Bhopal News: पीएम मोदी की आवास योजना को अधिकारियों ने बनाया कचरा, भोपाल में नगर निगम ऑफिस का घेराव
Bhopal News: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नगर निगम के हाउसिंग फॉर ऑल प्रोजेक्ट में हो रही भारी देरी और प्रशासन की लापरवाही से परेशान हितग्राहियों ने सोमवार को आईएसबीटी स्थित नगर निगम कार्यालय का घेराव कर दिया।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कार्यालय के भीतर घुसने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद गुस्साए लोग निगम कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के पोस्टर के साथ प्रदर्शन
प्रदर्शन कर रहे हितग्राहियों के हाथों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पोस्टर थे। वे अपनी शिकायतों और समस्याओं को सुनने के लिए नगर निगम कमिश्नर हरेंद्र नारायण और महापौर मालती राय को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारी यह भी आरोप लगा रहे थे कि महापौर मालती राय ने इस मुद्दे पर बात करने से मना कर दिया, जिससे उनकी नाराजगी और बढ़ गई।
निगम कमिश्नर का घेराव
विरोध बढ़ता देख नगर निगम के कमिश्नर हरेंद्र नारायण मौके पर पहुंचे, लेकिन वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों ने उनका घेराव कर लिया। स्थिति तनावपूर्ण हो गई, और पुलिस को मौके पर तैनात किया गया। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर निगम अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की और उन्हें तत्काल समाधान देने की अपील की।

दिवाली तक घर देने का किया था वादा
नगर निगम के हाउसिंग फॉर ऑल प्रोजेक्ट के तहत दिए जाने वाले फ्लैट्स में हो रही भारी देरी से परेशान हितग्राही कहना है कि नगर निगम ने दिवाली तक घर देने का वादा किया था, लेकिन यह वादा अब तक पूरा नहीं हुआ है। 12 नंबर मल्टी में फ्लैट बुक कराने वाले लोकेंद्र श्रीवास्तव जैसे हजारों लोग अपने घर का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक न तो बिल्डिंग बनकर तैयार हुई है और न ही बिजली और अन्य सुविधाएं दी गई हैं।
लोगों ने बताएं अपने दर्द
लोकेंद्र कुमार जो बिजली कंपनी में कार्यरत हैं, ने बताया कि उन्होंने 6 साल पहले 12 नंबर मल्टी में एक फ्लैट बुक कराया था, लेकिन अब तक उन्हें वह नहीं मिला है। उन्होंने कहा, "नगर निगम ने दिवाली तक घर देने का वादा किया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ। न तो बिल्डिंग पूरी हुई है, न ही बिजली लाइन बिछी है। चारों ओर गंदगी है और मलबा पड़ा है। मैं पिछले 5 सालों से होम लोन की किश्त और किराया दोनों भर रहा हूं। मेरे वेतन का 50-60% हिस्सा केवल मकान के लिए जाता है।"

धीमी गति से काम और दो साल तक इंतजार की संभावना
नितेश का कहना है कि मल्टी बनाने का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। उन्होंने कहा, "अगर काम इसी रफ्तार से चलता रहा तो मुझे अगले 2 साल में भी अपना घर नहीं मिलेगा।" उनका आरोप है कि नगर निगम और प्रशासन की लापरवाही के कारण हितग्राही परेशान हैं, और अब उनके पास कोई ठोस जवाब नहीं मिल रहा है।
नितेश राय का दर्द: कॉल रिसीव नहीं होतीं, समस्याओं का कोई समाधान नहीं
हितग्राही नितेश राय ने बताया कि नगर निगम कार्यालय में जिम्मेदार अधिकारी मोबाइल पर कॉल रिसीव नहीं करते। "अगर कॉल रिसीव कर भी लें तो कोई ठोस जवाब नहीं मिलता," नितेश ने कहा। उन्होंने बताया कि घर न मिलने के कारण उन्हें दोहरी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ मकान के किराए की किश्त और दूसरी तरफ बैंक लोन की किश्त, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है।
वंशकार की शिकायत: ठेकेदारों की लापरवाही से क्वालिटी में कमी
विशनु वंशकार, एक और हितग्राही ने कहा कि पुराने ठेकेदार द्वारा किए गए काम की क्वालिटी बहुत खराब है। "दीवारों से सीमेंट निकल रहा है, और नए ठेकेदार ने इसे सही करने की बजाय पुट्टी लगा दी है। यह भविष्य में और भी समस्याएं पैदा करेगा," वंशकार ने कहा। इस तरह के निर्माण कार्यों की लापरवाही से भविष्य में भी कई हितग्राही परेशान हो सकते हैं।












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