MP News: CM हेल्पलाइन शिकायत निपटाने के बदले10 हजार की रिश्वत, BRC अमरवाड़ा के BAC रंगे हाथ गिरफ्तार
Lokayukta action News: मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस की सख्ती लगातार जारी है। पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त श्री योगेश देशमुख के स्पष्ट निर्देश और पुलिस उप महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में जबलपुर लोकायुक्त इकाई ने मंगलवार को छिंदवाड़ा जिले में एक बड़ी ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया।
इस कार्रवाई में ब्लॉक एकेडमिक समन्वयक (BAC) को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है।

CM हेल्पलाइन शिकायत बना रिश्वत का जरिया
लोकायुक्त से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता कविता पीपरडे, पति डॉ. शेखर ब्रम्हने (उम्र 38 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 47, कैलाश विहार कॉलोनी, जिला छिंदवाड़ा हैं। कविता पीपरडे की समिति द्वारा संचालित यूनिक पब्लिक स्कूल, ग्राम सिंगोड़ी, तहसील अमरवाड़ा के खिलाफ सीएम हेल्पलाइन में एक शिकायत दर्ज कराई गई थी।
इस शिकायत के निराकरण के एवज में सत्येन्द्र जैन (उम्र 51 वर्ष), पदस्थ ब्लॉक एकेडमिक समन्वयक (B.A.C), विकासखंड एकेडमिक समन्वयक कार्यालय (B.R.C), अमरवाड़ा, जिला छिंदवाड़ा द्वारा 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी।
रिश्वत लेते ही लोकायुक्त ने दबोचा
पीड़िता ने रिश्वत की मांग से परेशान होकर जबलपुर लोकायुक्त इकाई से संपर्क किया और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत का सत्यापन होने के बाद लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की।
दिनांक 23 दिसंबर 2025 को छिंदवाड़ा के इंडियन कॉफी हाउस, सर्कुलर रोड पर जैसे ही आरोपी सत्येन्द्र जैन ने शिकायतकर्ता से ₹10,000 की रिश्वत ली, लोकायुक्त टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
- लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की
- धारा 7
- धारा 13(1)(B)
- धारा 13(2)
के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपी से पूछताछ जारी है और जल्द ही उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।
ट्रैप दल में ये अधिकारी रहे शामिल
इस सफल ट्रैप कार्रवाई में लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने अहम भूमिका निभाई। ट्रैप दल में शामिल अधिकारी-
- टीएलओ निरीक्षक राहुल गजभिये
- निरीक्षक जितेन्द्र यादव
- उप निरीक्षक शिशिर पांडेय
- लोकायुक्त जबलपुर का अन्य स्टाफ
- शिक्षा विभाग में रिश्वतखोरी पर सवाल
इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। CM हेल्पलाइन जैसी जनहितकारी व्यवस्था को रिश्वत का जरिया बनाए जाने से आम नागरिकों का भरोसा भी प्रभावित हो रहा है। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
लोकायुक्त की चेतावनी
लोकायुक्त पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी सरकारी कार्यालय में रिश्वत की मांग की जाती है, तो बिना भय के लोकायुक्त से शिकायत करें। पहचान गोपनीय रखी जाएगी और सख्त कार्रवाई की जाएगी।












Click it and Unblock the Notifications