ips simala prasad : कौन हैं आईपीएस सिमाला प्रसाद जो कोरोना संकट में अचानक सुर्खियों में आईं
भोपाल। अच्छी पुलिसिंग को लेकर मध्यप्रदेश की अफसरशाही में अक्सर सुर्खियों में रहने वालीं आईपीएस सिमाला प्रसाद एक बार फिर से चर्चा में है। कोरोना संकट के बीच सिमाला प्रसाद ने एक कविता लिखी है, जो काफी पसंद की जा रही है।

कविता से बढ़ा रहीं पुलिस का हौसला
कोरोना वायरस का संक्रमण मध्य प्रदेश में भी तेजी से फैल रहा है। भोपाल और इंदौर सबसे बड़े हॉटस्पॉट बने हुए हैं। पूरे प्रदेश में पुलिस दिन-रात काम कर रही है। पुलिस बल के लोगों का हौसला बढ़ाने के लिए आईपीएस एसोसिएशन की सचिव IPS सिमाला प्रसाद ने एक कविता लिखी हैं। इस कविता के जरिए उन्होंने बताने की कोशिश की है कि कैसे हम मुसीबतों को झेलते हुए अपने कर्म पथ पर डटे हैं। आम लोग लॉकडाउन का पालन करें और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें।
आईपीएस सिमाला प्रसाद की कविता मैं खाकी हूं...
कभी किसी को जताया नहीं,
कभी किसी को कहा नहीं,
आज अनायास ही लगा कुछ कहूं आपसे,
आज एक साथ को जो खो दिया मैंने,
दुख है, नहीं रोक पाए उसको,
आपको रोकने में जो लगा था वो।
सिमटी बैठी है साड़ी में वो आज अपना सब हार,
फिर खड़ी होगी कल, खाकी ने थामा है उसका हाथ,
फिर लौटेगीं यह नम आंखे, इस बलिदान की चमक के साथ,
मन विचलित है पर हौसला अडिग है,
फिर कस लिया है बेल्ट अपना,
फिर जमा ली है सर पर टोपी
नए प्रकार की है ये ड्यूटी

भोपाल की रहने वाली हैं सिमाला
मूल रूप से भोपाल की रहने वालीं सिमाला ने अपनी पढ़ाई लिखाई वहीं से की है। नक्सली प्रभावित इलाके डिंडौरी में बतौरी एसपी सिमाला प्रसाद के काम को काफी सराहा गया था। भोपाल की बरकतुल्ला यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएशन के बाद सिमाला ने सेल्फ स्टडी करते हुए एमपी पीएससी की परीक्षा पास की औऱ बतौर डीएसपी चुनी गईं।

बॉलीवुड की फिल्मों में भी कर चुकी हैं काम
बता दें कि मध्यप्रदेश कैडर की आईपीएस अफसर सिमाला 2011 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। वह बॉलीवुड की कई फिल्मों में काम कर चुकी हैं। अच्छी पुलिसिंग को लेकर भी सिमाला मध्यप्रदेश में सुर्खियों में रही हैं। प्रदेश के कई जिलों में वह एसपी के रूप में भी तैनात रहीं। इनके पिता डॉ भागीरथ प्रसाद पूर्व सांसद और आईपीएस रहे हैं। मां मेहरुन्निसा परवेज जानी मानी साहित्यकार थीं।












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