Indore Rats Attack: इंदौर में ‘आदमखोर’ चूहों का आतंक! NICU में 2 नवजातों को कुतर कर मारडाला, जिम्मेदार कौन?

Indore Hospital Rats Attack: मध्य प्रदेश के इंदौर में एक ऐसी घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है, जो किसी डरावनी फिल्म से कम नहीं। शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (MYH), जो प्रदेश का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है और जहां माता-पिता अपने मासूम बच्चों की जिंदगी बचाने की उम्मीद लेकर आते हैं, वहां नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में चूहों ने मासूमों को कुतर डाला।

रविवार (31 अगस्त 2025) और सोमवार (1 सितंबर 2025) को दो नवजात बच्चों के हाथ-पैर पर चूहे ने दांत गड़ाए, और अब दोनों मासूमों की मौत हो चुकी है। अस्पताल प्रशासन इसे सेप्टिसीमिया (रक्त संक्रमण) का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहा है, लेकिन सवाल ये है-क्या ये सिर्फ लापरवाही है, या कुछ और? आइए, इस रूह कंपा देनी वाली खबर को विस्तार से जानें...

Indore Hospital Rats Attack

MYH का NICU: जिंदगी का नहीं, मौत का ठिकाना

इंदौर का महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (MYH) मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है, जहां रोजाना हजारों मरीज इलाज की आस में पहुंचते हैं। लेकिन 31 और 1 सितंबर 2025 को इस अस्पताल के NICU में जो हुआ, उसने हर किसी को हिलाकर रख दिया।

  • पहला नवजात: इस बच्चे का वजन मात्र 1.2 किलोग्राम था, और वह जन्म से ही कम हीमोग्लोबिन और कई सर्जिकल समस्याओं से जूझ रहा था। उसे खरगोन में लावारिस हालत में छोड़ दिया गया था, और बाद में MYH में भर्ती किया गया। 31 अगस्त को चूहों ने उसके हाथ और पैर कुतर दिए। मंगलवार (2 सितंबर) को उसकी मौत हो गई। डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने दावा किया कि मौत का कारण सेप्टिसीमिया था, न कि चूहे का काटना।
  • दूसरा नवजात: दूसरी बच्ची, जिसका पेट का ऑपरेशन हुआ था, वेंटिलेटर पर थी। 1 सितंबर को चूहों ने उसके कंधे और उंगलियों को काटा। उसकी हालत गंभीर थी, और बुधवार (3 सितंबर) को उसने भी दम तोड़ दिया।

Indore Mice Attack: मासूमों की मौत का जिम्मेदार कौन? चूहे या अस्पताल?

अस्पताल प्रशासन का दावा है कि दोनों बच्चों की मौत चूहे के काटने से नहीं, बल्कि सेप्टिसीमिया (रक्त संक्रमण) और जन्मजात बीमारियों की वजह से हुई। लेकिन परिजनों और जनता का सवाल है-जो NICU जिंदगी बचाने का सबसे सुरक्षित ठिकाना माना जाता है, वहां चूहे कैसे घुसे? और अगर चूहे पहले से आतंक मचा रहे थे, तो अस्पताल प्रशासन क्यों सोता रहा?

अस्पताल की लापरवाही: चूहों का 'गढ़' बना MYH

MYH का NICU, जहां नवजातों को सबसे ज्यादा सुरक्षा और देखभाल की जरूरत होती है, वहां चूहों का आतंक कोई नई बात नहीं थी। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, NICU में लंबे समय से चूहे उछल-कूद कर रहे थे, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

  • चूहों का आलम: अस्पताल प्रशासन ने माना कि बारिश के कारण चूहे पाइपों और बिलों से NICU में घुस आए।
  • पेस्ट कंट्रोल की नाकामी: अस्पताल का दावा है कि उसने 12,000 चूहे मारने का रिकॉर्ड बनाया और इसके लिए 10,000 रुपये से ज्यादा का बिल पास किया। फिर भी चूहे बेकाबू हैं।
  • खिड़कियों में खामियां: NICU की खिड़कियों पर जालियां नहीं थीं, और परिजनों द्वारा लाया गया खाना चूहों को आकर्षित कर रहा था। अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने सफाई दी, "हम समय-समय पर पेस्ट कंट्रोल कराते हैं, लेकिन मानसून की वजह से चूहों का मूवमेंट बढ़ गया। अब खिड़कियों पर लोहे की जालियां लगाई जा रही हैं, और परिजनों से खाना लाने पर रोक लगाई गई है।' लेकिन सवाल ये है-क्या इतना काफी है?

सख्त एक्शन या खानापूर्ति?

घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और सरकार पर दबाव बढ़ा। त्वरित कार्रवाई में: -

  • दो नर्सिंग ऑफिसर सस्पेंड: आकांक्षा बेंजामिन और श्वेता चौहान को निलंबित किया गया।
  • नर्सिंग सुपरिटेंडेंट हटाए गए: कलावती बलावी को पद से हटा दिया गया।
  • पेस्ट कंट्रोल कंपनी पर जुर्माना: द एजाइल कंपनी पर 1 लाख रुपये का जुर्माना और टर्मिनेशन नोटिस।
  • जांच समिति: MGM मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया की अगुवाई में एक समिति बनाई गई, जो 7 दिन में रिपोर्ट देगी।
  • मानवाधिकार आयोग सख्त: मध्य प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने अस्पताल को नोटिस भेजकर पूछा, "चूहे NICU तक कैसे पहुंचे? जिम्मेदार कौन है?'

चिकित्सा शिक्षा विभाग ने डीन से लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। लेकिन परिजनों और विपक्ष का कहना है कि ये कार्रवाइयां सिर्फ खानापूर्ति हैं।

क्या है MYH का हाल?

MYH और इससे सटे चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय, कैंसर अस्पताल, और टीबी सेंटर चूहों का गढ़ बन चुके हैं। बारिश ने झाड़ियों और बिलों को बढ़ा दिया, जिससे चूहे अस्पताल में घुस रहे हैं। 12,000 चूहे मारने का दावा करने वाला प्रशासन अब भी इस समस्या से जूझ रहा है। NICU में जहां नवजातों को इंक्यूबेटर में रखा जाता है, वहां चूहों की मौजूदगी ने सुरक्षा और स्वच्छता के दावों की पोल खोल दी।

इंदौर का MYH अस्पताल अब जिंदगी का नहीं, बल्कि मौत का ठिकाना बन गया है। दो मासूमों की जान लेने वाले 'आदमखोर' चूहों ने न सिर्फ अस्पताल की लापरवाही उजागर की, बल्कि हर माता-पिता के दिल में डर पैदा कर दिया। क्या सरकार और प्रशासन अब जागेगा, या ये सिर्फ एक और खबर बनकर रह जाएगी? वक्त बताएगा, लेकिन फिलहाल MYH की सलाखों के पीछे छिपा सच हर किसी को डराने के लिए काफी है!

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