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251 किलो आमों से सजा बाबा खाटू श्याम का अनोखा बगीचा, भोपाल के मां वैष्णो धाम में निर्जला एकादशी पर भव्य आयोजन

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर एक अनोखा और मनमोहक दृश्य देखने को मिला। प्लेटिनम प्लाजा स्थित मां वैष्णो धाम आदर्श नवदुर्गा मंदिर और बाबा खाटू श्याम मंदिर में बाबा खाटू श्याम के लिए 251 किलो आमों से सजा एक भव्य आम बगीचा तैयार किया गया।

इस अनूठे आयोजन ने न केवल भक्तों का मन मोह लिया, बल्कि भक्ति और आस्था का एक नया रंग भी बिखेरा। मंदिर को आमों के बगीचे की थीम पर सजाया गया, और बाबा खाटू श्याम को 251 किलो आमों का भोग अर्पित किया गया। भक्तों ने इस अवसर पर बाबा की भजन संध्या में भाव-विभोर होकर आनंद लिया और प्रसाद के रूप में आम बांटे गए।

Khatu Shyam unique garden decorated with 251 kg mangoes Ekadashi at Maa Vaishno Dham in Bhopal

251 किलो आमों से सजा बगीचा, आस्था का अनोखा रंग

मंदिर के व्यवस्थापक पंडित चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि निर्जला एकादशी के मौके पर मंदिर को एक सुंदर आम बगीचे के रूप में सजाया गया। इस विशेष सजावट के लिए 251 किलो आम उपयोग किए गए, जिनमें लंगड़ा, दशहरी, और केसर जैसे स्वादिष्ट और सुगंधित आम शामिल थे। मंदिर का गर्भगृह और परिसर आमों की माला, टोकरियों, और रंग-बिरंगे फूलों से सजा हुआ था, जो एक रमणीय बगीचे का आभास दे रहा था।

पंडित तिवारी ने कहा, "निर्जला एकादशी का व्रत और उत्सव भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन बाबा खाटू श्याम को आमों का भोग लगाना और मंदिर को बगीचे के रूप में सजाना हमारी परंपरा का हिस्सा है। यह न केवल भक्तों की आस्था को बढ़ाता है, बल्कि पर्यावरण और प्रकृति के प्रति प्रेम का संदेश भी देता है।"

बाबा खाटू श्याम को अर्पित हुआ भोग

निर्जला एकादशी के दिन बाबा खाटू श्याम का विशेष अभिषेक किया गया। बाबा की मूर्ति को नए वस्त्र पहनाए गए और फूलों से उनका श्रृंगार किया गया। इसके बाद 251 किलो आमों का भोग अर्पित किया गया, जिसमें विभिन्न प्रकार के आमों को शामिल किया गया। पंडित चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि भोग में शामिल आमों को सावधानीपूर्वक चुना गया, ताकि वे ताजा और स्वादिष्ट हों। भोग के बाद इन आमों को प्रसाद के रूप में भक्तों में वितरित किया गया, जिसे भक्तों ने बड़े उत्साह के साथ ग्रहण किया।

भजन संध्या और ज्योति प्रज्वलन: भक्ति में डूबे भक्त

आयोजन का एक मुख्य आकर्षण रहा भजन संध्या, जिसमें भक्तों ने बाबा खाटू श्याम के भजनों में डूबकर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त किया। भजन संध्या के दौरान "खाटू वाला श्याम, सपने में आता है" और "हाथों में ले श्याम ध्वजा, मन में ले विश्वास" जैसे लोकप्रिय भजनों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। मंदिर में बाबा की ज्योति प्रज्वलित की गई, जिसके सामने भक्तों ने नृत्य और भक्ति के साथ अपनी श्रद्धा अर्पित की। पंडित तिवारी ने बताया कि भजन संध्या देर रात तक चली, और भक्त भाव-विभोर होकर बाबा के दर्शन और पूजा में लीन रहे।

