भोपाल रेंज में 'कमांडो किंग' का नया रोल: IPS इरशाद वली को SAF का अतिरिक्त प्रभार—कौन हैं ये 2004 बैच के योद्धा
मध्य प्रदेश की पुलिस व्यवस्था में देर रात आई हलचल ने एक बार फिर सीनियर IPS अधिकारियों के बीच फेरबदल की। राज्य सरकार ने 7 वरिष्ठ अधिकारियों-एडीजी और आईजी रैंक के-की जिम्मेदारियों में बदलाव किया, जिसमें सबसे चर्चित नाम है 2004 बैच के IPS इरशाद वली का।
वर्तमान में भोपाल में DIG (SAF PHQ) के रूप में तैनात इरशाद को अब SAF भोपाल रेंज का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह कदम न केवल विशेष सशस्त्र बल (SAF) की ताकत बढ़ाएगा, बल्कि इरशाद की 'सहज लेकिन कॉम्बैटेंट' छवि को नई ऊंचाई देगा।

लेकिन सवाल वही-कौन हैं ये IPS इरशाद वली, जिनकी 'असर्टिव अप्रोच' ने मध्य प्रदेश के चार जिलों से लेकर रेंज स्तर तक नाम कमाया है? आइए, उनकी पूरी कहानी जानें-UPSC की कठिन परीक्षा से लेकर हालिया तबादले तक, और वो खास गुण जो उन्हें 'निश्चयात्मक योद्धा' बनाते हैं।
देर रात का सरप्राइज: 7 IPS अधिकारियों में फेरबदल, इरशाद को 'डबल ड्यूटी'
मंगलवार रात जारी हुए आदेशों ने पुलिस मुख्यालय (PHQ) में हलचल मचा दी। मध्य प्रदेश सरकार ने एडीजी/आईजी स्तर के 7 अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया, जो राज्य की कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम माना जा रहा है। मुख्य बदलाव इस प्रकार हैं:
अधिकारी,पहली पोस्टिंग,नई/अतिरिक्त जिम्मेदारी
- राजाबाबू सिंह (एडीजी),एडीजी प्रशिक्षण + शिकायत एवं मानव अधिकार प्रकोष्ठ,केवल एडीजी प्रशिक्षण (मानव अधिकार प्रकोष्ठ हटाया गया)
- देव प्रकाश गुप्ता (एडीजी),सामान्य जिम्मेदारी,"मानव अधिकार, शिकायत प्रकोष्ठ + सामुदायिक पुलिसिंग, RTI, सहकारी धोखाधड़ी, लोक सेवा गारंटी, पुलिस मैनुअल, R&D एवं पुलिस सुधार का अतिरिक्त प्रभार"
- के.पी. व्यंकटेश्वर राव (एडीजी),एडीजी नारकोटिक्स,एडीजी तकनीकी सेवाएं PHQ का अतिरिक्त प्रभार
- इरशाद वली (आईजी),"आईजी SAF PHQ, भोपाल",आईजी SAF भोपाल रेंज का अतिरिक्त प्रभार
यह फेरबदल राज्य के आंतरिक सुरक्षा और विशेष बलों की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से लगता है। SAF (विशेष सशस्त्र बल) भोपाल रेंज मध्य प्रदेश के उत्तरी और मध्य जिलों में दंगा नियंत्रण, VIP सुरक्षा और आपराधिक घटनाओं से निपटने का प्रमुख हथियार है। इरशाद का अतिरिक्त प्रभार उन्हें 'फील्ड कमांडर' की भूमिका देगा, जहां उनकी 'कॉम्बैटेंट अप्रोच' काम आएगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "इरशाद साहब की पोस्टिंग्स हमेशा चुनौतीपूर्ण रही हैं। SAF रेंज में उनका आना राज्य की सुरक्षा को मजबूत करेगा।"
IPS इरशाद वली: 'सहज योद्धा' की प्रेरक यात्रा-मॉडेस्ट बैकग्राउंड से UPSC की फ्लाइंग कलर्स
