आक्सीजन उत्पादन के मामले में पूरी तरह से आत्मनिर्भर होगा मध्य प्रदेश, भंडारण के भी पुख्ता इंतजाम
भोपाल, 8 जून। मध्य प्रदेश आने वाले समय में आक्सीजन उत्पादन के मामले में पूरी तरह से आत्मनिर्भर होगा। उत्पादन के साथ-साथ भंडारण का भी पुख्ता इंतजाम किया जाएगा। इसके लिए निवेश आकर्षित करने पर भी काम होगा। सितंबर 2021 तक अधिकतर संयंत्रों की स्थापना हो जाएगी। इस काम की राज्य, संभाग और जिला स्तर पर निगरानी होगी।

यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को प्रदेश में आक्सीजन संयंत्रों की स्थापना के काम की समीक्षा करते हुए कही। उन्होंने अधिकारियों से कहा प्रदेश में स्थापित होने वाले सभी 101 संयंत्रों से तय समय सीमा में उत्पादन आरंभ हो जाए, इस रणनीति पर काम करें। हमें प्रदेश में 800 टन आक्सीजन भंडारण की क्षमता भी विकसित करनी है।
इसके लिए प्रदेश की योजना बनाकर औद्योगिक इकाइयों तथा भंडारण व्यवस्था की स्थापना की जाए। इसमें यह ध्यान रखा जाए कि कोई भी महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थान नहीं छूटे। प्रदेश के उद्यमियों को भी प्रोत्साहित कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान, प्रमुख सचिव उद्योग एवं चिकित्सा शिक्षा संजय शुक्ला और आयुक्त स्वास्थ्य आकाश त्रिपाठी उपस्थित थे।
बड़े निजी अस्पतालों ने लगाए 50 टन क्षमता के प्लांट
बैठक में बताया गया प्रदेश में 120 टन क्षमता की एयर सेपरेशन यूनिट पहले से काम कर रही हैं। बड़े निजी अस्पतालों 50 टन क्षमता के संयंत्र लगा लिए हैं। 60 टन से अधिक आक्सीजन उत्पादन की नई निजी इकाइयां विकसित करने के प्रस्ताव मिले हैं, जिनका परीक्षण किया जा रहा है।
तीन माह में स्थापित होंगे 101 संयंत्र
प्रदेश में 101 आक्सीजन संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इनमें मेडिकल कालेजों में आठ, जिला अस्पतालों में 60, सिविल अस्पतालों में 12 और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 19 संयंत्र लगेंगे। 18 प्लांट आ चुके हैं। सभी स्थानों पर 30 सितंबर तक संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।












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