Bhopal AIIMS: क्या सच में एम्स में भर्ती शुल्क के लिए ₹10000 चाहिए, जनसंपर्क अधिकारी ने दी जानकारी
Bhopal AIIMS News: राजधानी भोपाल के साकेत नगर में स्थित एम्स में भर्ती शुल्क को लेकर पिछले कुछ दिनों से मीडिया में तरह-तरह की खबरें चल रही है जिसे लेकर एम्स के जनसंपर्क अधिकारी केडी शुक्ला ने मीडिया को जानकारी दी है।
भोपाल एम्स के जनसंपर्क अधिकारी कद शुक्ला ने बताया कि कुछ समाचार पत्रों में हाल में प्रकाशित रुपये 10000 /- भर्ती शुल्क के समाचार प्रकाशित किया जा रहा है। जिसे लेकर एम्स प्रशासन कुछ बिंदु आपके सामने रखे है।

उक्त समाचार भ्रामक है और उन लोगों द्वारा तोड़ -मरोड़ के प्रस्तुत किया जा रहा है जो की अगस्त 2022 से एम्स भोपाल की सुविधाओं में अत्यंत बढ़ोत्तरी से परेशान हैं क्योंकि उनके निजी स्वार्थों और व्यवसाय पर फर्क पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि रुपये 10000 /- भर्ती शुल्क परिपत्र को कभी कार्यान्वित नहीं किया गया था और उसी दिन एक और स्पष्टीकरण परिशिष्ट जारी किया गया जिसको स्वार्थी तत्वों ने नहीं बतायाऔर सिर्फ नकारात्मकता फैलाई। अग्रिम भर्ती शुल्क की वैकल्पिक व्यवस्था जो कि स्वैच्छिक है, मरीजों तथा उनके परिजनों को निजी चिकित्सालयों और लैब्स के दलालों से बचाने हेतु की गयी है, जिससे न सिर्फ मरीज को बार-बार लाइनों में लगने से मुक्ति मिलेगी बल्कि दलालों की गिरफ्त में आने से बचायेगी, जो मरीज और जांचो को बाहर ले जाने का प्रलोभन देते हैं।
- एम्स भोपाल द्वारा अस्पताल के किसी भी शुल्क में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है। जबकि विगत 22 महीनों सुविधाओं में कई गुना बढ़ोत्तरी हुई है और बहुत सारी नयी सुविधाएँ शुरू हुई हैं।
- एम्स भोपाल द्वारा अस्पताल में आये किसी भी मरीज को धन के अभाव के कारण इलाज हेतु कभी भी मना नहीं किया जाता है बल्कि रोगी कल्याण समिति द्वारा जरूरतमंद मरीजों को दवाएं, जांचें, अस्पताल का बेड शुल्क, शल्य चिकित्सा के खर्चे भी दिए जाते हैं।
- इमरजेंसी में आये समस्त मरीजों का पहले 24 घंटे का इलाज हेतु कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। जिससे कोई भी मरीज धनाभाव के कारण एम्स भोपाल में इलाज से वंचित न हो।
- समस्त तरह की जांचे, दवाइयाँ , इम्प्लांट्स की उपलब्धता एम्स भोपाल अस्पताल में हिन्द लैब ,जन औषधि और अमृत फार्मेसी जो कि भारत साकार के उपक्रम हैं, द्वारा सुनिश्चित की गई है जिससे मरीजों को उच्च गुणवत्ता का समस्त इलाज अस्पताल प्रांगण में ही प्राप्त हो।
- 2021 में एम्स भोपाल में लगभग तीन लाख सत्तर हज़ार मरीजों ने OPD में इलाज कराया जबकि और 2022 में यह संख्या छः लाख हुई और 2023 में नौ लाख पैंसठ हजार पार कर गई।
- 2021 में एम्स भोपाल में लगभग 22 हजार मरीजों ने IPD में इलाज कराया जबकि और 2022 में यह संख्या 32000 हुई और 2023 में 52000 पहुँच गई।
- 2021 में एम्स भोपाल में 3994 आयुष्मान लाभार्थियों ने इलाज प्राप्त किया। यह संख्या 2022 में 8700 हुई जो कि 2023 में बढ़ कर 15000 हो गई। 2024 के पहले चार महीनों में ही एम्स भोपाल 6500 आयुष्मान लाभार्थियों को इलाज दे चुका है। एम्स भोपाल का प्रथम किडनी प्रत्यारोपण भी आयुष्मान लाभार्थी को किया गया है।
- एम्स भोपाल पर जन मानस का लगातार विश्वास बढ़ रहा है जोकि एम्स भोपाल में नित दिन बढ़ती मरीजों की संख्या से परिलक्षित है तथा एम्स भोपाल सभी मरीजों, विशेषकर गरीब मरीजों को उच्चतम स्वस्थ्य सेवाएं देने के लिए कटिबद्ध है। सभी से अनुरोध है कि शरारती तत्वों और नकारात्मक खबरों से बचें।












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