जानिए कैसे मां से अफेयर का शक बना मौत की वजह! भोपाल में दोस्तों ने मिलकर की युवक की बेरहमी से हत्या
मां के साथ अफेयर के शक में दोस्त की निर्मम हत्या! भोपाल के हबीबगंज इलाके में शनिवार तड़के एक दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया। तीन युवकों ने अपने ही पुराने दोस्त आशीष उइके का गला धारदार हथियार से रेत दिया और फिर पत्थर से उसके सिर को बुरी तरह कुचल दिया।
खून से लथपथ शव की खोजबीन में पुलिस ने महज कुछ घंटों में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामला इतना संवेदनशील है कि आरोपी रंजीत सिंह को अपनी ही मां पर शक था, जिसके चलते उसने दो दिन पहले ही मृतक को जान से मारने की धमकी दे दी थी। तीनों आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और पूछताछ में चौंकाने वाले राज खुल रहे हैं।

पीड़ित की पहचान: पुताई ठेकेदार आशीष उइके, दोस्ती थी दुश्मनी का सबब
हत्या का शिकार बने आशीष उइके (25 वर्ष) भोपाल के हबीबगंज स्थित श्याम नगर मल्टी में रहते थे। वह पुताई का ठेकेदार था और इलाके में अपनी मेहनत के लिए जाना जाता था। पुलिस के अनुसार, आशीष का आरोपी रंजीत सिंह ठाकुर के साथ गहरी पुरानी दोस्ती थी। इसी दोस्ती के चलते आशीष का रंजीत के घर आना-जाना लगा रहता था। लेकिन यही दोस्ती आखिरकार मौत का कारण बन गई। डीसीपी (क्राइम) आशुतोष गुप्ता ने बताया, "आशीष और रंजीत के बीच दोस्ती के बावजूद पुराना विवाद चल रहा था। रंजीत को शक था कि आशीष का उसकी मां के साथ अवैध संबंध है। इसी शक ने हत्या की साजिश रच दी।"
आशीष के परिवारजन सदमे में हैं। उनकी मां ने रोते हुए कहा, "मेरा बेटा निर्दोष था। वह सिर्फ काम के सिलसिले में वहां जाता था। इन जानवरों ने बिना सोचे-समझे उसे मार डाला।" पड़ोसियों का भी यही कहना है कि आशीष शांत स्वभाव का था और कभी किसी से दुश्मनी नहीं रखता था।
खौफनाक वारदात: तड़के गला रेतकर सिर पत्थर से कुचला
शनिवार की तड़के करीब 4 बजे हबीबगंज थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि श्याम नगर मल्टी के एक सुनसान कोने में एक युवक का खून से लथपथ शव पड़ा है। सूचना मिलते ही डीसीपी आशुतोष गुप्ता, एसीपी उमेश तिवारी और थाना प्रभारी की पूरी टीम मौके पर पहुंच गई। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने भी घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, आशीष का गला किसी धारधार हथियार से बुरी तरह रेता गया था, जिससे वह तुरंत बेहोश हो गया। उसके बाद आरोपियों ने एक बड़े पत्थर से उसके सिर और चेहरे को इतना कुचल दिया कि चेहरा पहचान में आने लायक नहीं बचा। घटनास्थल पर वही खून से सना पत्थर बरामद हुआ, जिसे एफएसएल टीम ने सील कर लिया। डीसीपी गुप्ता ने बताया, "शव की हालत इतनी खराब थी कि परिजनों को भी पहचानने में मुश्किल हुई। लेकिन कपड़ों और मोबाइल से पहचान पक्की हो गई।"
दो दिन पहले की धमकी: 'घर के पास मत घूमना, वरना मार देंगे'
जांच में खुलासा हुआ कि हत्या की साजिश दो दिन पहले ही पनप चुकी थी। गुरुवार को रंजीत सिंह ठाकुर और आशीष के बीच जमकर विवाद हुआ था। रंजीत ने आशीष को उसके घर के आसपास न घूमने की सख्त हिदायत दी और जान से मारने की धमकी दी। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, "मैंने सुना था कि रंजीत चिल्ला रहा था, 'तू मेरी मां के पास फिर दिखा तो तेरी लाश बिछा दूंगा!' आशीष ने कुछ नहीं कहा, बस चुपचाप चला गया।"
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले। श्याम नगर मल्टी के आसपास के कैमरों में कैद वीडियो से साफ पता चला कि गुरुवार को विवाद के बाद आशीष वहां से चला गया था, लेकिन शनिवार तड़के वह फिर लौट आया। शायद वह माफी मांगने या बात सुलझाने आया हो, लेकिन यहीं उसकी जान चली गई।
साजिश का खुलासा: तीनों आरोपी पहले से घात लगाए थे
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने तीनों आरोपियों-रंजीत सिंह ठाकुर (27 वर्ष), विनय यादव (24 वर्ष) और निखिल यादव (22 वर्ष)-को महज 6 घंटों में गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में रंजीत ने कबूल किया, "मुझे शक था कि आशीष मां के साथ अफेयर में है। दोस्ती थी, लेकिन विश्वासघात बर्दाश्त नहीं हुआ।" विनय और निखिल रंजीत के चचेरे भाई हैं और उन्होंने मुख्य आरोपी का साथ दिया।
डीसीपी गुप्ता ने बताया "तीनों शनिवार तड़के 3:30 बजे से ही श्याम नगर मल्टी में घात लगाए थे। आशीष के पहुंचते ही रंजीत ने चाकू से गला रेत दिया। बाकी दोनों ने पत्थर से सिर पर वार किए। वारदात के बाद वे भागने की कोशिश में थे, लेकिन मुखबिर की मदद से पकड़े गए।" आरोपियों के पास से खून से सना चाकू और कपड़े भी बरामद हो चुके हैं।
पुलिस कार्रवाई: हिरासत में तीनों, सख्त केस दर्ज
हबीबगंज थाने में हत्या (IPC 302), साजिश (IPC 120B) और सबूत मिटाने (IPC 201) की धाराओं में केस दर्ज हो गया है। तीनों को 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। एसीपी उमेश तिवारी ने बताया, "पूछताछ में और राज खुल सकते हैं। क्या अफेयर का शक सही था या सिर्फ बहाना? यह जांच का विषय है।" पुलिस ने आशीष के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड भी खंगाल लिए हैं, जिसमें रंजीत से आखिरी कॉल गुरुवार रात की मिली।












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