मंदिर की परंपरा, हर एकादशी पर विशेष आयोजन

मां वैष्णो धाम आदर्श नवदुर्गा मंदिर और बाबा खाटू श्याम मंदिर भोपाल में आस्था का प्रमुख केंद्र है। यह मंदिर अपनी भव्य सजावट और अनूठे आयोजनों के लिए जाना जाता है। पंडित चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि हर एकादशी पर बाबा खाटू श्याम का विशेष श्रृंगार और 56 भोग अर्पित किए जाते हैं। पहले भी मोहनी एकादशी और उत्पन्ना एकादशी पर मंदिर में फूलों से विशेष सजावट और छप्पन भोग का आयोजन किया गया था। इस बार निर्जला एकादशी पर आम बगीचे की थीम ने भक्तों के बीच खास उत्साह पैदा किया।

भक्तों में उत्साह, प्रसाद के रूप में बंटे आम

आम बगीचे की थीम और बाबा खाटू श्याम के भव्य दर्शन के लिए मंदिर में हजारों भक्तों की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने बाबा के दर्शन किए और प्रसाद के रूप में आम ग्रहण किए। एक भक्त, रमेश शर्मा, ने कहा, "यह पहली बार है जब मैंने मंदिर को आमों के बगीचे के रूप में सजा देखा। बाबा खाटू श्याम की कृपा से मन को शांति मिली, और प्रसाद के रूप में मिला आम स्वाद और आस्था का अनूठा संगम था।"

महिला भक्त सुनीता वर्मा ने कहा, "निर्जला एकादशी का व्रत रखने के बाद बाबा के दर्शन और भजन संध्या में शामिल होना एक अविस्मरणीय अनुभव रहा। मंदिर का आम बगीचा देखकर ऐसा लगा जैसे हम खाटू धाम में हैं।"

आम बगीचे का संदेश, प्रकृति और भक्ति का संगम

मंदिर को आम बगीचे के रूप में सजाने का विचार न केवल आध्यात्मिक था, बल्कि इसमें पर्यावरण के प्रति संदेश भी छिपा था। पंडित तिवारी ने बताया कि आम को भारतीय संस्कृति में समृद्धि और मंगल का प्रतीक माना जाता है। "251 किलो आमों से सजा यह बगीचा बाबा खाटू श्याम के प्रति हमारी श्रद्धा और प्रकृति के प्रति सम्मान को दर्शाता है। हम चाहते हैं कि भक्तों को यह संदेश मिले कि भक्ति और पर्यावरण का संरक्षण एक साथ चल सकता है।"

मंदिर का इतिहास और महत्व

मां वैष्णो धाम आदर्श नवदुर्गा मंदिर भोपाल का एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र है, जहां मां दुर्गा अपने नौ रूपों में विराजमान हैं। 1976 से यहां दुर्गा उत्सव मनाया जाता रहा है, और 1986 में मंदिर की स्थापना के बाद इसे भव्य रूप दिया गया। 2014 में मंदिर में लालबाग के राजा लक्ष्मीनारायण, राधा-कृष्ण, राम दरबार, पशुपतिनाथ, और हनुमान जी की मूर्तियों की स्थापना की गई। बाबा खाटू श्याम मंदिर भी इसी परिसर में स्थित है, जो भक्तों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र है।

निर्जला एकादशी का महत्व

निर्जला एकादशी को हिंदू धर्म में सबसे कठिन और महत्वपूर्ण एकादशी माना जाता है, क्योंकि इस दिन भक्त बिना जल और भोजन के व्रत रखते हैं। बाबा खाटू श्याम, जिन्हें कलयुग के देवता और भक्तों के संकटमोचक के रूप में पूजा जाता है, के दर्शन और भोग इस दिन विशेष फलदायी माने जाते हैं। मंदिर में इस अवसर पर आयोजित भव्य सजावट और भजन संध्या ने भक्तों की आस्था को और गहरा किया।

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