karni sena video viral : CM शिवराज को गाली देने वाले एक दर्जन करणी सैनिकों के खिलाफ केस दर्ज
भोपाल में सीएम शिवराज के खिलाफ नारे लगाकर और गाली देने के मामले में दर्जनभर से अधिक कार्यकर्ताओं पर केस दर्ज किया गया है। दरअसल कार्यकर्ताओं का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

भोपाल की पिपलानी थाना पुलिस ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ नारे लगाकर अभद्र भाषा का प्रयोग करने के मामले में करणी सेना के दर्जनभर से अधिक कार्यकर्ताओं पर केस दर्ज किया है दरअसल कार्यकर्ताओं का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें वे नारे लगाते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लेकर अभद्र भाषा का उपयोग करते नजर आ रहे हैं। ये वीडियो महात्मा गांधी चौराहे से जम्बूरी मैदान के बीच बनाया गया है। वीडियो बुधवार दोपहर का बताया जा रहा है। अब पुलिस वीडियो के आधार पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले करणी सेना के अज्ञात कार्यकर्ताओं की पहचान का प्रयास कर रही है। पहचान होने पर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
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48 घंटे बाद भी आरोपी गिरफ्तार नहीं
बता दे 48 घंटे से भी ज्यादा वक्त हो चुका है जब ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपशब्द और गालियां दी जा रही हैं। इस वीडियो में ऐसे शब्द है। जिससे हम आपको बता भी नहीं सकते हैं करणी सेना के जंबूरी मैदान पर हुए प्रदर्शन के दौरान सामने आए इस वीडियो के खिलाफ पिपलानी पुलिस ने मामला दर्ज जरूर कर लिया है, लेकिन अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इतना ही नहीं पुलिस ने अब तक आरोपियों के नाम भी सार्वजनिक नहीं की है। पुलिस द्वारा उनकी पहचान करने की बात कही जा रही है।

पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया की तीखी प्रतिक्रिया
राजधानी भोपाल में 4 दिनों तक चला करणी सेना का आंदोलन भले ही खत्म हो गया है लेकिन इस पर सियासत अब भी जारी है। दरअसल करणी सैनिकों का सीएम शिवराज को अपशब्द कहने का वीडियो वायरल हुआ था। इस पर प्रदेश के पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। सिसोदिया ने कहा कि जीवन सिंह को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। मैं खुद भी महाराणा प्रताप का वंशज हूं क्षत्रिय हूं, लेकिन इस तरह की भाषा का उपयोग क्षत्रिय धर्म नहीं कहलाता।

ओबीसी महासभा ने की कार्रवाई की मांग
भोपाल में ओबीसी महासभा के नेताओं ने पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर सीएम शिवराज को गाली देने वाले करणी सैनिकों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने ओबीसी में शामिल सभी जातियों का अपमान किया है सीएम शिवराज ओबीसी वर्ग से आते हैं और उन्हें गंदी गंदी गाली देना सर्व समाज का अपमान है। शिवराज सिंह चौहान प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। हम ने पुलिस से मांग की है कि जल्द से जल्द इन आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्यवाही की जाए और करणी सेना के प्रमुख को इसके लिए माफी मांगना चाहिए।

सीएम शिवराज को गाली देना अशोभनीय निंदनीय : धाकड़ किरार समाज
विदिशा में आज सीएम शिवराज सिंह चौहान के समर्थन में किरार धाकड़ समाज ने जिला मुख्यालय पहुंचकर SP को ज्ञापन सौंपा। समाज के नेता ने बताया कि एक वीडियों वायरल हो रहा है जिसमें सीएम को गाली दी जा रही है। विगत कुछ दिन पहले करणी सेना द्वारा आयोजित आंदोलन में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अनुचित भाषा का प्रयोग कर और गंदी गंदी गालियों द्वारा शिवराज सिंह चौहान की छवि को खराब करने की कोशिश की गई है। साथ ही संपूर्ण मध्यप्रदेश के किरार समाज ही नहीं पूरी ओबीसी समाज और करोड़ों लोगों की भावनाओं को आहत पहुंचाने का कार्य किया गया है। ऐसे कुछ चुनिंदा लोगों के द्वारा इस कृत्य की कोर निंदा करते हुए इन पर कार्रवाई की मांग की है।

4 दिनों तक चला आंदोलन
बता दे भोपाल में करणी सेना का 11 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन 4 दिनों तक चला, जबकि इस आंदोलन के लिए सिर्फ 1 दिन की अनुमति दी गई थी। पुलिस प्रशासन की ओर से बताया गया कि अब तक करणी सेना के नेतृत्व कर्ताओं की ओर से कोई आंदोलन की अनुमति नहीं ली गई है इसके बावजूद लगातार चौथे दिन धरना प्रदर्शन जारी रहा। आंदोलन की कुछ वीडियो भी वायरल हुए। जिसमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपशब्द कहे गए। करणी सेना के आंदोलन के चलते भोपाल वासियों को ट्रैफिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।

18 मांगों पर सरकार के साथ सहमति
बता दें करणी सेना 21 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रही थी। जिसमें सरकार ने 18 मांगों पर सरकार के साथ सहमति जताई है। आरक्षण, एट्रोसिटी समेत 3 मांगों के लिए कमेटी बनाई जाएगी। सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया बुधवार देर शाम करणी सेना प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर से मिलने जंबूरी मैदान पहुंचे। यहां शेरपुर ने भदौरिया को 21 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।

दो महीने में राज्य सरकार को देगी सिफ़ारिश
मुलाकात के बाद करणी सेना परिवार एवं सर्व समाज के प्रवक्ता शैलेंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि सरकार के साथ 18 मांगों के निराकरण पर सहमति बनने की जानकारी दी। बता दें बीतें तीन दिन से डॉ भदौरिया आँदोलनकारियों के संपर्क में थे। वहीं आंदोलन को लेकर एक एसीएस और दो पीएस की कमेटी बनाई गयी है। यह कमेटी दो महीने में सिफ़ारिश राज्य सरकार को देगी।

22 में से 4 मांगों पर नहीं हुई कोई बात
- आरक्षण का आधार आर्थिक किया जाए, जिससे समाज के हर वर्ग के गरीबों को आरक्षण का लाभ मिल सके। एक बार आरक्षण मिलने पर दो बार आरक्षण का लाभ नहीं दिया जाए।
- एससी,एसटी एक्ट में बिना जांच की गिरफ्तारी पर रोक लगे जिससे कोई भी निर्दोष व्यक्ति बिना अपराध के सजाना काटे।
- एससी एसटी एक्ट की तर्ज पर सामान्य पिछड़ा एक्टिव बने, जो सामान्य पिछड़ा वर्ग के हितों की रक्षा करें व कानूनी सहायता प्रदान करें।
- खाद्यान्न रोजमर्रा की चीजों को जीएसटी से मुक्त किया जाए और बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाई जाए।












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