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हनी ट्रैप : क्या मध्य प्रदेश सरकार गिराने के लिए हुस्न की परियों ने बनाया था यह प्लान, 2 मंत्री फंसे

भोपाल। मध्य प्रदेश के हाई प्रोफाइल हनी ट्रैप केस में पकड़ी पांचों महिलाओं से पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। ये अफसरों-नेताओं व दौलतमंद लोगों को अपने हुस्न के जाल में फंसाकर उनके अश्लील वीडियो के जरिए न केवल ब्लैक​मेलिंग कर रही थीं बल्कि प्रदेश की सरकार को भी गिराने तक का प्लान बना चुकी थीं।

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मीडिया रिपोर्टर्स में एटीएस सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि इंटेलीजेंस के पास सूचना थी कि भाजपा से जुड़े एक पूर्व मंत्री के इशारे पर इन महिलाओं के गिरोह का इस्तेमाल किया जा रहा है। साजिश के तहत कांग्रेस के 7 विधायकों को हनी ट्रेप में फंसाया जाना था। दो मंत्री फंस भी चुके थे, मगर तीसरा टारगेट पूरा करने से पहले ही पांचों महिलाएं पकड़ी गई और मध्य प्रदेश की राजनीति व नौकरशाही में भूचाल ला देने वाले हनी ट्रैप मामले का भंडाफोड़ हो गया।

इंजीनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर खुलासा

इंजीनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर खुलासा

इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह की पलासिया पुलिस थाने में दी गई शिकायत पर पुलिस व एटीएस की स्पेशल टीम ने 18 सितम्बर की रात को भोपाल तीन और 19 सितम्बर की सुबह इंदौर से दो महिलाओं को पकड़ा था। पूछताछ में इन्होंने कई चौंकाने वाले राज खोले हैं।


जानिए कौन-कौन पकड़ी गई

जानिए कौन-कौन पकड़ी गई

1.बरखा सोनी भटनागर

बरखा सोनी वर्ष 2014 से देह व्यापार में लिप्त है। इसने अमित सोनी से दूसरी शादी की थी। अमित एनजीओ चलाते हैं। एग्रीकल्चर से संबंधित प्रोजेक्ट पर काम करते हैं। सागर की श्वेता जैन की सम्पर्क में आने के बाद बरखा की जिंदगी बदल गई। बरखा के पास कार और ऐशोआराम की तमाम चीजें हैं।

2. आरती दयाल, भोपाल

2. आरती दयाल, भोपाल

सागर लैंडमार्क मिनाल रेसीडेंसी में सालभर से रह रही आरती के क्रेटा गाड़ी की मालकिन है। कथित तौर पर बताया जा रहा है कि आरती छतरपुर में भी करीब दस लोगों को ब्लैकमेल कर चुकी है। 8 माह पहले पति पंकज के खिलाफ छतरपुर के सिविल लाइन थाना में दहेज प्रताड़ना का मामला भी दर्ज करवा चुकी है।

3. श्वेता विजय जैन, सागर

3. श्वेता विजय जैन, सागर

भोपाल के न्यू मीनाल में रहने वाली श्वेता विजय जैन सागर की रहने वाली है। वर्ष 2015 में इलेक्ट्रिकल एंड थर्मल इंसुलेशन प्रोडेक्ट की कंपनी शुरू की थी। पुलिस ने घर से 14.17 लाख नगद बरामद किए हैं। इसने सेकंड हैंड मर्सिडीज (एमपी 04 सीएक्स 0072) इसी साल जून में खरीदी थी। इसके पास एक ऑडी भी है।

4. मोनिका यादव, राजगढ़

4. मोनिका यादव, राजगढ़

पकड़ी पांचों महिलाओं में से मोनिका यादव बीएससी स्टूडेंट है। यह राजगढ़ की रहने वाली है। अभी 18 साल की हुई ही है। कई आईएएस और कुछ नेताओं के पास इसका बेरोक-टोक आना-जाना था। ये मोबाइल फोन पर मीठी बातों और मैसेज से अफसरों को फंसाने में सक्रिय है। आरती ने इसे जोड़ा था।

5. श्वेता स्वप्निल जैन, जयपुर

5. श्वेता स्वप्निल जैन, जयपुर

मध्य प्रदेश हनी ट्रैप कांड के तार राजस्थान से भी जुड़े हैं। पांचवीं आरोपी श्वेता स्वप्निल जैन राजस्थान की राजधानी जयपुर की रहने वाली है। श्वेता भोपाल के रिवेयरा क्षेत्र में रहती है। उसके पति को पब पार्टियों में देखा जाता रहा है। दोस्तों को ठग चुके हैं। श्वेता के घर के पास ऑडी भी खड़ी मिली।

श्वेता जैन की थी मुख्य भूमिका

श्वेता जैन की थी मुख्य भूमिका

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मध्य प्रदेश के विधायकों को फंसाने के मामले में श्वेता विजय जैन की अहम भूमिका थी। इसकी तह तक जाने के लिए ही एटीएस को जिम्मा सौंपा गया था। इसके बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ भी इस पूरे मामले की मॉनीटरिंग कर रहे थे।

कॉल डिटेल के जरिए हुआ भंडाफोड़

कॉल डिटेल के जरिए हुआ भंडाफोड़

एटीएस जांच की फीडबैक मिला कि इस ब्यूटी ब्लैकमेलरों ने दो मंत्रियों को फंसा लिया है, लेकिन तीसरा टारगेट पूरा होने से पहले ही एटीएस ने कॉल डिटेल्स के जरिए इसका भंडाफोड़ कर दिया। पहले यह जांच साइबर सेल को देनी थी, लेकिन उसके एक अधिकारी के आपत्तिजनक वीडियो आने के बाद जांच एटीएस को सौंप दी गई थी।

भाजपा नेताओं से थी नजदीकी

भाजपा नेताओं से थी नजदीकी

दरअसल, श्वेता जैन की भाजपा नेताओं से 2012 से ही नजदीकियां थीं। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2013 का टिकट भी मांगा था, लेकिन एक वीडियो आने के बाद दावेदारी खत्म हो गई थी। सत्ता परिवर्तन होने के साथ ही उसने अपने ब्लैकमेलिंग की स्टाइल में परिवर्तन किया। कांग्रेस में दखल बढ़ाने के लिए उसने टीम भी तैयार की और कांग्रेस नेताओं की नजदीकी रही बरखा सोनी को जोड़ा।

यह काम करती थी टीम ए

यह काम करती थी टीम ए

टीम ए में श्वेता विजय जैन के साथ रिवेरा टाफन में रह रही सहेली स्वाप्निल जैन, लून लाइन में तीन आईएएस, दो आईपीएस,तीन पूर्व मंत्री, चार विधायक भी थे। श्वेता के भरोसेमंद तीन पूर्व मंत्रियों में एक सरकार गिराने का बार-बार बयान देकर सुर्खियों में रहे। ये टीम एनजीओ के नाम पर पैसा कमाती थी।

टीम बी को मिली थी यह जिम्मेदारी

टीम बी को मिली थी यह जिम्मेदारी

सरकार बदलने के बाद श्वेता विजय जैन ने टीम बी बनाई। इसकी मुखिया कांग्रेस में रसूख रखने वाली बरखा को बनाया। इसकी मदद से आरती दयाल को सहयोगी बनाया। उसने करीब 19 लड़कियों को जोड़ा। जिन्हें राजनीतिक या प्रशासनिक गलियारों में नहीं देखा गया। इन्हीं युवतियों और नेताओं के साथ संबंध बनाने का वीडियो क्लिप बरामद हुई है।

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