करोड़ों की संपत्ति किसकी होगी? जबलपुर की वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ हेमलता श्रीवास्तव के निधन के बाद घर सील
Jabalpur ophthalmologist: जबलपुर शहर की चिकित्सा जगत की प्रतिष्ठित और वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमलता श्रीवास्तव के निधन के बाद अब उनकी करोड़ों रुपये की संपत्ति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। रविवार शाम उनके निधन की खबर फैलते ही प्रशासन हरकत में आया और संभावित विवाद को देखते हुए राइट टाउन स्थित उनके घर को सील कर दिया गया।
करीब 70 वर्षीय डॉ. श्रीवास्तव पिछले एक महीने से अस्वस्थ थीं। अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उनकी हालत में कुछ सुधार भी हुआ था, लेकिन रविवार को अचानक तबीयत बिगड़ने से उन्होंने अंतिम सांस ली। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत को प्राकृतिक बताया गया है, हालांकि संपत्ति को लेकर दावों की बाढ़ ने पूरे मामले को संवेदनशील बना दिया है।

अंतिम यात्रा में उमड़ा सम्मान
पोस्टमॉर्टम के बाद उनका पार्थिव शरीर उनकी छोटी बहन शांति मिश्रा को सौंपा गया। राइट टाउन स्थित निवास से अंतिम यात्रा निकाली गई, जो रानीताल मुक्तिधाम होते हुए गौरीघाट पहुंची, जहां पूरे विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि उनकी बहन और गायत्री परिवार के एक सदस्य ने दी। शहर के डॉक्टर, सामाजिक कार्यकर्ता और पुराने मरीज बड़ी संख्या में श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
60 करोड़ से अधिक संपत्ति पर कई दावेदार
डॉ. हेमलता श्रीवास्तव की संपत्ति का अनुमान 60 करोड़ रुपये से ज्यादा बताया जा रहा है। इसमें राइट टाउन की करीब 11 हजार वर्ग फीट की प्राइम जमीन, मकान और अन्य चल-अचल संपत्तियां शामिल हैं।
ट्रस्ट का दावा
गायत्री मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि डॉक्टर ने अपनी इच्छा से संपत्ति ट्रस्ट को दान करने की बात कही थी और दान-पत्र तैयार हुआ था।
डॉक्टर परिवार का दावा
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमित जैन और उनकी पत्नी प्राची जैन ने दावा किया है कि डॉक्टर ने जमीन उनके परिवार को अस्पताल निर्माण के लिए देने की इच्छा जताई थी।
डॉक्टर का पूर्व बयान
जनवरी 2026 में तबीयत बिगड़ने के दौरान दिए बयान में डॉ. श्रीवास्तव ने कहा था कि उनसे गलत जानकारी देकर दस्तावेज तैयार कराए गए और उन्होंने कोई दान नहीं दिया। इसी आधार पर कुछ लोगों पर संपत्ति हड़पने का मामला भी दर्ज है।
प्रशासन सख्त: घर सील, पुलिस तैनात
तहसीलदार संदीप जायसवाल के मुताबिक:
घर में किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं है। संपत्ति को सील कर दिया गया है। सभी दावेदारों को नोटिस भेजे जा रहे हैं।रजिस्ट्री और दस्तावेजों की जांच जारी है। एसडीएम स्तर पर जांच चल रही है। प्रशासन का कहना है कि अंतिम निर्णय दस्तावेज, गवाह और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।
सेवा और संवेदनशीलता की मिसाल थीं डॉ. हेमलता
डॉ हेमलता श्रीवास्तव दशकों तक जबलपुर में नेत्र चिकित्सा सेवा देती रहीं। उन्होंने हजारों मरीजों का इलाज किया और गरीबों के लिए मुफ्त जांच व ऑपरेशन भी कराए। पति और इकलौते बेटे के निधन के बाद वे अकेले रह रही थीं, लेकिन सामाजिक और चिकित्सा गतिविधियों में सक्रिय थीं।
लंबा चल सकता है कानूनी संघर्ष
आईएमए, ट्रस्ट, डॉक्टर परिवार और रिश्तेदारों के अलग-अलग दावों के चलते मामला लंबा खिंचने की संभावना है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि वसीयत या वैध दस्तावेज ही अंतिम फैसला तय करेंगे।
बड़ी सीख: वसीयत और पारदर्शिता जरूरी
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि बड़ी संपत्ति होने पर स्पष्ट वसीयत और कानूनी दस्तावेज कितने जरूरी होते हैं, ताकि मृत्यु के बाद विवाद न हो।












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