का नतीजा" करार दिया। हमारी इस विस्तृत रिपोर्ट में हम विधायक मिश्रा के आरोपों की कड़ियां खोलते हैं, कांग्रेस के हमलों का विश्लेषण करते हैं, तबादलों के संदर्भ को समझाते हैं, और रीवा-सागर प्रशासन की कार्यशैली पर नजर डालते हैं। क्या यह व्यक्तिगत रंजिश है, या राज्य स्तर पर फैले भ्रष्टाचार का आईना?
विधायक अभय मिश्रा का धमकी भरा चैलेंज: "ईमानदार कहें तो दस्तावेजों के साथ सब उजागर"
रीवा शहर के एक सभा में शुक्रवार को सेमरिया विधायक अभय मिश्रा ने कलेक्टर प्रतिभा पाल पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, "कलेक्टर अपने को ईमानदार नहीं बता सकतीं। ये बोल दें कि ईमानदार हैं तो ऐसे पोल खोलेंगे। राजनीति में मैं ईमानदार हूं तो इसके लिए चैलेंज करता हूं कि कोई राजनीति में मेरी बेईमानी बता दे।" मिश्रा ने आरोप लगाया कि विधानसभा में अलग खेल चलता है, जहां हथकंडे अपनाए जाते हैं। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री की नीयत अच्छी है और वे व्यवस्था ठीक करना चाहते हैं। वे क्षेत्र की व्यवस्था को दुरुस्त करना चाहते हैं। लेकिन रीवा कलेक्टर मुख्यमंत्री को कुछ मानती नहीं हैं और जो उप-मुख्यमंत्री कहते हैं, वहीं करती हैं।"
मिश्रा ने कलेक्टर को पत्र लिखा था कि "आपकी कार्यशैली के विरोध में कलेक्टर कार्यालय में विरोध प्रदर्शन करूंगा और छह घंटे तक उपवास रखकर सत्याग्रह करूंगा। इस बार मैं प्रदर्शन करूंगा।" उन्होंने व्यक्तिगत विरोध से इंकार किया, लेकिन कहा, "काम अच्छा नहीं है। रीवा की सरकारी जमीनें लुट गईं, बिक गईं। गांधी जी की प्रेरणा के अनुरूप मैंने सत्याग्रह किया है।"
मिश्रा ने बिजली बिलों के विरोध में पार्टी से अनुमति लेने के बाद 20,000 लोगों के साथ प्रदर्शन का ऐलान भी किया। उनका बयान वायरल हो गया।
रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल (2014 बैच IAS) ने चुप्पी साधी है, लेकिन जिला प्रशासन ने कहा, "आरोप बेबुनियाद। स्वतंत्र जांच होगी।" मिश्रा का दावा: "मेरे पास दस्तावेज हैं - ई-मेल, फाइलें। चुनौती लें तो सब साबित कर दूंगा।"
सागर कलेक्टर का ट्वीट: "सत्य पर असत्य की जीत" - कांग्रेस का तंज, दशहरा पर व्यंग्य
कांग्रेस ने रीवा के साथ सागर कलेक्टर संदीप जीआर (2013 बैच) को भी निशाने पर लिया। दशहरा पर्व पर कलेक्टर ने ट्वीट किया, "दशहरा की शुभकामनाएं। सत्य पर असत्य की जीत का प्रतीक।" कांग्रेस नेता भूपेंद्र गुप्ता ने तंज कसा, "एमपी में व्याप्त अव्यवस्था के आधार पर अब कलेक्टर सत्य पर असत्य की जीत की शुभकामनाएं दे रहे हैं। क्या यह व्यंग्य है या हकीकत?" गुप्ता ने कहा, "सागर में भ्रष्टाचार चरम पर। कलेक्टर की कार्यशैली पर सवाल। दशहरा का संदेश तो अच्छाई की जीत है, लेकिन यहां असत्य जीत रहा।"
सागर में हाल ही में भूमि घोटाले का मामला सामने आया, जहां कलेक्टर पर अवैध पट्टे बांटने का आरोप लगा। कांग्रेस ने दोनों कलेक्टरों को "भाजपा की कठपुतली" बताया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, "मोहन सरकार में IAS अफसरों की मनमानी। तबादले दिखावा, भ्रष्टाचार जिंदा।"












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