इरशाद वली का जन्म मध्य प्रदेश में एक साधारण मुस्लिम परिवार में हुआ। जन्म तिथि गोपनीय रखी गई है, लेकिन बचपन से ही उनकी पढ़ाई-लिखाई में रुचि ने सबको प्रभावित किया। एक मॉडेस्ट बैकग्राउंड से निकलकर उन्होंने कड़ी मेहनत से UPSC सिविल सर्विसेज परीक्षा पास की और 2004 बैच में IPS कैडर हासिल किया। मध्य प्रदेश कैडर में आने के बाद उनकी यात्रा एक आम अफसर से सीनियर लीडर तक रही। पिता मोहम्मद अब्दुल वली (2023 में निधन) एक सम्मानित व्यक्ति थे, जिन्होंने इरशाद को अनुशासन और जिम्मेदारी सिखाई। परिवार की गोपनीयता बनाए रखते हुए इरशाद ने हमेशा पेशेवर जीवन पर फोकस किया-न कोई विवाद, न सोशल मीडिया पर चमक।
उनकी छवि? सहज, लेकिन उतने ही कॉम्बैटेंट। सहकर्मी बताते हैं कि इरशाद की 'असर्टिव अप्रोच'-यानी दृढ़ निर्णय लेने की क्षमता-ने उन्हें चुनौतीपूर्ण पोस्टिंग्स दिलाईं। एक पूर्व सहयोगी ने कहा, "वे बातचीत में सॉफ्ट लगते हैं, लेकिन फील्ड में 'योद्धा'। दंगों से लेकर अपराध नियंत्रण तक, उनकी निश्चयात्मक अप्रोच हमेशा काम आई।"
करियर का सफर: 4 जिलों से रेंज तक-'कॉम्बैटेंट' की अनकही कहानियां
इरशाद वली का 20+ साल का करियर मध्य प्रदेश पुलिस की रीढ़ रहा है। UPSC पास करने के बाद ट्रेनिंग पूरी कर वे फील्ड में उतरे। उनकी प्रमुख पोस्टिंग्स इस प्रकार हैं:
इरशाद की पोस्टिंग्स हमेशा 'हॉटस्पॉट्स' रही हैं। बालाघाट रेंज (नक्सल प्रभावित) में उन्होंने DIG के रूप में स्थानीय पुलिस और SAF का बेहतर समन्वय किया। भोपाल रूरल में अपराध दर 15% घटी। एक रिपोर्ट के अनुसार, उनकी 'निश्चयात्मक अप्रोच' ने 2023 होशंगाबाद में बड़े दंगे को रोका। पिता के निधन (जून 2023) के बाद भी उन्होंने ड्यूटी नहीं छोड़ी, जो उनकी समर्पण की मिसाल है।
वर्ष,पोस्टिंग,खास उपलब्धियां/चुनौतियां
- 2004-2010,"ASP/SP: 4 जिलों (भोपाल, इंदौर, होशंगाबाद, बालाघाट?) में SP","ग्रामीण अपराध नियंत्रण, दंगा प्रबंधन-बुनियादी स्तर पर 'कॉम्बैटेंट' अप्रोच से नाम कमाया।"
- 2011-2015,AIG/Additional CP: भोपाल (Law & Order),शहर की कानून व्यवस्था मजबूत की; 2013 दंगों में कुशल भूमिका।
- 2021,IG: भोपाल Rural Zone,ग्रामीण इलाकों में अपराध दर घटी; COVID ड्यूटी में लीडरशिप।
- 2023,IG: होशंगाबाद Zone,नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित; SAF इंटीग्रेशन।
- 2024,"IG: नर्मदापुरम Zone → SAF PHQ, भोपाल",नर्मदापुरम में रिपोर्ट विवाद के बाद ट्रांसफर; SAF में विशेष बलों का आधुनिकीकरण।
- 2025,DIG/IG: SAF PHQ + SAF भोपाल रेंज (अतिरिक्त),विशेष सशस्त्र बलों की क्षमता बढ़ाने का जिम्मा।
'सहज लेकिन कॉम्बैटेंट': इरशाद की छवि-क्यों हैं वे 'अलग'?
इरशाद वली की ताकत उनकी 'बैलेंस्ड अप्रोच' में है। सहजता से टीम को लीड करते हैं, लेकिन कॉम्बैट सिचुएशन में असर्टिव। एक पूर्व SP ने कहा, "वे मीटिंग में चाय की चुस्की लेते हुए रणनीति बनाते हैं, लेकिन फील्ड में 'कमांडो'।" SAF प्रभार में उनकी भूमिका राज्य की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करेगी, खासकर दंगा-प्रवण इलाकों में। सोशल मीडिया पर उनकी चर्चा कम है, लेकिन पुलिस सर्कल में वे 'साइलेंट हीरो' हैं। कोई बड़ा विवाद नहीं-सिर्फ परिणाम।












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