Indore News: पीथमपुर में ऑयल कंपनी में गैस रिसाव, 3 कर्मचारियों की दर्दनाक मौत, पुलिस और प्रशासन अलर्ट
Indore Gas leak News: मध्य प्रदेश के औद्योगिक केंद्र पीथमपुर में रविवार, 7 सितंबर 2025 की रात एक दिल दहलाने वाला हादसा हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। बगदून थाना क्षेत्र में स्थित सागर श्री ऑयल कंपनी में गैस रिसाव की घटना में तीन कर्मचारियों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान सुनील (35), दीपक (30), और जगदीश के रूप में हुई है, जो सभी इंडोरमा, पीथमपुर के निवासी थे।
यह हादसा रात करीब 8:30 बजे हुआ, जब प्लांट में काम के दौरान अचानक गैस लीक होने लगी। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बगदून पुलिस और जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है, और मृतकों के परिजनों में गम और गुस्से का माहौल है।

गैस रिसाव ने छीनी तीन जिंदगियां
हादसा सागर श्री ऑयल कंपनी के एक प्रोसेसिंग यूनिट में हुआ, जहाँ रविवार रात कर्मचारी नियमित कार्य में व्यस्त थे। कंपनी के मैनेजर लोकेश गुप्ता ने बताया, "हम लोग प्लांट में सामान्य काम कर रहे थे। अचानक एक मशीन से गैस लीकेज शुरू हो गया। इससे एक कर्मचारी, सुनील, तुरंत बेहोश होकर गिर गया। उसे बचाने के लिए उसके दो साथी, दीपक और जगदीश, पास गए, लेकिन वे भी जहरीली गैस की चपेट में आ गए।"
तीनों कर्मचारी बेहोशी की हालत में फर्श पर गिर पड़े। वहाँ मौजूद अन्य कर्मचारियों ने तुरंत स्थिति को भांपते हुए उन्हें बाहर निकाला और नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें इंदौर के MY अस्पताल रेफर किया गया। लेकिन, अफसोस, अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। MY अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ पीएस ठाकुर ने बताया, "तीनों कर्मचारी जब अस्पताल लाए गए, तब तक उनकी साँसें थम चुकी थीं। प्रारंभिक जांच में जहरीली गैस के कारण दम घुटने से मृत्यु की पुष्टि हुई है।"
पुलिस और प्रशासन का त्वरित एक्शन
हादसे की सूचना मिलते ही बगदून थाना प्रभारी राजेंद्र सोनी अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। उन्होंने बताया, "हमें रात 8:45 बजे के आसपास सूचना मिली थी। मैं तुरंत प्लांट पहुँचा और स्थिति का जायजा लिया। कर्मचारियों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।"
पुलिस ने कंपनी के मैनेजर और अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं। थाना प्रभारी सोनी ने कहा, "हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि गैस रिसाव का कारण क्या था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह एक टेक्निकल फॉल्ट हो सकता है। हम फॉरेंसिक टीम और औद्योगिक सुरक्षा विशेषज्ञों की मदद से जांच कर रहे हैं।"
धार जिला कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने भी घटना पर दुख जताया और कहा, "हमने कंपनी को नोटिस जारी किया है और प्लांट में सुरक्षा मानकों की जाँच की जा रही है। मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी।"
परिवारों पर टूटा दुख का पहाड़
मृतक कर्मचारी सुनील, दीपक, और जगदीश पीथमपुर के इंडोरमा क्षेत्र के निवासी थे और सागर श्री ऑयल कंपनी में कई वर्षों से काम कर रहे थे। सुनील के परिवार में उनकी पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं, जबकि दीपक और जगदीश अविवाहित थे। उनके परिजन हादसे की खबर सुनकर कंपनी परिसर और MY अस्पताल पहुँचे, जहाँ मातम का माहौल छा गया।
सुनील की पत्नी राधा ने रोते हुए कहा, "वह रोज़ की तरह काम पर गए थे। हमें क्या पता था कि यह हादसा हो जाएगा? कंपनी ने सुरक्षा का कोई ध्यान नहीं रखा।" दीपक के भाई रमेश ने प्रशासन से मांग की कि इस हादसे की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सजा दी जाए।
पीथमपुर और औद्योगिक सुरक्षा: पहले भी हो चुके हैं हादसे
पीथमपुर मध्य प्रदेश का एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र है, जहाँ 1,250 से ज्यादा छोटी-बड़ी इकाइयाँ हैं। लेकिन यह पहली बार नहीं है जब यहाँ कोई बड़ा हादसा हुआ हो। 2024 में एक केमिकल फैक्ट्री में आग लगने से दो कर्मचारियों को गंभीर चोटें आई थीं। 2023 में एक अन्य कंपनी में बॉयलर विस्फोट में एक कर्मचारी की मौत हो गई थी।
औद्योगिक सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ अजय वर्मा ने बताया, "पीथमपुर में कई कंपनियाँ पुराने उपकरणों का इस्तेमाल करती हैं, और नियमित रखरखाव की कमी होती है। गैस रिसाव जैसे हादसों को रोकने के लिए सेंसर सिस्टम, नियमित ऑडिट, और कर्मचारी प्रशिक्षण जरूरी है।"
प्रशासन और कंपनी की जिम्मेदारी
सागर श्री ऑयल कंपनी ने इस हादसे पर खेद जताया है और कहा कि वे मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करेंगे। मैनेजर लोकेश गुप्ता ने कहा, "यह एक अप्रत्याशित घटना थी। हमारी कंपनी में सभी सुरक्षा मानक लागू हैं, लेकिन इस बार टेक्निकल खराबी हुई। हम प्रशासन के साथ पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं।"
मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPPCB) ने भी इस मामले में दखल दिया है और कंपनी के सुरक्षा ऑडिट की मांग की है। MPPCB के क्षेत्रीय अधिकारी संजय मेहता ने कहा, "हम यह जाँच करेंगे कि क्या कंपनी ने खतरनाक गैसों के प्रबंधन के लिए जरूरी प्रोटोकॉल का पालन किया था। अगर कोई लापरवाही पाई गई, तो सख्त कार्रवाई होगी।"
मध्य प्रदेश में गैस रिसाव की घटनाएं
मध्य प्रदेश में गैस रिसाव की यह कोई नई घटना नहीं है। 1984 के भोपाल गैस त्रासदी के बाद से प्रदेश में औद्योगिक सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठते रहे हैं। 2025 में ही पालघर में एक फार्मा कंपनी में गैस रिसाव से चार कर्मचारियों की मौत हुई थी, और 2024 में गुजरात में दो कर्मचारियों की गैस रिसाव से मृत्यु हो गई थी।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस हादसे पर शोक जताया और ट्वीट किया, "पीथमपुर की घटना अत्यंत दुखद है। मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी। मैंने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि इसकी गहन जांच हो और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।"












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